{"_id":"6a45852539835a76f90301b4","slug":"fake-call-center-busted-multi-crore-cyber-fraud-targeting-foreigners-exposed-mohali-news-c-289-1-pkl1068-1083-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों से करोड़ों की साइबर ठगी बेनकाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों से करोड़ों की साइबर ठगी बेनकाब
विज्ञापन
मोहाली। पुलिस ने सेक्टर-78 में एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर सात आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ साइबर ठगी का मामला दर्ज किया है। यह गिरोह विदेशों में रहने वाले लोगों को एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी सहायता टीम का कर्मचारी बनकर निशाना बनाता था। तकनीकी सहायता के नाम पर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस ने करोड़ों रुपये के इस साइबर ठगी नेटवर्क को बेनकाब किया है।
पुलिस के ऑपरेशन सेल को एक विश्वसनीय मुखबिर से सेक्टर-78 के मकान नंबर-606 की पहली मंजिल पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सेल और थाना सोहाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल पर फर्जी पॉप-अप नोटिफिकेशन भेजते थे। ये संदेश एप्पल डिवाइस और माइक्रोसॉफ्ट विंडोज से संबंधित होते थे। इनमें तकनीकी खराबी का डर दिखाकर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता था। कॉल आने पर आरोपी खुद को संबंधित कंपनी का तकनीकी सहायता कर्मचारी बताते थे। वे पहले से तैयार स्क्रिप्ट के जरिये पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिये पीड़ितों के मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। फिर गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर या क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान करवाकर बड़ी रकम की ठगी करते थे।
गिरफ्तार आरोपी और दर्ज मामला
पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को नामजद किया है। इनमें पवन कुमार (मोहाली), कॉल सेंटर मैनेजर जतिंदर कच्छवाहा (दिल्ली), शुभम अरोड़ा (लुधियाना), आशीष गोसाईं (देहरादून), नीरज बिष्ट (देहरादून), शिवम ठाकुर (लुधियाना) और दलीप कुमार (टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड) शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ थाना सोहाना में बीएनएस की धारा 318, 319(2), 308(2), 3(5), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 और 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
पुलिस की आगे की जांच
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। कॉल सेंटर से इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों और ठगी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाया है। ठगी की कुल रकम कितनी है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
अधिकारियों का बयान
ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त अभियान के दौरान रेड की गई और फर्जी कॉल सेंटर से आरोपियों को पकड़ा गया। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना सोहाना के थाना प्रभारी सिमरजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है।
विज्ञापन
पुलिस के ऑपरेशन सेल को एक विश्वसनीय मुखबिर से सेक्टर-78 के मकान नंबर-606 की पहली मंजिल पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सेल और थाना सोहाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल पर फर्जी पॉप-अप नोटिफिकेशन भेजते थे। ये संदेश एप्पल डिवाइस और माइक्रोसॉफ्ट विंडोज से संबंधित होते थे। इनमें तकनीकी खराबी का डर दिखाकर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता था। कॉल आने पर आरोपी खुद को संबंधित कंपनी का तकनीकी सहायता कर्मचारी बताते थे। वे पहले से तैयार स्क्रिप्ट के जरिये पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिये पीड़ितों के मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। फिर गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर या क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान करवाकर बड़ी रकम की ठगी करते थे।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी और दर्ज मामला
पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को नामजद किया है। इनमें पवन कुमार (मोहाली), कॉल सेंटर मैनेजर जतिंदर कच्छवाहा (दिल्ली), शुभम अरोड़ा (लुधियाना), आशीष गोसाईं (देहरादून), नीरज बिष्ट (देहरादून), शिवम ठाकुर (लुधियाना) और दलीप कुमार (टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड) शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ थाना सोहाना में बीएनएस की धारा 318, 319(2), 308(2), 3(5), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 और 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
पुलिस की आगे की जांच
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। कॉल सेंटर से इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों और ठगी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाया है। ठगी की कुल रकम कितनी है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
अधिकारियों का बयान
ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त अभियान के दौरान रेड की गई और फर्जी कॉल सेंटर से आरोपियों को पकड़ा गया। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना सोहाना के थाना प्रभारी सिमरजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है।