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कोरोना की वजह से गऊशाला व सड़कों पर घुमते पशुओं को चारे की दिक्कत नहीं आएगी
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मोहाली। शहर की गऊशाला और सड़कों पर घृमने वाले लावारिस पशुओं का अब चारे की दिक्कत नहीं आएगी। नगर निगम ने उक्त पशुओं को चारा मुहैया करवाने के लिए अहम फैसला लिया है। नगर निगम ने एक तरफ जहां गऊशाला को एक महीने की पेमेंट कर दी है। वहीं, रोजाना 40 क्विंटल अतिरिक्त चारा गऊशाला को देने का फैसला लिया है। उक्त चारा सडकों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं को भी भेजा जाएगा। उम्मीद है कि इसके बाद पशुओं को भूख नहीं सताएगी।
दूसरी तरफ पंजाब गऊ सेवा कमीशन के मेंबर राजवंत राय शर्मा ने इलाके का दौरा कर सारी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कमीशन पशुओं के लिए काम कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में नगर निगम की गऊशाला है। नगर निगम की तरफ से गऊशाला चलाने की जिम्मेदारी एक समाज सेवी संस्था को दी हुई है। लेकिन जब से कोरोना महामारी के चलते कर्फ्यू लगा है, उस समय से चारे आदि की थोड़ी समस्या आ रही थी। चारे की ट्रॉलियों को भी गऊशाला में आने जाने में दिक्कत आ रही थी। इसके बाद श्रद्वालु भी गऊशाला नहीं पहुंच रहे थे। यह मामला नगर निगम के ध्यान में भी था। ऐसे में नगर निगम तुरंत प्रभाव से जो पुरानी पेमेंट गऊशाला की बनती थी, उसका भुगतान कर दिया। इसके साथ ही रोजाना 40 क्विंटल चारा अतिरिक्त गऊशाला को देने का फैसला लिया है। यहां से शहर में घूमने वाले लावारिस पशुओं को भी चारा वितरित किया जाएगा।
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जिक्रयोग है कि मोहाली गऊशाला में 950 से अधिक पशु हैं। जबकि काफी संख्या में पशु सड़कों पर घूमते हैं। पशुओं को भूख से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
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दूसरी तरफ पंजाब गऊ सेवा कमीशन के मेंबर राजवंत राय शर्मा ने इलाके का दौरा कर सारी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कमीशन पशुओं के लिए काम कर रहा है।
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जानकारी के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में नगर निगम की गऊशाला है। नगर निगम की तरफ से गऊशाला चलाने की जिम्मेदारी एक समाज सेवी संस्था को दी हुई है। लेकिन जब से कोरोना महामारी के चलते कर्फ्यू लगा है, उस समय से चारे आदि की थोड़ी समस्या आ रही थी। चारे की ट्रॉलियों को भी गऊशाला में आने जाने में दिक्कत आ रही थी। इसके बाद श्रद्वालु भी गऊशाला नहीं पहुंच रहे थे। यह मामला नगर निगम के ध्यान में भी था। ऐसे में नगर निगम तुरंत प्रभाव से जो पुरानी पेमेंट गऊशाला की बनती थी, उसका भुगतान कर दिया। इसके साथ ही रोजाना 40 क्विंटल चारा अतिरिक्त गऊशाला को देने का फैसला लिया है। यहां से शहर में घूमने वाले लावारिस पशुओं को भी चारा वितरित किया जाएगा।
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जिक्रयोग है कि मोहाली गऊशाला में 950 से अधिक पशु हैं। जबकि काफी संख्या में पशु सड़कों पर घूमते हैं। पशुओं को भूख से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।