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मोहालीवासियों को प्रशासन देगा एक बड़े खतरे से राहत
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Tue, 26 Apr 2016 10:43 AM IST
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मोहाली की विभिन्न सड़कों और रिहायशी एरिया में हादसों को न्योता दे रहे सूखे पेड़ों की वजह से अब लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। आखिर गमाडा ने सूखे पेड़ों को काटने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद है कि आने वाले महीने में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। गमाडा यह काम एक प्राइवेट कंपनी के माध्यम से करवा रहा है।
जबकि गमाडा का हॉर्टिकल्चर विभाग प्रोजेक्ट में नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने कुछ समय पहले शहर के विभिन्न इलाकों का सर्वे करवाया था। इसमें करीब दो सौ सूखे पेड़ खड़े होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बाद से यह काम अधर में लटका हुआ था। कई बार इलाके की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने इस संबंध में गमाडा को शिकायत दी। वहीं, गत कुछ वर्षों में इन सूखे पेड़ों के तने उखड़ने, टूट कर टहनियां गिरने से गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने के साथ लोग भी चोटिल हो चुके हैं। खतरे का सबब बने यह सूखे पेड़ सोमवार से हटाए जाएंगे। पार्षद अरुण शर्मा व अशोक झा ने पेड़ों के काटने का काम शुरू होने पर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि यह मांग लंबे समय से चल रही थी। इससे शहर का काफी फायदा होगा।
दो साल पहले पेड़ गिरने से हो गई थी मौत
दो साल पहले चावला लाइट प्वाइंट से फेज-7 चंडीगढ़ को जाने वाली सड़क पर एक पेड़ गिरने से हादसा हो गया था। पेड़ एक बस स्टॉप पर गिरा था। वहीं, पेड़ के वजन से बस क्यू शेल्टर गिर गया था। जिससे शेल्टर के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत गई थी।
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इन इलाकों में हैं सूखे पेड़ों से खतरा
शहर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां सड़कों के किनारे सूखे हुए पेड़ खड़े हैं। सबसे ज्यादा सूखे पेड़ फेज-7 से न्यू बस स्टैंड को जाने वाली सड़क के दोनों, फेज-6 के रिहायशी क्षेत्र में, फेज-2, फेज-4, फेज-3 व अन्य इलाकों में पेड़ स्थित हैं।
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जबकि गमाडा का हॉर्टिकल्चर विभाग प्रोजेक्ट में नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने कुछ समय पहले शहर के विभिन्न इलाकों का सर्वे करवाया था। इसमें करीब दो सौ सूखे पेड़ खड़े होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बाद से यह काम अधर में लटका हुआ था। कई बार इलाके की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने इस संबंध में गमाडा को शिकायत दी। वहीं, गत कुछ वर्षों में इन सूखे पेड़ों के तने उखड़ने, टूट कर टहनियां गिरने से गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने के साथ लोग भी चोटिल हो चुके हैं। खतरे का सबब बने यह सूखे पेड़ सोमवार से हटाए जाएंगे। पार्षद अरुण शर्मा व अशोक झा ने पेड़ों के काटने का काम शुरू होने पर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि यह मांग लंबे समय से चल रही थी। इससे शहर का काफी फायदा होगा।
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दो साल पहले पेड़ गिरने से हो गई थी मौत
दो साल पहले चावला लाइट प्वाइंट से फेज-7 चंडीगढ़ को जाने वाली सड़क पर एक पेड़ गिरने से हादसा हो गया था। पेड़ एक बस स्टॉप पर गिरा था। वहीं, पेड़ के वजन से बस क्यू शेल्टर गिर गया था। जिससे शेल्टर के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत गई थी।
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इन इलाकों में हैं सूखे पेड़ों से खतरा
शहर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां सड़कों के किनारे सूखे हुए पेड़ खड़े हैं। सबसे ज्यादा सूखे पेड़ फेज-7 से न्यू बस स्टैंड को जाने वाली सड़क के दोनों, फेज-6 के रिहायशी क्षेत्र में, फेज-2, फेज-4, फेज-3 व अन्य इलाकों में पेड़ स्थित हैं।