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Mohali News: डॉग पौंड में कुत्तों की मौत पर कावा से मांगा स्पष्टीकरण
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जीरकपुर। शहर के इकलौते डॉग पोंड में एक बार फिर से लावारिस कुत्तों की स्टरलाइजेशन का काम बंद हो गया है। संस्था की ओर से नगर परिषद जीरकपुर को एक एनओसी मुहैया करवाई जानी थी लेकिन चार माह बाद भी संस्था ने एनओसी नगर परिषद दफ्तर को नहीं दी। वहीं डॉग पोंड में स्टरलाइजेशन की प्रक्रिया के दौरान कुछ डॉग्स की मौत होने की बात भी सामने आई है। इस संबंधी नगर परिषद जीरकपुर ने कावा एनजीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कमेटी ने कावा के बिल फिलहाल रोक दिए है और कावा ने भी काम बंद कर दिया है। अब 15 दिन से डॉग पोंड में डॉग्स की स्टरलाइजेशन का काम बंद है। नगर परिषद के सेनेटरी ब्रांच के अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि जब तक कावा उन्हें एनओसी नहीं दे देती तब तक उन्हें काम करने की परमिशन नहीं दी जाएगी। वहीं जीरकपुर में कुत्तों की संख्या में इजाफा होने से डॉग बाइट के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
कावा के काम पर नजर रखने वाली कमेटी भी नहीं ले रही रुचि
कावा को पभात डॉग पोंड हैंडओवर करने के दौरान कावा के काम पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में पशुपालन पंजाब के डायरेक्टर, पशु कल्याण बोर्ड मोहाली, एसडीएम डेराबस्सी, नगर परिषद जीरकपुर के एमई, दो समाजसेवी संस्था और वार्ड नंबर 11, 24, 30 के पार्षदों को शामिल किया था। हैरानी की बात यह है कि कमेटी भी कावा के काम पर नजर रखने में रुचि नहीं ले रही है। कमेटी ने करीब 4 महीने में एक मीटिंग रखी लेकिन उसमें कमेटी के पूरे सदस्य ही नहीं पहुंचे, जिसके चलते मीटिंग को ही स्थगित कर दिया गया। अब कावा ने जो भी काम किया है उसके बिल की अदायगी के लिए कमेटी के पास भेज दिए हैं लेकिन कमेटी की मीटिंग न होने से कावा के काम पर समीक्षा नहीं हो पाई है। वहीं कमेटी के सदस्यों का कहना है कि उन्हें कावा के काम संबंधी प्रॉपर रिपोर्ट व जानकारी नहीं दी जा रही है। कमेटी की मीटिंग में फैसला लिया था कि लावारिस कुत्तों को पकड़ने का काम वार्ड वाइज किया जाएगा। कुत्तों को पकड़ने समय से लेकर स्टरलाइजेशन करने के बाद उनको अपनी जगह पर छोड़ने तक की वीडियोग्राफी की जाएगी ताकि डॉग्स को किसी भी तरह का शारीरिक नुकसान न हो।
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कावा के काम पर नजर रखने वाली कमेटी भी नहीं ले रही रुचि
कावा को पभात डॉग पोंड हैंडओवर करने के दौरान कावा के काम पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में पशुपालन पंजाब के डायरेक्टर, पशु कल्याण बोर्ड मोहाली, एसडीएम डेराबस्सी, नगर परिषद जीरकपुर के एमई, दो समाजसेवी संस्था और वार्ड नंबर 11, 24, 30 के पार्षदों को शामिल किया था। हैरानी की बात यह है कि कमेटी भी कावा के काम पर नजर रखने में रुचि नहीं ले रही है। कमेटी ने करीब 4 महीने में एक मीटिंग रखी लेकिन उसमें कमेटी के पूरे सदस्य ही नहीं पहुंचे, जिसके चलते मीटिंग को ही स्थगित कर दिया गया। अब कावा ने जो भी काम किया है उसके बिल की अदायगी के लिए कमेटी के पास भेज दिए हैं लेकिन कमेटी की मीटिंग न होने से कावा के काम पर समीक्षा नहीं हो पाई है। वहीं कमेटी के सदस्यों का कहना है कि उन्हें कावा के काम संबंधी प्रॉपर रिपोर्ट व जानकारी नहीं दी जा रही है। कमेटी की मीटिंग में फैसला लिया था कि लावारिस कुत्तों को पकड़ने का काम वार्ड वाइज किया जाएगा। कुत्तों को पकड़ने समय से लेकर स्टरलाइजेशन करने के बाद उनको अपनी जगह पर छोड़ने तक की वीडियोग्राफी की जाएगी ताकि डॉग्स को किसी भी तरह का शारीरिक नुकसान न हो।
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