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पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की मुश्किलें बढ़ीं, जिला अदालत ने जारी किया नोटिस
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मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो ने एक बार फिर पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जिला अदालत में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें विजिलेंस की ओर से दलील दी गई है कि जब सैनी को एफआईआर नंबर-11 में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया तो उनके वकीलों ने अदालत में झूठ बोला था। ऐसे में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। इस संबंध में अदालत की ओर से सैनी के खिलाफ 14 सितंबर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जानकारी के मुताबिक विजिलेंस की ओर से पूर्व डीजीपी सैनी को 18 अगस्त को नामजद कर गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सैनी को 19 अगस्त को करीब 12 बजे चीफ ज्यूडिशियल की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान विजिलेंस की ओर सैनी के 7 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की गई थी। अदालत में सैनी के वकीलों ने बताया था कि हाईकोर्ट ने रिमांड की पूरी कार्रवाई पर रोक लगाई हुई है। इसके बाद जिला अदालत की ओर से उस समय पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। जबकि हाईकोर्ट की ओर से शाम करीब 6 बजे फैसला सुनाया था।
बता दें कि पूर्व डीजीपी को 18 अगस्त को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर पहुंचे थे। इसके बाद अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया था। जबकि उनके वकीलों ने इसी मामले में हाईकोर्ट की शरण ली थी। साथ ही हाईकोर्ट की तरफ से जारी आदेशों के बाद रात 2 बजकर 10 मिनट पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। इस केस में विजिलेंस सैनी का रिमांड तक हासिल नहीं कर पाई थी।
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जानकारी के मुताबिक विजिलेंस की ओर से पूर्व डीजीपी सैनी को 18 अगस्त को नामजद कर गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सैनी को 19 अगस्त को करीब 12 बजे चीफ ज्यूडिशियल की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान विजिलेंस की ओर सैनी के 7 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की गई थी। अदालत में सैनी के वकीलों ने बताया था कि हाईकोर्ट ने रिमांड की पूरी कार्रवाई पर रोक लगाई हुई है। इसके बाद जिला अदालत की ओर से उस समय पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। जबकि हाईकोर्ट की ओर से शाम करीब 6 बजे फैसला सुनाया था।
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बता दें कि पूर्व डीजीपी को 18 अगस्त को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर पहुंचे थे। इसके बाद अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया था। जबकि उनके वकीलों ने इसी मामले में हाईकोर्ट की शरण ली थी। साथ ही हाईकोर्ट की तरफ से जारी आदेशों के बाद रात 2 बजकर 10 मिनट पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। इस केस में विजिलेंस सैनी का रिमांड तक हासिल नहीं कर पाई थी।
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