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Mohali News: कौशल्या डैम के टूटे पाइप लाइन के काम का एस्टीमेट तैयार
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पंचकूला। एक साल तक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का डिवीजन वन कौशल्या डैम के टूटे पाइप लाइन को जोड़ नहीं पाया। नतीजा अप्रैल से अगस्त 2024 तक सेक्टर-23, 24, 25, 26, 27, 28 के हजारों लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ा। अब टूटे पाइप लाइन को जोड़ने की जिम्मेदारी पीएमडीए को दे दी गई है। विभाग ने इसका एस्टीमेट करीब साढ़े छह करोड़ रुपये तैयार कर लिया गया है। चुनाव आचार संहिता के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। 2025 तक घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को पेयजल की समस्या से राहत मिल जाएगी। बता दें कि कौशल्या डैम से जुड़ी पानी की पाइपलाइन अमरावती पुल के पास जुलाई 2023 में टूट गई थी। इस टूटे पुल को सही करने के लिए एचएसवीपी ने 7.26 करोड़ का एस्टीमेट भी तैयार किया था। कुछ दिन तक विभाग की लापरवाही के चलते मामला एस्टीमेट की कॉपी इंजीनिरिंग विंग की टेबल पर अटका रहा। लोगों की लगातार मांग के बाद एस्टीमेट को अप्रूवल मिली। अप्रैल 2024 में काम शुरू होना था, तब एनएचआई एलाइनमेंट का अड़ंगा लगा दिया। एलाइनमेंट को लेकर करीब दो माह तक एनएचआई और एचएसवीपी के अधिकारियों के बीच पत्राचार चला और बैठक भी हुई। सबकुछ फाइनल हो गया कि पाइप लाइन किस रूट से निकाली जाएगी। अब प्रोजेक्ट का काम पीएमडीए को हैंडओवर कर दिया गया है।
8 घंटे के बजाय 22 घंटे चला रहे ट्यूबवेल
कौशल्या डैम से 45 एमएलडी पानी की सप्लाई बंद होने के बाद एचएसवीपी को अभी सेक्टरों में पेयजल की आपूर्ति पूरी करने के लिए लगातार 22 घंटे 200 ट्यूबवेलों को चलाना पड़ रहा है। इससे बिजली की खपत के साथ में जमीनी पानी का ट्यूबवेल दिन और रात दोहन करते हैं। जमीन में पानी रिचार्ज करने का कोई अन्य साधन नहीं बचा है। करीब 40 साल पहले भूजल स्तर 20 फीट होता था, जो अब औसतन 300 फीट तक जा चुका है। अगर छह महीने तक लगातार और पानी का दोहन होता रहा तो जमीनी पानी का स्तर और भी ज्यादा नीचे जा सकता है।
कोट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डिवीजन वन से जुलाई में पीएमडीए को कौशल्या डैम पाइप लाइन का काम सौंप दिया गया था। इसका एस्टीमेट करीब साढ़े करोड़ रुपये का तैयार किया गया है। चुनावा आचार संहिता के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एनके पायल, एक्सईएन पीएडीए और एचएसवीपी।
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8 घंटे के बजाय 22 घंटे चला रहे ट्यूबवेल
कौशल्या डैम से 45 एमएलडी पानी की सप्लाई बंद होने के बाद एचएसवीपी को अभी सेक्टरों में पेयजल की आपूर्ति पूरी करने के लिए लगातार 22 घंटे 200 ट्यूबवेलों को चलाना पड़ रहा है। इससे बिजली की खपत के साथ में जमीनी पानी का ट्यूबवेल दिन और रात दोहन करते हैं। जमीन में पानी रिचार्ज करने का कोई अन्य साधन नहीं बचा है। करीब 40 साल पहले भूजल स्तर 20 फीट होता था, जो अब औसतन 300 फीट तक जा चुका है। अगर छह महीने तक लगातार और पानी का दोहन होता रहा तो जमीनी पानी का स्तर और भी ज्यादा नीचे जा सकता है।
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कोट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डिवीजन वन से जुलाई में पीएमडीए को कौशल्या डैम पाइप लाइन का काम सौंप दिया गया था। इसका एस्टीमेट करीब साढ़े करोड़ रुपये का तैयार किया गया है। चुनावा आचार संहिता के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एनके पायल, एक्सईएन पीएडीए और एचएसवीपी।
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