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डेराबस्सी के गांव पंडवाला में मिट्टी की छत गिरी, मकान मालिक घायल
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डेराबस्सी। गांव पंडवाला में मिट्टी के मकान की छत गिरने से मकान मालिक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मकान मालिक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे में तीन बच्चे बाल-बाल बचे जो कुछ देर पहले ही स्कूल के लिए घर से निकले थे।
जानकारी के मुताबिक ऑटो चालक जगतार सिंह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ मिट्टी के मकान में रहता है। शुक्रवार सुबह उसकी पत्नी रसोई में काम कर रही थी और वह मिट्टी के घर के एक कमरे में लेटा हुआ था। करीब पौने आठ बजे जगतार सिंह के तीनों बच्चे स्कूल जाने के लिए घर से निकले। इसके बाद अचानक घर की छत गिर गई और कमरे में लेटा जगतार सिंह मलबे में दब गया। यह देखकर उसकी पत्नी चिल्लाने लगी और तभी पड़ोसी ग्रामीण वहां पर जमा हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू कर दिया और काफी मशक्कत के बाद जगतार सिंह को मलबे से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जगतार सिंह को मलबे से जल्द नहीं निकाला जाता तो उसकी जान जा सकती थी।
जगतार सिंह ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान भी उन्होंने कच्चे मकानों को पक्का कराने के लिए फार्म भरे थे, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। वह लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों से मकान की छत पक्की करवाने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि गांव में मिट्टी के घर में रहने वाले वह अकेले नहीं हैं, बल्कि कई अन्य लोग भी हैं जो मिट्टी के घर में दहशत में रह रहे हैं।
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कोट्स
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद जगतार सिंह को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जो खतरे से बाहर है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि छत में डाली गई लकड़ी की कड़ी काफी कमजोर हो गई थी। इस कारण छत गिर गई। मामले की जांच की जा रही है। -गुरबख्शीश सिंह, डीएसपी डेराबस्सी।
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जानकारी के मुताबिक ऑटो चालक जगतार सिंह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ मिट्टी के मकान में रहता है। शुक्रवार सुबह उसकी पत्नी रसोई में काम कर रही थी और वह मिट्टी के घर के एक कमरे में लेटा हुआ था। करीब पौने आठ बजे जगतार सिंह के तीनों बच्चे स्कूल जाने के लिए घर से निकले। इसके बाद अचानक घर की छत गिर गई और कमरे में लेटा जगतार सिंह मलबे में दब गया। यह देखकर उसकी पत्नी चिल्लाने लगी और तभी पड़ोसी ग्रामीण वहां पर जमा हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू कर दिया और काफी मशक्कत के बाद जगतार सिंह को मलबे से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जगतार सिंह को मलबे से जल्द नहीं निकाला जाता तो उसकी जान जा सकती थी।
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जगतार सिंह ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान भी उन्होंने कच्चे मकानों को पक्का कराने के लिए फार्म भरे थे, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। वह लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों से मकान की छत पक्की करवाने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि गांव में मिट्टी के घर में रहने वाले वह अकेले नहीं हैं, बल्कि कई अन्य लोग भी हैं जो मिट्टी के घर में दहशत में रह रहे हैं।
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हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद जगतार सिंह को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जो खतरे से बाहर है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि छत में डाली गई लकड़ी की कड़ी काफी कमजोर हो गई थी। इस कारण छत गिर गई। मामले की जांच की जा रही है। -गुरबख्शीश सिंह, डीएसपी डेराबस्सी।