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सरकारी मुलाजिमों और पीटीआई शिक्षकों ने मांगों के लिए जाम किया वीआईपी सिटी मोहाली
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मोहाली। राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष पर चल रहे विभिन्न विभागों के सरकारी मुलाजिमों, बेरोजगार पीटीआई और ईटीटी टैट पास शिक्षकों ने सोमवार को शहर की सड़कों पर जाम लगा दिया। इस दौरान खरड़-चंडीगढ़ हाईवे, एयरपोर्ट रोड सोहाना और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के दफ्तर के बाहर जाम लगा दिया। इससे सुबह से शाम तक आम लोग परेशान होते रहे। हालांकि पुलिस ने वैकल्पिक इंतजाम किए, लेकिन पांच मिनट के सफर के लिए लोगों को पूरे शहर का या आसपास के गांवों का चक्कर लगाना पड़ा। इससे जहां लोगों का समय और वाहनों का तेल खर्च हुुआ, वहीं, इलाके में प्रदूषण की मात्रा बढ़ने से दिक्कत हुई। साथ ही संघर्ष पर चल रहे मुलाजिमों ने चेतावनी दी है कि अगर सुनवाई नहीं हुई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
एयरपोर्ट रोड पर साढ़े सात घंटे तक आवाजाही रही बंद
एयरपोर्ट रोड पर सोहाना में गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां में पानी की टंकी पर बैठकर कई दिनों से संघर्ष पर चल रहे पीटीआई 646 बेरोजगार अध्यापक यूनियन के सदस्यों ने सोमवार को अपना संघर्ष तेज कर दिया। पंजाब के कई जिलों से पहुंचे टीचरों ने किसानों के सहयोग से गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां सोहाना के लाइट प्वाइंट पर जाम लगा दिया। इस मौके पर शहर में आवाजाही ठप हो गई। क्योंकि शिक्षक प्रत्येक लाइट प्वाइंट पर हर तरफ से आने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई और जाम लगने से लोग परेशान हुए। इस धरने में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे और अध्यापकों को संबोधित किया। साथ जाम से पहले बेरोजगार अध्यापक पानी वाली टंकी से पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सोहाना चौक की ओर जाने लगे तो पुलिस ने इनको रोकने की कोशिश की और धक्का मुक्की भी हुई। पर अध्यापक किसानों के सहयोग से सोहाना चौक पर धरना लगाने में सफल हो गए। यहां पर सुबह 12 बजे से शाम 7 बजे तक संघर्ष चला। आखिर में पुलिस सख्ती करने लगी तो टंकी पर चढ़े टीचरों ने कपड़ों को लगाकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। आखिर में पुलिस ने किसानों के सहयोग से संघर्ष खत्म करवाया। साथ ही जल्दी ही उनकी शिक्षामंत्री से बैठक का भरोसा दिया।
शिक्षा विभाग के बाहर पुलिस और सरकारी मुलाजिमों में धक्का मुक्की
फेज-8 स्थित शिक्षा विभाग की इमारत के बाहर भी सर्व शिक्षा अभियान के दफ्तरी मुलाजिम और मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिम भी संघर्ष की राह पर आ गए। उनका कहना है कि वह सालों से काम कर रहे हैं। लेकिन सरकार उन्हें स्थायी नहीं कर रही है। बल्कि उनके वेतन में इजाफा करने के बजाए उनके तबादले किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनको स्थायी करने के प्रस्ताव को वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन फिर भी उसे कैबिनेट में जाकर मंजूरी नहीं दी जा रही है। इस दौरान उनकी और पुलिस की जमकर धक्का मुक्की हुई। इससे पहले मुलाजिमों ने फेज 7 में रैली की और उसके बाद फेज 8 स्थित शिक्षा भवन की तरफ कूच कर गए और भवन का घेराव करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर ईटीटी टैट पास शिक्षकों ने लगाया जाम, दोपहर 2 बजे से देर रात तक फंसे रहे वाहन
क्रासर - सरकार की ओर से सुनवाई न होने पर भड़का बेरोजगार शिक्षकों का गुस्सा
खरड़ और साथ लगते इलाके के लोगों को गांवों के बीच से होकर जाना पड़ा घर
पुलिस ने खरड़ बस स्टैंड और कुराली से व्यवस्था संभाल कर दूसरे रास्तों से भेजे वाहन
मोहाली। संघर्ष पर चल रहे बेरोजगार ईटीटी टैट पास शिक्षकों ने सोमवार की दोपहर 2 बजे खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर देसूमाजरा के नजदीक जाम लगा दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पुलिस बल होने के बावजूद भी शिक्षक यहां पर जाम लगाने में कामयाब रहे। इस जाम से हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गई और वाहन चालकों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए देर रात तक परेशानी झेलनी पड़ी। खरड़ और इसके साथ लगते इलाके के लोग गांवों से होकर घर पहुंचे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़, दिल्ली और अंबाला जाने वाले ट्रैफिक को खरड़ और कुुराली से विभाजित करके निकाला। जबकि मोहाली से खरड़ जाने वाले ट्रैफिक को लांडरां और चप्पड़चिड़ी से होकर निकला गया। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा।
जानकारी के मुताबिक पिछले 5 दिन से दो शिक्षक परम और अमन निवासी फाजिल्का देसूमाजरा सोहाना के पास पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। लेकिन सरकार की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। शिक्षकों का आरोप है कि सीएम पंजाब रोजाना वहां से गुजरते हैं लेकिन फिर भी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सोमवार को पूरे पंजाब से काफी संख्या में शिक्षक खरड़ पहुंचे। इसके बाद सुनवाई न किए जाने से आहत शिक्षकों ने सोमवार को दोपहर 2 बजे हाईवे जाम कर दिया। जिससे लोग मुश्किल में आ गए। बेरोजगार शिक्षकों ने बताया कि साढ़े 4 साल के लगातार संघर्ष के बाद 2364 और 6635 ईटीटी पद उन्हें प्राप्त हुए थे। जिसमें से 2364 ईटीटी के पदों पर संशोधन कर बाहरी उम्मीदवारों को मौका दिया गया। इसी वजह से यह भर्ती प्रक्रिया लटक रही है। वहीं, दूसरी ओर इस वजह से 6635 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती 2364 चयनित उम्मीदवारों की ओर से हजारों की संख्या में दोगुने होने का खतरा पैदा हो गया है। ऐेसे में सरकार से अपील है कि पहले 2364 अध्यापकों की भर्ती पूरी करें साथ ही इस संबंधी कोई पुख्ता कानून बनाया जाए, जिससे हजारों बेरोजगार लोगों को फायदा मिले। शिक्षकों ने साफ किया है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो और चह संघर्ष और तेज करेंगे।
बेरोजगार शिक्षकों की मुख्य मांगें
बेरोजगार ईटीटी शिक्षक अपनी जिन मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं इनमें नंबर एक 2364 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती में केवल ईटीटी चयनित उम्मीदवारों को ही भर्ती किया जाए। दूसरे 6635 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती को जल्द पूरा किया जाए और तीसरे उम्र सीमा पार कर चुके उम्मीदवारों को 6635 ईटीटी अध्यापक भर्ती में उम्र सीमा में छूट दी जाए और चौथे 2364 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती में चयनित हो चुके उम्मीदवारों को 6635 दोबारा मौका न दिया जाए।
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एयरपोर्ट रोड पर साढ़े सात घंटे तक आवाजाही रही बंद
एयरपोर्ट रोड पर सोहाना में गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां में पानी की टंकी पर बैठकर कई दिनों से संघर्ष पर चल रहे पीटीआई 646 बेरोजगार अध्यापक यूनियन के सदस्यों ने सोमवार को अपना संघर्ष तेज कर दिया। पंजाब के कई जिलों से पहुंचे टीचरों ने किसानों के सहयोग से गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां सोहाना के लाइट प्वाइंट पर जाम लगा दिया। इस मौके पर शहर में आवाजाही ठप हो गई। क्योंकि शिक्षक प्रत्येक लाइट प्वाइंट पर हर तरफ से आने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई और जाम लगने से लोग परेशान हुए। इस धरने में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे और अध्यापकों को संबोधित किया। साथ जाम से पहले बेरोजगार अध्यापक पानी वाली टंकी से पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सोहाना चौक की ओर जाने लगे तो पुलिस ने इनको रोकने की कोशिश की और धक्का मुक्की भी हुई। पर अध्यापक किसानों के सहयोग से सोहाना चौक पर धरना लगाने में सफल हो गए। यहां पर सुबह 12 बजे से शाम 7 बजे तक संघर्ष चला। आखिर में पुलिस सख्ती करने लगी तो टंकी पर चढ़े टीचरों ने कपड़ों को लगाकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। आखिर में पुलिस ने किसानों के सहयोग से संघर्ष खत्म करवाया। साथ ही जल्दी ही उनकी शिक्षामंत्री से बैठक का भरोसा दिया।
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शिक्षा विभाग के बाहर पुलिस और सरकारी मुलाजिमों में धक्का मुक्की
फेज-8 स्थित शिक्षा विभाग की इमारत के बाहर भी सर्व शिक्षा अभियान के दफ्तरी मुलाजिम और मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिम भी संघर्ष की राह पर आ गए। उनका कहना है कि वह सालों से काम कर रहे हैं। लेकिन सरकार उन्हें स्थायी नहीं कर रही है। बल्कि उनके वेतन में इजाफा करने के बजाए उनके तबादले किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनको स्थायी करने के प्रस्ताव को वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन फिर भी उसे कैबिनेट में जाकर मंजूरी नहीं दी जा रही है। इस दौरान उनकी और पुलिस की जमकर धक्का मुक्की हुई। इससे पहले मुलाजिमों ने फेज 7 में रैली की और उसके बाद फेज 8 स्थित शिक्षा भवन की तरफ कूच कर गए और भवन का घेराव करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर ईटीटी टैट पास शिक्षकों ने लगाया जाम, दोपहर 2 बजे से देर रात तक फंसे रहे वाहन
क्रासर - सरकार की ओर से सुनवाई न होने पर भड़का बेरोजगार शिक्षकों का गुस्सा
खरड़ और साथ लगते इलाके के लोगों को गांवों के बीच से होकर जाना पड़ा घर
पुलिस ने खरड़ बस स्टैंड और कुराली से व्यवस्था संभाल कर दूसरे रास्तों से भेजे वाहन
मोहाली। संघर्ष पर चल रहे बेरोजगार ईटीटी टैट पास शिक्षकों ने सोमवार की दोपहर 2 बजे खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर देसूमाजरा के नजदीक जाम लगा दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पुलिस बल होने के बावजूद भी शिक्षक यहां पर जाम लगाने में कामयाब रहे। इस जाम से हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गई और वाहन चालकों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए देर रात तक परेशानी झेलनी पड़ी। खरड़ और इसके साथ लगते इलाके के लोग गांवों से होकर घर पहुंचे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़, दिल्ली और अंबाला जाने वाले ट्रैफिक को खरड़ और कुुराली से विभाजित करके निकाला। जबकि मोहाली से खरड़ जाने वाले ट्रैफिक को लांडरां और चप्पड़चिड़ी से होकर निकला गया। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा।
जानकारी के मुताबिक पिछले 5 दिन से दो शिक्षक परम और अमन निवासी फाजिल्का देसूमाजरा सोहाना के पास पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। लेकिन सरकार की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। शिक्षकों का आरोप है कि सीएम पंजाब रोजाना वहां से गुजरते हैं लेकिन फिर भी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सोमवार को पूरे पंजाब से काफी संख्या में शिक्षक खरड़ पहुंचे। इसके बाद सुनवाई न किए जाने से आहत शिक्षकों ने सोमवार को दोपहर 2 बजे हाईवे जाम कर दिया। जिससे लोग मुश्किल में आ गए। बेरोजगार शिक्षकों ने बताया कि साढ़े 4 साल के लगातार संघर्ष के बाद 2364 और 6635 ईटीटी पद उन्हें प्राप्त हुए थे। जिसमें से 2364 ईटीटी के पदों पर संशोधन कर बाहरी उम्मीदवारों को मौका दिया गया। इसी वजह से यह भर्ती प्रक्रिया लटक रही है। वहीं, दूसरी ओर इस वजह से 6635 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती 2364 चयनित उम्मीदवारों की ओर से हजारों की संख्या में दोगुने होने का खतरा पैदा हो गया है। ऐेसे में सरकार से अपील है कि पहले 2364 अध्यापकों की भर्ती पूरी करें साथ ही इस संबंधी कोई पुख्ता कानून बनाया जाए, जिससे हजारों बेरोजगार लोगों को फायदा मिले। शिक्षकों ने साफ किया है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो और चह संघर्ष और तेज करेंगे।
बेरोजगार शिक्षकों की मुख्य मांगें
बेरोजगार ईटीटी शिक्षक अपनी जिन मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं इनमें नंबर एक 2364 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती में केवल ईटीटी चयनित उम्मीदवारों को ही भर्ती किया जाए। दूसरे 6635 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती को जल्द पूरा किया जाए और तीसरे उम्र सीमा पार कर चुके उम्मीदवारों को 6635 ईटीटी अध्यापक भर्ती में उम्र सीमा में छूट दी जाए और चौथे 2364 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती में चयनित हो चुके उम्मीदवारों को 6635 दोबारा मौका न दिया जाए।