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Mohali News: गिर मत जाना यह गड्ढों का शहर, कहीं झंडा तो कहीं डंडा करता है अलर्ट
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जीरकपुर। नगर परिषद ए ग्रेड श्रेणी की परिषद है। शहर के हालात तीसरे स्तर के हैं। वैसे तो शहर के हालात बहुत ज्यादा बदतर हो चुके हैं, लेकिन पटियाला रोड से सिग्मा सिटी चौक लोहगढ़ को जाने वाली सड़क जो अभी कुछ महीने पहले ही बनाई थी, वह धंसनी शुरू हो गई है। लोगों ने इन जगहों पर झाड़ी और डंडे खड़े कर दिए हैं, ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके। वीआईपी रोड के भी यही हालात हैं। टूटे सीवरेज के ढक्कन में लोगों ने डंडा लगाकर उस पर कपड़ा बांध दिया है। तीसरा झंडा भबात रोड पर लगाया हुआ है। वहां भी लोगों ने डंडे पर थैला लगाकर चेतावनी चिन्ह बना दिया है। वीआईपी रोड से सिंहपुरा जाने वाली सड़क के हालात भी यही है। सीवर मैन होल का ढक्कन ही गायब है। इसके अलावा बलटाना फर्नीचर मार्केट में भी लोगों ने झाड़ी लगाकर राहगीरों को अलर्ट करने का काम किया है। करीब आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे मैनहोल हैं, जिनसे हादसे हो सकते हैं। परेशानी की बात यह है कि बरसात का मौसम चल रहा है। इन गड्ढों से पानी भरने पर उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इस कारण यह हादसे का कारण बन सकते हैं।
जहां देखो गड्ढे की गड़ढे आते हैं नजर
शहर के हालात बद से बदतर हो गए हैं। जिस तरफ देखो गड्ढे ही गड्ढे नजर आते है। नगर परिषद के अधिकारियों को तो पता भी नहीं है कि गड्ढे कहां हैं। यह तो लोग ही हादसों से बचने के लिए कहीं डंडा तो कहीं झंडा लगा देते हैं। देखने के बावजूद भी अधिकारी उसको अनदेखा कर देते हैं। अधिकारी आश्वासन पर आश्वासन देते हैं, जब कोई हादसा होता है तो फिर दौड़े चले आते हैं। क्यों नही समय रहते काम पूरा किया जाता। जबकि लोग अक्सर शिकायतें करते रहते हैं। - शोभा सिंह चीमा, निवासी शिवालिक विहार
अधिकारी नहीं करते समस्या का समाधान
कई बार शिकायत अधिकारियों से की गई है, लेकिन कोई फर्क नही पड़ा है। क्योंकि वे खुद इस समस्या से नही जूझते, जो लोग टैक्स दे रहे हैं उनको ही समस्या से जूझना पड़ रहा है। सरकार को तय करना चाहिए कि दो-तीन बार कितनी शिकायत करने के बावजूद यदि कोई अधिकारी कार्रवाई नही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।अधिकारी सुबह से शाम तक ऑफिस में बैठकर चले जाते हैं। लेकिन भुगतना तो लोगों को पड़ता है। - अजय कुमार, निवासी भबात
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यह गड्ढे बरसात के कारण बने हैं, अगर इनकी रिपेयर की जाती है तो बरसात के कारण यह दोबारा टूट सकते हैं, इसलिए हम बरसात के रुकने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही बरसात बंद होंगी साथ ही काम शुरु कर दिया जाएगा। जहां जरूरत हैं वहां मिट्टी डालकर गड्ढों को भरा जा रहा है। - जगजीत सिंह जज, कार्यकारी अधिकारी
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जहां देखो गड्ढे की गड़ढे आते हैं नजर
शहर के हालात बद से बदतर हो गए हैं। जिस तरफ देखो गड्ढे ही गड्ढे नजर आते है। नगर परिषद के अधिकारियों को तो पता भी नहीं है कि गड्ढे कहां हैं। यह तो लोग ही हादसों से बचने के लिए कहीं डंडा तो कहीं झंडा लगा देते हैं। देखने के बावजूद भी अधिकारी उसको अनदेखा कर देते हैं। अधिकारी आश्वासन पर आश्वासन देते हैं, जब कोई हादसा होता है तो फिर दौड़े चले आते हैं। क्यों नही समय रहते काम पूरा किया जाता। जबकि लोग अक्सर शिकायतें करते रहते हैं। - शोभा सिंह चीमा, निवासी शिवालिक विहार
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अधिकारी नहीं करते समस्या का समाधान
कई बार शिकायत अधिकारियों से की गई है, लेकिन कोई फर्क नही पड़ा है। क्योंकि वे खुद इस समस्या से नही जूझते, जो लोग टैक्स दे रहे हैं उनको ही समस्या से जूझना पड़ रहा है। सरकार को तय करना चाहिए कि दो-तीन बार कितनी शिकायत करने के बावजूद यदि कोई अधिकारी कार्रवाई नही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।अधिकारी सुबह से शाम तक ऑफिस में बैठकर चले जाते हैं। लेकिन भुगतना तो लोगों को पड़ता है। - अजय कुमार, निवासी भबात
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यह गड्ढे बरसात के कारण बने हैं, अगर इनकी रिपेयर की जाती है तो बरसात के कारण यह दोबारा टूट सकते हैं, इसलिए हम बरसात के रुकने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही बरसात बंद होंगी साथ ही काम शुरु कर दिया जाएगा। जहां जरूरत हैं वहां मिट्टी डालकर गड्ढों को भरा जा रहा है। - जगजीत सिंह जज, कार्यकारी अधिकारी