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Mohali News: फास्ट फूड और दूषित पानी से बढ़े पेट के रोग, अस्पतालों में रोज भर्ती हो रहे 10 मरीज

Thu, 18 Sep 2025 01:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 01:17 AM IST
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Fast food and contaminated water are increasing stomach diseases, 10 patients are being admitted to hospitals every day.
मोहाली। मौसम बदलते ही खानपान की लापरवाही अब लोगों पर भारी पड़ रही है। शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल इंफेक्शन (गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनिस) के केस तेजी से बढ़े हैं। डॉक्टरों के मुताबिक हर रोज 6 से 10 मरीज पेट दर्द, उल्टी-दस्त, डायरिया, डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग जैसी शिकायतों के साथ भर्ती हो रहे हैं। सबसे ज्यादा केस किशोरों के हैं जो बाहर का फास्ट फूड खाने के कारण बीमार पड़ रहे हैं।
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मुख्य कारण
चिकित्सकों का कहना है कि दूषित पानी और सड़क किनारे बिकने वाले खराब तेल में तले फास्ट फूड इन बीमारियों का सबसे बड़ा कारण हैं। मौसम बदलने से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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फूड सेफ्टी विभाग की सख्ती
फूड सेफ्टी विभाग की टीम शहर में लगातार सैंपलिंग कर रही है। कई जगहों पर घटिया तेल और एक्सपायरी सामग्री के मामले सामने आए हैं। दुकानदारों व ठेलों को चेतावनी दी गई है कि दोबारा मिलावट या गंदगी मिली तो लाइसेंस रद्द होगा।
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किशोरों में सबसे ज्यादा खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक स्कूल-कॉलेज जाने वाले किशोर बड़ी संख्या में बर्गर, मोमोज, गोलगप्पे, नूडल्स और समोसे जैसे फास्ट फूड खा रहे हैं। इनमें इस्तेमाल तेल व पानी की गुणवत्ता बेहद खराब होती है। माता-पिता को बच्चों की खानपान की आदतों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।


कड़वी सच्चाई
रोजाना 10 मरीज पेट की बीमारियों से अस्पताल में भर्ती
50% से ज्यादा केस किशोर और युवा वर्ग के
करीब 70% मरीज दूषित पानी या बाहर का तला-भुना खाना खाने से बीमार

डॉक्टरों की सलाह
घर का बना ताजा खाना खाएं
बाहर का तला-भुना और खुले में रखा खाना न खाएं
पैकेट वाले जूस और सॉफ्ट ड्रिंक की बजाय उबला या फिल्टर किया पानी पिएं
संक्रमण के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें


इन दिनों गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल इंफेक्शन के मामले दोगुने हो चुके हैं। रोज करीब 10 मरीज पेट दर्द, उल्टी-दस्त, गैस और डिहाइड्रेशन के साथ भर्ती हो रहे हैं। इनमें ज्यादातर किशोर और युवा शामिल हैं। समय पर इलाज न मिले तो साधारण लक्षण गंभीर संक्रमण का रूप ले सकते हैं।
- डॉ. ईशा अरोड़ा (एमडी मेडिसिन)


इस मौसम में साफ पानी पीना और घर का ताजा खाना ही सबसे सुरक्षित है।
— डॉ. अमृतपाल सिंह, डीएचओ, फूड सेफ्टी विभाग
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