{"_id":"69fa5a79cb3b925e9d07903a","slug":"government-policies-were-opposed-at-the-technical-services-union-convention-mohali-news-c-71-1-spkl1025-142121-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: टेक्निकल सर्विसेज यूनियन कन्वेंशन में सरकारी नीतियों का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: टेक्निकल सर्विसेज यूनियन कन्वेंशन में सरकारी नीतियों का किया विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। टेक्निकल सर्विसेज यूनियन की ओर से सर्कल प्रधान गुरबख्श सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कन्वेंशन में सरकारी नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। इस दौरान संगठनात्मक चुनावों और आगामी संघर्ष कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए यूनियन की पंजाब इकाई के वरिष्ठ उपप्रधान जगतार सिंह खुंडा और उपप्रधान चंद्र प्रकाश वर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी सीड बिल 2025 को रद्द करने और श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियां निजीकरण को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली एक्ट 2003 और 2025 के जरिए बिजली क्षेत्र के निजीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जो कर्मचारियों और आम जनता के हित में नहीं है। नेताओं ने सभी कर्मचारी, किसान और मजदूर संगठनों से एकजुट होकर निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज करने की अपील की। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों का 18 प्रतिशत डीए और बकाया राशि देने तथा सीएचबी कर्मचारियों को स्थायी रूप से भर्ती करने की मांग भी की। इस मौके पर रजिंदर कुमार, संदीप नागपाल, जगदीप सिंह, जतिंदर सिंह, हरबंस सिंह, गुरमीत सिंह, मनजीत सिंह, हरजीत सिंह, सौदागर सिंह, बलविंदर सिंह, जसपाल सिंह, परमजीत सिंह सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियां निजीकरण को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली एक्ट 2003 और 2025 के जरिए बिजली क्षेत्र के निजीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जो कर्मचारियों और आम जनता के हित में नहीं है। नेताओं ने सभी कर्मचारी, किसान और मजदूर संगठनों से एकजुट होकर निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज करने की अपील की। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों का 18 प्रतिशत डीए और बकाया राशि देने तथा सीएचबी कर्मचारियों को स्थायी रूप से भर्ती करने की मांग भी की। इस मौके पर रजिंदर कुमार, संदीप नागपाल, जगदीप सिंह, जतिंदर सिंह, हरबंस सिंह, गुरमीत सिंह, मनजीत सिंह, हरजीत सिंह, सौदागर सिंह, बलविंदर सिंह, जसपाल सिंह, परमजीत सिंह सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन