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Mohali News: कहीं आप तो नहीं खाते लावारिस पशु के मांस के मोमोज
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सील फैक्टरी। संवाद
मोहाली। कहीं आप भी तो रेहड़ी-फड़ी से मोमोज खाने के शौकीन तो नहीं हैं। अगर हां, तो यह समाचार आपके काम का है। मटौर में स्वास्थ्य विभाग ने एक ऐसी ही फैक्टरी पकड़ी है, जहां नॉनवेज मोमोज में चिकन-मीट के अलावा दूसरे जानवरों का मांस डाला जा रहा है। वायरल हुए वीडियो में मांस का टुकड़ा किसी जानवर का सिर बताया जा रहा है। यह सिर किस जानवर का है उसके लिए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को छापा मारकर मटौर में मोमोज बनाने वाली जगह को सील कर दिया है। विभाग की टीम और नगर निगम की सेनेटरी विंग की टीम ने फ्रिज में रखे मांस का सैंपल लेकर उसको जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल यह मटन या चिकन नहीं लग रहा है।
गंदगी भरे माहौल में न सिर्फ यहां मोमोज बनाए जाते थे, बल्कि यहां पर जानवरों को भी काटा जाता था। काटने के बाद खून बहा दिया जाता था। इसके बाद इसका उपयोग नॉनवेज मोमोज को तैयार करने में किया जाता था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि बिना लाइसेंस के मटौर में मोमोज का काम करने के साथ ही एनिमल स्लॉटरिंग और मीट का कारोबार भी किया जा रहा था। यह सब आवासीय क्षेत्र में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है।
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ट्राइसिटी में होते थे सप्लाई
पुलिस जांच में सामने आया कि मटौर में तैयार होने वाले मोमोज को मोहाली के अलावा चंडीगढ़ व पंचकूला के कुछ क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन करके जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मोमोज बनाने वाली फैक्टरी के कर्मचारी सामान छोड़कर भाग गए हैं।
आरोपियों पर मामला दर्ज
मंगलवार को मटौर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। इसके बाद गंदगी में मोमोज बनाने वाले आरोपियों के साथ ही अन्य कारोबारियों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए सैंपल भरे हैं। मांस का टुकड़ा भी जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलेभर में जांच प्रक्रिया चलाई जाएगी। मटौर में स्लॉटिंग मामले की नगर निगम के संबंधित अधिकारी पुष्टि करेंगे। -डॉ. अमृत वड़िंग, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, मोहाली
हमने मटौर में मोमोज बनाने वालों के साथ ही मांस-मछली की दुकानों के चालान काटे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। -जोरावर सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम, मोहाली
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जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को छापा मारकर मटौर में मोमोज बनाने वाली जगह को सील कर दिया है। विभाग की टीम और नगर निगम की सेनेटरी विंग की टीम ने फ्रिज में रखे मांस का सैंपल लेकर उसको जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल यह मटन या चिकन नहीं लग रहा है।
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गंदगी भरे माहौल में न सिर्फ यहां मोमोज बनाए जाते थे, बल्कि यहां पर जानवरों को भी काटा जाता था। काटने के बाद खून बहा दिया जाता था। इसके बाद इसका उपयोग नॉनवेज मोमोज को तैयार करने में किया जाता था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि बिना लाइसेंस के मटौर में मोमोज का काम करने के साथ ही एनिमल स्लॉटरिंग और मीट का कारोबार भी किया जा रहा था। यह सब आवासीय क्षेत्र में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है।
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ट्राइसिटी में होते थे सप्लाई
पुलिस जांच में सामने आया कि मटौर में तैयार होने वाले मोमोज को मोहाली के अलावा चंडीगढ़ व पंचकूला के कुछ क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन करके जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मोमोज बनाने वाली फैक्टरी के कर्मचारी सामान छोड़कर भाग गए हैं।
आरोपियों पर मामला दर्ज
मंगलवार को मटौर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। इसके बाद गंदगी में मोमोज बनाने वाले आरोपियों के साथ ही अन्य कारोबारियों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए सैंपल भरे हैं। मांस का टुकड़ा भी जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलेभर में जांच प्रक्रिया चलाई जाएगी। मटौर में स्लॉटिंग मामले की नगर निगम के संबंधित अधिकारी पुष्टि करेंगे। -डॉ. अमृत वड़िंग, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, मोहाली
हमने मटौर में मोमोज बनाने वालों के साथ ही मांस-मछली की दुकानों के चालान काटे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। -जोरावर सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम, मोहाली