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Mohali News: बिजली कर्मचारियों ने किया दो डिवीजन का प्रबंधन निजी हाथों में सौंपने का विरोध
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सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी। संवाद
खरड़। जाॅइंट फोरम, एकता मंच पंजाब और जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन के आह्वान पर खरड़ डिवीजन के बिजली कर्मचारियों ने खरड़ और लालड़ू डिवीजनों का प्रबंधन निजी हाथों में सौंपने का विरोध कर खरड़ बिजली कार्यालय में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब सरकार और बिजली निगम की मैनेजमेंट द्वारा निगम की दो डिवीजनों खरड़ और लालड़ू के 11केवी फीडर का प्रबंधन निजी हाथों में सौंपने के फैसले की कड़ी निंदा की गई।
इस धरने में सुखविंदर सिंह डुमना, सदस्य ज्वाइंट फोरम पंजाब, रणजीत सिंह ढिल्लों, राज्य अध्यक्ष एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स, सुखजिंदर सिंह, अध्यक्ष टीएसयू डिवीजन खरड़, बरिंदर सिंह, एमएसयू डिवीजन खरड़, गगन राणा, कर्मचारी फेडरेशन एटक, दविंदर सिंह, अध्यक्ष टीएसयू सर्कल रोपड़ ने कहा कि संस्थान में तकनीकी कर्मचारियों के कुल पदों में से 60 प्रतिशत पद खाली हैं, जिन्हें नई भर्ती के माध्यम से भरने के बजाय, प्रबंधन दो डिवीजनों में लाइनों के रखरखाव को आउटसोर्स करने और शेष डिवीजनों में पूरी तरह से लागू करने का निर्णय लागू कर रहा है। जो 11 केवी फीडरों को निजी हाथों में सौंपने के एकतरफा और घातक फैसले के माध्यम से एक बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान के जीवन को खराब करने की योजना है।
नेताओं ने कहा कि वे इस नीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्टाफ की भारी कमी के बावजूद बिजली कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि पंजाब के लोगों को निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जा सके, लेकिन सरकार और बिजली निगम की मैनेजमेंट महत्वपूर्ण संस्थानों को किश्तों में पूंजीपतियों के हवाले करके एक तीर से कई निशाने साध रही है। ठेकेदारों द्वारा किए गए घटिया काम के कारण जहां पिछले वर्षों में सैकड़ों बिजली कर्मचारी दुर्घटनाओं में अपनी कीमती जान गंवा चुके हैं, वहीं इस जनविरोधी व कर्मचारी विरोधी नीति ने भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया है।
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इसलिए मैनेजमेंट को यह फैसला वापस लेना चाहिए और खाली पदों पर तुरंत नई भर्ती करनी चाहिए ताकि पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अलावा रंजू बाला, तरनजीत सिंह, प्रीति, गुरदीप सिंह, शेर सिंह, बलविंदर सिंह, गुलजार सिंह ने भी इस प्रदर्शन को संबोधित किया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में बिजली कर्मचारियों ने एकत्रित होकर पंजाब सरकार का पुतला फूंका तथा पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
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इस धरने में सुखविंदर सिंह डुमना, सदस्य ज्वाइंट फोरम पंजाब, रणजीत सिंह ढिल्लों, राज्य अध्यक्ष एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स, सुखजिंदर सिंह, अध्यक्ष टीएसयू डिवीजन खरड़, बरिंदर सिंह, एमएसयू डिवीजन खरड़, गगन राणा, कर्मचारी फेडरेशन एटक, दविंदर सिंह, अध्यक्ष टीएसयू सर्कल रोपड़ ने कहा कि संस्थान में तकनीकी कर्मचारियों के कुल पदों में से 60 प्रतिशत पद खाली हैं, जिन्हें नई भर्ती के माध्यम से भरने के बजाय, प्रबंधन दो डिवीजनों में लाइनों के रखरखाव को आउटसोर्स करने और शेष डिवीजनों में पूरी तरह से लागू करने का निर्णय लागू कर रहा है। जो 11 केवी फीडरों को निजी हाथों में सौंपने के एकतरफा और घातक फैसले के माध्यम से एक बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान के जीवन को खराब करने की योजना है।
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नेताओं ने कहा कि वे इस नीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्टाफ की भारी कमी के बावजूद बिजली कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि पंजाब के लोगों को निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जा सके, लेकिन सरकार और बिजली निगम की मैनेजमेंट महत्वपूर्ण संस्थानों को किश्तों में पूंजीपतियों के हवाले करके एक तीर से कई निशाने साध रही है। ठेकेदारों द्वारा किए गए घटिया काम के कारण जहां पिछले वर्षों में सैकड़ों बिजली कर्मचारी दुर्घटनाओं में अपनी कीमती जान गंवा चुके हैं, वहीं इस जनविरोधी व कर्मचारी विरोधी नीति ने भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया है।
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इसलिए मैनेजमेंट को यह फैसला वापस लेना चाहिए और खाली पदों पर तुरंत नई भर्ती करनी चाहिए ताकि पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अलावा रंजू बाला, तरनजीत सिंह, प्रीति, गुरदीप सिंह, शेर सिंह, बलविंदर सिंह, गुलजार सिंह ने भी इस प्रदर्शन को संबोधित किया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में बिजली कर्मचारियों ने एकत्रित होकर पंजाब सरकार का पुतला फूंका तथा पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।