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Mohali News: अधिगृहीत भूमि पर कब्जा करने आए अफसरों को किसानों ने लौटाया
Tue, 09 May 2023 02:09 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Tue, 09 May 2023 02:09 AM IST
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अधिगृहीत भूमि पर कब्जा करने आए अफसरों को किसानों ने लौटाया
जमीन के मुआवजे बिना और स्लिप रोड की जमीन कार्रवाई नहीं होने देंगे : रोड संघर्ष कमेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
लांडरां/बनूड़। क्षेत्र में भारत माला परियोजना के तहत एक्सप्रेस हाईवे के लिए अधिगृहीत जमीन पर मुआवजा दिए बिना सोमवार को काम करने पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग अफसरों को एकत्रित किसानों ने लौटा दिया। इस मौके पर किसानों ने पंजाब सरकार, केंद्र और एनएचएआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान पारित अधिनिर्णय के तहत जमीन, नलकूप, मकान और पाइप लाइन आदि का तत्काल मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
बता दें कि सोमवार को सुबह करीब 9 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग अभियंता अभिमन्यु मलिक पंजाब के राजस्व विभाग के अफसरों के साथ जलालपुर गांव में हाईड्रॉलिक मशीनों से जमीन की खोदाई करने पहुंचे थे। जब किसानों को पता लगा तो उन्होंने सोशल मीडिया पर मशीनों की तस्वीरें साझा कीं। इसके बाद भारी संख्या में किसान मौके पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। उन्होंने ट्रॉले से लाई गई मशीनों को नीचे नहीं उतरने दिया। किसान रोड संघर्ष कमेटी डेराबस्सी बनूड़ के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह, रत्न सिंह फौजी, गरीब सिंह, महिंदर सिंह, बलकार सिंह, हरविंदर सिंह, गुरिंदर सिंह आदि ने बताया कि प्रभावित किसानों में से अब तक सिर्फ 20 फीसदी किसानों को ही मुआवजा मिला है, जबकि सरकार ने छह माह पहले ही अवार्ड निर्धारित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पैसे नहीं मिलने की बात कह रही है, जबकि एनएचएआई के अफसर मुआवजे की पूरी रकम जमा कराने की बात कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि वह डेढ़ साल से पर्याप्त मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। निर्धारित पुरस्कारों के तहत भी उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। नेशनल हाईवे ने नलकूप, पेड़, सड़क में आने वाले मकान, मोटर शेड, पाइप लाइन के लिए कोई अवार्ड तय नहीं किया है और न ही स्लिप रोड के बारे में कुछ स्पष्ट किया है जबकि वह मुआवजा लेने के लिए पंजाब सरकार और नेशनल हाईवे के अधिकारियों के चक्कर काटकर थक चुके है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिल जाता और स्लिप रोड को लेकर कोई शेड्यूल नहीं होता तब तक वह जमीन का कब्जा नहीं देंगे।
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पंजाब सरकार पर बरसे किसान, विधायक को भी कोसा
इस मौके पर किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि लिखित अनुरोध करने के बावजूद मुख्यमंत्री ने किसानों से मिलने का समय नहीं दिया और डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी किसानों की उक्त समस्याओं का समाधान करने में विफल रहे हैं। किसानों ने कहा कि विधायक ने अपनी जमीन के अन्य गांवों की तुलना में चार गुना ज्यादा अवार्ड करवा लिए हैं और अब वह किसानों को भूल चुके हैं। उन्होंने मामले की जांच कर एक समान मुआवजे की मांग की।
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जमीन के मुआवजे बिना और स्लिप रोड की जमीन कार्रवाई नहीं होने देंगे : रोड संघर्ष कमेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
लांडरां/बनूड़। क्षेत्र में भारत माला परियोजना के तहत एक्सप्रेस हाईवे के लिए अधिगृहीत जमीन पर मुआवजा दिए बिना सोमवार को काम करने पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग अफसरों को एकत्रित किसानों ने लौटा दिया। इस मौके पर किसानों ने पंजाब सरकार, केंद्र और एनएचएआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान पारित अधिनिर्णय के तहत जमीन, नलकूप, मकान और पाइप लाइन आदि का तत्काल मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
बता दें कि सोमवार को सुबह करीब 9 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग अभियंता अभिमन्यु मलिक पंजाब के राजस्व विभाग के अफसरों के साथ जलालपुर गांव में हाईड्रॉलिक मशीनों से जमीन की खोदाई करने पहुंचे थे। जब किसानों को पता लगा तो उन्होंने सोशल मीडिया पर मशीनों की तस्वीरें साझा कीं। इसके बाद भारी संख्या में किसान मौके पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। उन्होंने ट्रॉले से लाई गई मशीनों को नीचे नहीं उतरने दिया। किसान रोड संघर्ष कमेटी डेराबस्सी बनूड़ के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह, रत्न सिंह फौजी, गरीब सिंह, महिंदर सिंह, बलकार सिंह, हरविंदर सिंह, गुरिंदर सिंह आदि ने बताया कि प्रभावित किसानों में से अब तक सिर्फ 20 फीसदी किसानों को ही मुआवजा मिला है, जबकि सरकार ने छह माह पहले ही अवार्ड निर्धारित कर दिया था।
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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पैसे नहीं मिलने की बात कह रही है, जबकि एनएचएआई के अफसर मुआवजे की पूरी रकम जमा कराने की बात कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि वह डेढ़ साल से पर्याप्त मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। निर्धारित पुरस्कारों के तहत भी उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। नेशनल हाईवे ने नलकूप, पेड़, सड़क में आने वाले मकान, मोटर शेड, पाइप लाइन के लिए कोई अवार्ड तय नहीं किया है और न ही स्लिप रोड के बारे में कुछ स्पष्ट किया है जबकि वह मुआवजा लेने के लिए पंजाब सरकार और नेशनल हाईवे के अधिकारियों के चक्कर काटकर थक चुके है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिल जाता और स्लिप रोड को लेकर कोई शेड्यूल नहीं होता तब तक वह जमीन का कब्जा नहीं देंगे।
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पंजाब सरकार पर बरसे किसान, विधायक को भी कोसा
इस मौके पर किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि लिखित अनुरोध करने के बावजूद मुख्यमंत्री ने किसानों से मिलने का समय नहीं दिया और डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी किसानों की उक्त समस्याओं का समाधान करने में विफल रहे हैं। किसानों ने कहा कि विधायक ने अपनी जमीन के अन्य गांवों की तुलना में चार गुना ज्यादा अवार्ड करवा लिए हैं और अब वह किसानों को भूल चुके हैं। उन्होंने मामले की जांच कर एक समान मुआवजे की मांग की।