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लोगों के विरोध के बाद आखिर खाली हाथ लौटी गमाडा की टीमें
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मोहाली। गांव जुझार नगर में अवैध तरीके से बनी एक कॉलोनी को कड़ी सुरक्षा में गिराने बुधवार को पहुंची गमाडा की टीम को लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इस कारण गमाडा की टीम यहां एक ईंट तक नहीं गिरा पाई। लोगों का कहना था कि वे अपने मकान किसी भी कीमत पर नहीं गिरने देंगे। इस मौके पर मोहाली के एसडीएम जगदीप सहगल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को साफ कहा कि वह हाईकोर्ट में केस हार चुके हैं। अगर वह इस तरह कार्रवाई को रोकते हैं तो यह हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। जिसके बाद लोगों का कहना था कि उन्हें कुछ समय दिया जाए। इसके बाद गमाडा की टीम ने लोगों को कुछ समय में मकान खाली करने की मोहलत देते हुए अपनी कार्रवाई रोक दी।
जानकारी के मुताबिक पुलिस की कड़ी सुरक्षा के साथ गमाडा की टीम गांव जुझार नगर में पहुंचकर सीधे एक अवैध कॉलोनी में निर्माण गिराने के लिए जाने लगी। लेकिन लोगों ने कॉलोनी के रास्ते पर अपने वाहन खडे़ कर उनका रास्ता बंद कर दिया। लोगों का कहना था कि वे अपने मकान नहीं टूटने देंगे। अगर ऐसा किया तो यहीं अपनी जान दे देंगे। जबकि गमाडा के अधिकारियों का कहना था कि पेरीफेरी एक्ट को तोड़कर कॉलोनी बनाई गई है। कॉलोनी वाले कोर्ट में केस 2019 में हार गए थे। लेकिन उस समय कोरोना काल होने की वजह से कार्रवाई नहीं की गई थी। इसलिए अब अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में लोगों को पहले नोटिस तक जारी किए गए हैं। दोपहर तक मामला गर्माया रहा। आखिर में दोनों पक्षों में इस मामले पर चर्चा हुई। साथ ही गमाडा ने उक्त लोगों को कॉलोनी खाली करने का और समय दे दिया। इसके बाद गमाडा की टीम अपनी जेसीबी लेकर वहां से चली आई। गमाडा के एसडीओ हरप्रीत सिंह ने बताया कि नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। किसी के साथ धक्केशाही नहीं की जा रही है। उक्त अवैध कॉलोनी के लोग कोर्ट में केस हार चुके हैं। अभी करीब 70 अवैध मकान गिराए जाने हैं।
रजिस्ट्री पहले से ही बंद, पता नहीं कैसे हो रहा निर्माण
गमाडा के एसडीओ ने बताया कि इस कॉलोनी के इलाके में जमीन की रजिस्ट्री बंद कर दी गई। बिजली के कनेक्शन के लिए गमाडा की तरफ से कोई एनओसी जारी नहीं की जाती है। लेकिन फिर भी उक्त एरिया में बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गमाडा की तरफ से लाल डोरे के बाहर वाली सभी जगह जमीन की रजिस्ट्री बंद करने के लिए सब रजिस्ट्रार को पत्र पहले से ही लिखा हुआ है।
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लोग बोले- बिल्डरों और अधिकारियों पर करो कार्रवाई
इस मौके पर गमाडा की कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उन्होंने 4-5 साल पहले अमित एनक्लेव में मकान बनाए हैं। उन्होंने बाकायदा रजिस्ट्री करवाई और बैंकों से लोन तक लिए हुए हैं, जिसकी वे किश्त भर रहे हैं। यहां तक कि बिजली के कनेक्शन भी उन्हें दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब मकानों का निर्माण गलत है तो उस समय क्यों नहीं रोका गया, जब वह यहां पर मकान बना रहे थे। अकसर सरकार की नींद तभी क्यों खुलती है जब लोग अपनी खून-पसीने की कमाई लगाकर मकान बना चुके हाते हैं। लोगों का कहना था कि हमारे मकान गिराने के बजाय प्रॉपर्टी डीलरों, बिल्डरों और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो इस इलाके की देखरेख कर रहे थे कि यहां अवैध निर्माण न हो पाए। इस तरह जमीन खरीदने के बाद निर्माण शुरू करने से पहले ही कार्रवाई की जानी चाहिए थी। जिससे अब लोगों के साथ धक्केशाही न होती।
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जानकारी के मुताबिक पुलिस की कड़ी सुरक्षा के साथ गमाडा की टीम गांव जुझार नगर में पहुंचकर सीधे एक अवैध कॉलोनी में निर्माण गिराने के लिए जाने लगी। लेकिन लोगों ने कॉलोनी के रास्ते पर अपने वाहन खडे़ कर उनका रास्ता बंद कर दिया। लोगों का कहना था कि वे अपने मकान नहीं टूटने देंगे। अगर ऐसा किया तो यहीं अपनी जान दे देंगे। जबकि गमाडा के अधिकारियों का कहना था कि पेरीफेरी एक्ट को तोड़कर कॉलोनी बनाई गई है। कॉलोनी वाले कोर्ट में केस 2019 में हार गए थे। लेकिन उस समय कोरोना काल होने की वजह से कार्रवाई नहीं की गई थी। इसलिए अब अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में लोगों को पहले नोटिस तक जारी किए गए हैं। दोपहर तक मामला गर्माया रहा। आखिर में दोनों पक्षों में इस मामले पर चर्चा हुई। साथ ही गमाडा ने उक्त लोगों को कॉलोनी खाली करने का और समय दे दिया। इसके बाद गमाडा की टीम अपनी जेसीबी लेकर वहां से चली आई। गमाडा के एसडीओ हरप्रीत सिंह ने बताया कि नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। किसी के साथ धक्केशाही नहीं की जा रही है। उक्त अवैध कॉलोनी के लोग कोर्ट में केस हार चुके हैं। अभी करीब 70 अवैध मकान गिराए जाने हैं।
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रजिस्ट्री पहले से ही बंद, पता नहीं कैसे हो रहा निर्माण
गमाडा के एसडीओ ने बताया कि इस कॉलोनी के इलाके में जमीन की रजिस्ट्री बंद कर दी गई। बिजली के कनेक्शन के लिए गमाडा की तरफ से कोई एनओसी जारी नहीं की जाती है। लेकिन फिर भी उक्त एरिया में बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गमाडा की तरफ से लाल डोरे के बाहर वाली सभी जगह जमीन की रजिस्ट्री बंद करने के लिए सब रजिस्ट्रार को पत्र पहले से ही लिखा हुआ है।
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लोग बोले- बिल्डरों और अधिकारियों पर करो कार्रवाई
इस मौके पर गमाडा की कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उन्होंने 4-5 साल पहले अमित एनक्लेव में मकान बनाए हैं। उन्होंने बाकायदा रजिस्ट्री करवाई और बैंकों से लोन तक लिए हुए हैं, जिसकी वे किश्त भर रहे हैं। यहां तक कि बिजली के कनेक्शन भी उन्हें दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब मकानों का निर्माण गलत है तो उस समय क्यों नहीं रोका गया, जब वह यहां पर मकान बना रहे थे। अकसर सरकार की नींद तभी क्यों खुलती है जब लोग अपनी खून-पसीने की कमाई लगाकर मकान बना चुके हाते हैं। लोगों का कहना था कि हमारे मकान गिराने के बजाय प्रॉपर्टी डीलरों, बिल्डरों और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो इस इलाके की देखरेख कर रहे थे कि यहां अवैध निर्माण न हो पाए। इस तरह जमीन खरीदने के बाद निर्माण शुरू करने से पहले ही कार्रवाई की जानी चाहिए थी। जिससे अब लोगों के साथ धक्केशाही न होती।