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Mohali News: पहले दो विभागों के खींचतान में फंसा प्रोजेक्ट, अब टेंडर प्रक्रिया में देरी
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पंचकूला। जिले करीब 398 सीसीटीवी कैमरे नगर निगम की ओर से लगाए गए थे। कई कैमरे लंबे समय से खराब हैं। इनमें 393 बॉक्स, 57 पीटीजेड और 23 एनपीआर कैमरे शामिल हैं। नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली के चलते टेंडर जारी होने के पहले ही आदर्श आचार संहिता लग गई, जो छह जून तक प्रभावी रहेगी। क्योंकि अभी टेंडर प्रोसेस में है। आचार संहिता के बाद कैमरों का टेंडर खुलेगा। आचार संहिता खत्म होने के बाद ही टेंडर हो पाएगा। इस बीच शहर की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है और साथ ही कैमरे खराब होने के चलते पुलिस को आपराधिक मामलों को सुलझाने में भी परेशानी हो रही है। पहले ही जिले में पुलिस मुलाजिमों की संख्या कम है। अब शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद होने से बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाना और मुश्किल हो गया है। यहां स्नैचिंग, चोरी व लूट की वारदात बढ़ गई है। संवाद
12 फरवरी को 243.92 लाख के टेंडर की मंजूरी दी थी
12 फरवरी को नगर निगम पंचकूला की वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक महापौर कुलभूषण गोयल की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में सीसीटीवी कैमरे ठीक करने के लिए टेंडर लगाने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। पंचकूला में मौजूदा सीसीटीवी निगरानी प्रणाली के सुचारू कामकाज के लिए खराब सीसीटीवी कैमरे और अन्य संबंधित वस्तुओं की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए 243.92 लाख के टेंडर लगाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी, लेकिन टेंडर नहीं हो पाया।
पहले दो विभागों के खींचतान में फंसा प्रोजेक्ट, अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने में देरी
नगर निगम की सीमाओं से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में करीब साढ़े 13 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव का जिम्मेदारी पहले नगर निगम के पास थी, लेकिन नगर निगम ने बाद में सीसीटीवी कैमरों का जिम्मा पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन इनके रख-रखाव को लेकर लंबे समय से पुलिस और नगर निगम के बीच खींचतान चलती रही। धीरे-धीरे एक-एक कर सभी सीसीटीवी कैमरे खराब होते गए। पंचकूला पुलिस कैमरों की रिपेयरिंग के लिए नगर निगम को पत्र लिखती रही। बाद में पुलिस विभाग और नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बार बैठक हुई। उसमें सीसीटीवी कैमरों की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई।
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कोट
पंचकूला में खराब हो गए सीसीटीवी कैमरों की जगह दूसरे कैमरे लगाने का टेंडर प्रोसेस में है। आचार संहिता हटने के बाद सीसीटीवी कैमरों का टेंडर खुलेगा।
-अजय गौतम, एसडीओ नगर निगम पंचकूला
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12 फरवरी को 243.92 लाख के टेंडर की मंजूरी दी थी
12 फरवरी को नगर निगम पंचकूला की वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक महापौर कुलभूषण गोयल की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में सीसीटीवी कैमरे ठीक करने के लिए टेंडर लगाने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। पंचकूला में मौजूदा सीसीटीवी निगरानी प्रणाली के सुचारू कामकाज के लिए खराब सीसीटीवी कैमरे और अन्य संबंधित वस्तुओं की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए 243.92 लाख के टेंडर लगाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी, लेकिन टेंडर नहीं हो पाया।
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पहले दो विभागों के खींचतान में फंसा प्रोजेक्ट, अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने में देरी
नगर निगम की सीमाओं से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में करीब साढ़े 13 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव का जिम्मेदारी पहले नगर निगम के पास थी, लेकिन नगर निगम ने बाद में सीसीटीवी कैमरों का जिम्मा पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन इनके रख-रखाव को लेकर लंबे समय से पुलिस और नगर निगम के बीच खींचतान चलती रही। धीरे-धीरे एक-एक कर सभी सीसीटीवी कैमरे खराब होते गए। पंचकूला पुलिस कैमरों की रिपेयरिंग के लिए नगर निगम को पत्र लिखती रही। बाद में पुलिस विभाग और नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बार बैठक हुई। उसमें सीसीटीवी कैमरों की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई।
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कोट
पंचकूला में खराब हो गए सीसीटीवी कैमरों की जगह दूसरे कैमरे लगाने का टेंडर प्रोसेस में है। आचार संहिता हटने के बाद सीसीटीवी कैमरों का टेंडर खुलेगा।
-अजय गौतम, एसडीओ नगर निगम पंचकूला