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गिरफ्तार नायब तहसीलदार, पटवारी, नंबरदार समेत चार आरोपी सात दिन के रिमांड पर
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मोहाली । गांव स्यूंक की शामलात जमीन का इंतकाल निजी लोगों के नाम करने के मामले में गिरफ्तार नायब तहसीलदार समेत चार आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें सात दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
गत दिवस विजिलेंस ब्यूरो ने एक लंबी जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
आरोपियों की पेशी के दौरान उनका रिमांड लेने के लिए विजिलेंस ने अदालत के समक्ष कई तर्क देते हुए अदालत को बताया की ये मामला काफी गंभीर है और इसमें कई और खुलासे हो सकते हैं। इसलिए आरोपियों से गहन पूछताछ की जरूरत है।
अदालत को बताया गया कि कई ऐसे लोगों के नाम जमीन दिखाई गई है, जो गांव के निवासी तक नहीं थे। विजिलेंस का तर्क सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर भेज दिया। पकड़े गए आरोपियों में नायब तहसीलदार वरिंदर पाल सिंह धूत, पटवारी इकबाल सिंह, प्रॉपर्टी डीलर शाम लाल व नंबरदार गुरनाम सिंह शामिल है।
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विजिलेंस से मिली जानकारी के मुताबिक केस की जांच में सामने आया है कि गांव स्यूंक की शामलात जमीन बारे एडीसी विकास की तरफ से साल 2016 के एक फैसले अनुसार उस समय नायब तहसीलदार माजरी वरिंदरपाल सिंह दूत, कानूनगो रघबीर सिंह व पटवारी इकबाल सिंह व शाम लाल प्रॉपर्टी डीलर, गुरनाम सिंह नंबरदार व अन्य प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर जमीन के हिस्सों की बांट संबंधी इंतकाल दर्ज किए। लेकिन इंतकाल के समय इन लागों ने 1295 एकड़ जमीन की बांट में से गांव स्यूंक के चौबीस हिस्सेदार दिखाए थे। इनमें बलजीत कौर, नसीब सिंह, बंता सिंह, उजागर सिंह आदि के हिस्से करीब 117 एकड़ कम कर दिए गए। जबकि कई ऐसे हिस्सेदार जोड़ दिए, जो कि उक्त गांव के निवासी नहीं थे। इनमें राम कृष्ण, कुलविंद्र सिंह शामिल हैं, जिनके हिस्से अधिक पाए थे। इसी तरह जमीन के हिस्सों को घटाने बढ़ाने की वजह से 99 एकड़ चार कनाल 14.32 मरले का अंतर पाया गया। इस इंतकाल के बाद नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह दूत, कानूनगो रघबीर सिंह, पटवारी इकबाल सिंह, प्रॉपर्टी डीलर शाम लाल गुजर, तरमेल लाल, बलबीर सिंह, जसविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनबीर सिंह, काबल सिंह व गुरनाम सिंह नंबरदार ने उक्त जमीन का मुखतियारनामा कर उसे आगे आनंद खोसला, निशान सिंह लोगों को करोड़ों रुपये में बेच दी थी।
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गत दिवस विजिलेंस ब्यूरो ने एक लंबी जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
आरोपियों की पेशी के दौरान उनका रिमांड लेने के लिए विजिलेंस ने अदालत के समक्ष कई तर्क देते हुए अदालत को बताया की ये मामला काफी गंभीर है और इसमें कई और खुलासे हो सकते हैं। इसलिए आरोपियों से गहन पूछताछ की जरूरत है।
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अदालत को बताया गया कि कई ऐसे लोगों के नाम जमीन दिखाई गई है, जो गांव के निवासी तक नहीं थे। विजिलेंस का तर्क सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को सात दिन के रिमांड पर भेज दिया। पकड़े गए आरोपियों में नायब तहसीलदार वरिंदर पाल सिंह धूत, पटवारी इकबाल सिंह, प्रॉपर्टी डीलर शाम लाल व नंबरदार गुरनाम सिंह शामिल है।
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विजिलेंस से मिली जानकारी के मुताबिक केस की जांच में सामने आया है कि गांव स्यूंक की शामलात जमीन बारे एडीसी विकास की तरफ से साल 2016 के एक फैसले अनुसार उस समय नायब तहसीलदार माजरी वरिंदरपाल सिंह दूत, कानूनगो रघबीर सिंह व पटवारी इकबाल सिंह व शाम लाल प्रॉपर्टी डीलर, गुरनाम सिंह नंबरदार व अन्य प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर जमीन के हिस्सों की बांट संबंधी इंतकाल दर्ज किए। लेकिन इंतकाल के समय इन लागों ने 1295 एकड़ जमीन की बांट में से गांव स्यूंक के चौबीस हिस्सेदार दिखाए थे। इनमें बलजीत कौर, नसीब सिंह, बंता सिंह, उजागर सिंह आदि के हिस्से करीब 117 एकड़ कम कर दिए गए। जबकि कई ऐसे हिस्सेदार जोड़ दिए, जो कि उक्त गांव के निवासी नहीं थे। इनमें राम कृष्ण, कुलविंद्र सिंह शामिल हैं, जिनके हिस्से अधिक पाए थे। इसी तरह जमीन के हिस्सों को घटाने बढ़ाने की वजह से 99 एकड़ चार कनाल 14.32 मरले का अंतर पाया गया। इस इंतकाल के बाद नायब तहसीलदार वरिंदरपाल सिंह दूत, कानूनगो रघबीर सिंह, पटवारी इकबाल सिंह, प्रॉपर्टी डीलर शाम लाल गुजर, तरमेल लाल, बलबीर सिंह, जसविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनबीर सिंह, काबल सिंह व गुरनाम सिंह नंबरदार ने उक्त जमीन का मुखतियारनामा कर उसे आगे आनंद खोसला, निशान सिंह लोगों को करोड़ों रुपये में बेच दी थी।