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Mohali News: भूमि अधिग्रहण से पहले गमाडा कराएगा ड्रोन सर्वे
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मोहाली। न्यू चंडीगढ़ की इको सिटी-3 और एरोट्रोपोलिस परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अब विकास कार्यों की तैयारी तेज हो गई है। निर्माण शुरू होने से पहले अधिग्रहित जमीन पर संपत्तियों का गमाडा द्वारा ड्रोन से सर्वे करवाया जा रहा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलते ही गमाडा इस पर काम शुरू कर देगा। इस सर्वे का उद्देश्य मुआवजे के आकलन में पारदर्शिता लाना और भविष्य के विवादों से बचना है।
सर्वे को लेकर विभाग की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ड्रोन सर्वे से प्रत्येक संपत्ति का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। गमाडा के अहम प्रोजेक्ट इको सिटी-3 और एरोट्रोपोलिस में अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर मौजूद मकानों, ढांचों, पेड़ों, बागों और ट्यूबवेलों जैसी अचल संपत्तियों की पहचान की जाएगी। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है। इसका लक्ष्य भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा तय करने में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। साथ ही, अधिग्रहित जमीन का कब्जा मिलने के तीन वर्ष के भीतर विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
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नई नीति के तहत अधिग्रहण प्रभावित गांवों को शहरी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। सरकारी स्कूल, पंचायत संपत्तियां, डिस्पेंसरी और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को यथासंभव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, गांवों की सीवरेज, पेयजल और बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को गमाडा के शहरी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
यदि किसी गांव में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन की कमी होगी, तो गमाडा नियमों के तहत आर्थिक सहायता देने पर भी विचार कर सकेगा। गमाडा के एलएसी रोहित जिंदल ने बताया कि एरोट्रोपोलिस क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अनुमति मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही ड्रोन सर्वे शुरू कराया जाएगा, जिसके बाद विकास कार्यों की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। संवाद
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलते ही गमाडा इस पर काम शुरू कर देगा। इस सर्वे का उद्देश्य मुआवजे के आकलन में पारदर्शिता लाना और भविष्य के विवादों से बचना है।
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सर्वे को लेकर विभाग की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ड्रोन सर्वे से प्रत्येक संपत्ति का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। गमाडा के अहम प्रोजेक्ट इको सिटी-3 और एरोट्रोपोलिस में अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर मौजूद मकानों, ढांचों, पेड़ों, बागों और ट्यूबवेलों जैसी अचल संपत्तियों की पहचान की जाएगी। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है। इसका लक्ष्य भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा तय करने में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। साथ ही, अधिग्रहित जमीन का कब्जा मिलने के तीन वर्ष के भीतर विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
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नई नीति के तहत अधिग्रहण प्रभावित गांवों को शहरी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। सरकारी स्कूल, पंचायत संपत्तियां, डिस्पेंसरी और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को यथासंभव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, गांवों की सीवरेज, पेयजल और बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को गमाडा के शहरी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
यदि किसी गांव में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन की कमी होगी, तो गमाडा नियमों के तहत आर्थिक सहायता देने पर भी विचार कर सकेगा। गमाडा के एलएसी रोहित जिंदल ने बताया कि एरोट्रोपोलिस क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अनुमति मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही ड्रोन सर्वे शुरू कराया जाएगा, जिसके बाद विकास कार्यों की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। संवाद