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स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने के नाम पर की आठ लाख रुपये की ठगी
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मोहाली। स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने के नाम पर आठ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में फेज-1 थाने की पुलिस ने आरोपी चरणप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी चरणप्रीत सिंह फेज-2 में एक इमिग्रेशन कंपनी चलाता है और पुलिस ने उस पर धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर किया है।
पुलिस को दी शिकायत में खरड़ निवासी सतविंदर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी सिमरनजीत कौर ने आइलेटस करने के बाद स्टडी वीजा पर कनाडा जाना था। इसके लिए वह फेज-2 में एक इमिग्रेशन कंपनी में गई और यहां पर उसे कंपनी का मालिक चरणप्रीत सिंह मिला। चरणप्रीत सिंह ने कहा कि वह उसे तीन महीने में स्टडी वीजा पर कनाडा भेज देगा। इसके बाद 31 मई, 2019 में आरोपी ने उसे फोन करके कहा कि आपका कनाडा से स्टडी वीजा का ऑफर लैटर आ गया है। इसके बाद उसने कॉलेज में दाखिला फीस के रूप में 5 लाख 30 हजार 400 रुपये ले लिए थे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर उसने स्टडी वीजा के लिए करीब 12 लाख 1800 रुपये ले लिए। इसके बाद सिमरनजीत कौर ने जब कॉलेज से आफर लैटर की कॉपी हासिल की तो वहां से पता चला कि चरणप्रीत सिंह ने उनकी बेटी के स्टडी वीजा की फाइल ही आगे नहीं लगाई थी।
इसके बाद जब शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी चरणप्रीत सिंह को बुलाया तो पैसे वापस करने के लिए समझौता हो गया। इसके बाद आरोपी ने सिर्फ 3 लाख 50 हजार रुपये ही वापस किए। बाकी पैसे के जो चेक चरणप्रीत सिंह ने दिए थे वह बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी पर धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस को दी शिकायत में खरड़ निवासी सतविंदर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी सिमरनजीत कौर ने आइलेटस करने के बाद स्टडी वीजा पर कनाडा जाना था। इसके लिए वह फेज-2 में एक इमिग्रेशन कंपनी में गई और यहां पर उसे कंपनी का मालिक चरणप्रीत सिंह मिला। चरणप्रीत सिंह ने कहा कि वह उसे तीन महीने में स्टडी वीजा पर कनाडा भेज देगा। इसके बाद 31 मई, 2019 में आरोपी ने उसे फोन करके कहा कि आपका कनाडा से स्टडी वीजा का ऑफर लैटर आ गया है। इसके बाद उसने कॉलेज में दाखिला फीस के रूप में 5 लाख 30 हजार 400 रुपये ले लिए थे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर उसने स्टडी वीजा के लिए करीब 12 लाख 1800 रुपये ले लिए। इसके बाद सिमरनजीत कौर ने जब कॉलेज से आफर लैटर की कॉपी हासिल की तो वहां से पता चला कि चरणप्रीत सिंह ने उनकी बेटी के स्टडी वीजा की फाइल ही आगे नहीं लगाई थी।
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इसके बाद जब शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी चरणप्रीत सिंह को बुलाया तो पैसे वापस करने के लिए समझौता हो गया। इसके बाद आरोपी ने सिर्फ 3 लाख 50 हजार रुपये ही वापस किए। बाकी पैसे के जो चेक चरणप्रीत सिंह ने दिए थे वह बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी पर धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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