फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Expectations of guest professors of government colleges increased from AAP's government

आप की सरकार से बढ़ीं सरकारी कॉलेजों के गेस्ट प्रोफेसरों की उम्मीदें

Thu, 24 Mar 2022 02:24 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 24 Mar 2022 02:24 AM IST
विज्ञापन
Expectations of guest professors of government colleges increased from AAP's government
डेराबस्सी। राज्य के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों को पंजाब में बनी नई आम आदमी पार्टी की सरकार से काफी उम्मीदें बढ़ी हैं। दो दशकों से अधिक समय से सरकारी कॉलेजों में कार्यरत इन गेस्ट सहायक प्रोफेसरों की पुरानी सरकारों की ओर से अनदेखी की गई, साथ ही मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया है। इस कारण इन प्रोफेसरों की तीन पीढ़ियों का भविष्य तबाह हो गया है।
विज्ञापन

पहली पीढ़ी इन प्रोफेसरों के माता-पिता की है, जिन्होंने बड़ी उम्मीदों से इनको उच्च शिक्षा दिलाकर इनके अच्छे भविष्य की कामना की थी। लेकिन ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों के विभाग में स्थायी होने का सपना देखते देखते ही इस दुनिया को अलविदा कह कर चले गए हैं। जबकि बाकी दिनरात इस चिंता में समय गुजार रहे हैं कि कब उनके बच्चे विभाग में स्थायी किए जाएंगे। दूसरी पीढ़ी राज्य के करीब 906 गेस्ट सहायक प्रोफेसर हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी का सुनहरा समय देकर कॉलेजों को बचाए रखा है। जो अब स्थायी होने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। जबकि तीसरी पीढ़ी इनके परिवारों की है, जो बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में नाकाम हैं।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उच्च शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर को अपने हालातों से अवगत करवाने के लिए सरकारी कॉलेज के प्रोफेसरों ने एक मीटिंग करके सरकार से जल्द से जल्द उनको स्थायी करने की मांग की है। पिछली सरकारों की ओर से सरकारी कॉलेजों को खुद न चलाकर बल्कि विद्यार्थियों के माता-पिता और अध्यापकों के फंडों में से वेतन देकर अध्यापकों और बच्चों के अभिवावकों के साथ बड़ी धोखाधड़ी की है। महंगाई के इस दौर में उनको काफी कम वेतन देकर उनका शोषण किया जा रहा है। इस समय गेस्ट सहायक प्रोफेसरों को 11600 रुपये पीटीए फंड में से और 12763 रुपये की ग्रांट इन एड के रूप में मिल रहे हैं। दुख की बात यह है कि कई कॉलेजों में से पीटीए फंड खत्म हो चुका है। जबकि सरकार की ओर से भेजी जा रही राशि तीन महीने से जारी नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, पिछले कई महीनों से उनको वेतन न मिलने के कारण वह काफी परेशानियों में समय गुजार रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग उनसे रोजाना सात घंटे पढ़ाने के कार्य सहित अन्य कार्य लेकर उनके साथ धक्केशाही कर रहा है।

इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर रविंद्र सिंह, डाक्टर गुरप्रीत कौर, प्रो. बोमिंद्र कौर, प्रो. नैन्सी, प्रो. प्रभजोत कौर, प्रो. सुमिता कटोच, प्रो. मनप्रीत कौर, प्रो. बलजिंद्र सिंह, प्रो. कन्नू गर्ग, प्रो. अवतार सिंह, प्रो. श्वेता खरबंदा, प्रो. किरनप्रीत कौर आदि मौजूद थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed