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Mohali News: शिक्षा बोर्ड के डेलीवेज कर्मचारियों ने दिया धरना रेगुलर करने की मांग, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
Sun, 15 Dec 2024 12:41 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Sun, 15 Dec 2024 12:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की डेलीवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से अपनी मांगों के लिए शिक्षा बोर्ड के बाहर धरना दिया। अपनी सेवाओं को रेगुलर करने की मांग को लेकर दिए धरने में कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाया। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन प्रधान राज कुमार ने बताया कि पंजाब सरकार ने 7 अक्टूबर 2022 को शिक्षा विभाग में 8736 कच्चे शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की थी। जिसमें पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 525 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में बोर्ड ने नोटिफिकेशन को अपनाते हुए कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने संबंधी पंजाब सरकार द्वारा जारी किए गए फॉर्म भी भरवाए गए।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बोर्ड की ओर से सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कमेटी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। कमेटी बार-बार बैठक आयोजित करती और स्थगित करती रहती है। दूसरी ओर, बोर्ड के कई कच्चे कर्मचारी ओवरएज होते जा रहे हैं। यूनियन के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि संगठन इस संबंध में शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और बोर्ड प्रबंधन के साथ कई बैठकें कर चुका है, लेकिन कच्चे कर्मचारियों की किसी ने नहीं सुनी। नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने बोर्ड के कच्चे कर्मचारियों को नियमित नहीं किया तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन और पंजाब सरकार की होगी।
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मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की डेलीवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से अपनी मांगों के लिए शिक्षा बोर्ड के बाहर धरना दिया। अपनी सेवाओं को रेगुलर करने की मांग को लेकर दिए धरने में कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाया। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन प्रधान राज कुमार ने बताया कि पंजाब सरकार ने 7 अक्टूबर 2022 को शिक्षा विभाग में 8736 कच्चे शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की थी। जिसमें पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 525 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में बोर्ड ने नोटिफिकेशन को अपनाते हुए कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने संबंधी पंजाब सरकार द्वारा जारी किए गए फॉर्म भी भरवाए गए।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बोर्ड की ओर से सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कमेटी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। कमेटी बार-बार बैठक आयोजित करती और स्थगित करती रहती है। दूसरी ओर, बोर्ड के कई कच्चे कर्मचारी ओवरएज होते जा रहे हैं। यूनियन के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि संगठन इस संबंध में शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और बोर्ड प्रबंधन के साथ कई बैठकें कर चुका है, लेकिन कच्चे कर्मचारियों की किसी ने नहीं सुनी। नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने बोर्ड के कच्चे कर्मचारियों को नियमित नहीं किया तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन और पंजाब सरकार की होगी।