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Mohali News: एसटीपी और नए पावरग्रिड जैसे विकास प्रस्ताव को नहीं मिली मंजूरी, रखा पेंडिंग
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जीरकपुर। जीरकपुर नगर परिषद के हाउस की शुक्रवार को हुई बैठक हंगामापूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक के दौरान पार्षदों ने नगर परिषद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए, जिसके चलते एसटीपी और नए पावरग्रिड जैसे अहम विकास प्रस्तावों को मंजूरी देने के बजाय पेंडिंग रख दिया गया। बैठक के दौरान अधिकारियों और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
प्रधान उदयवीर ढिल्लों के नेतृत्व में सुबह 10 बजे शुरू हुई इस बैठक में एक-दो को छोड़कर लगभग सभी पार्षद उपस्थित रहे। हाउस में एक के बाद एक कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन पार्षदों ने दफ्तरी कामकाज से जुड़े प्रस्तावों को छोड़कर बाकी सभी प्रस्तावों को पेंडिंग में डाल दिया।
बैठक के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि बीते चार वर्षों में अधिकारियों की कारगुजारी संदिग्ध रही है, जिसका खामियाजा जीरकपुर शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पार्षदों का कहना था कि शहरवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। वहीं, अधिकारियों पर करीब 800 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर राशि हड़पने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। पार्षदों ने इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट हाउस में पेश करने की मांग की।
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वार्डबंदी का मुद्दा भी गर्माया
बैठक में वार्डबंदी का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। हाउस के सभी सदस्यों ने प्रस्तावित वार्डबंदी पर एतराज जताते हुए बाकायदा टेबल एजेंडा पारित कर पंजाब सरकार को भेजने का फैसला लिया। एसटीपी और पावरग्रिड प्रोजेक्ट से जुड़े प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए बैठक में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर हाउस की दोबारा होने वाली बैठक में पेश करेगी।
पार्षदों ने उठाए गए विभिन्न मुद्दे
इस बैठक में पार्षदों ने कई मुद्दे उठाए। अकाली परशुराम तेजिंदर सिंह तेजी सिद्धू, यादविंदर शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा तथा अन्य ने वार्ड बंदी को लेकर अपना विरोध दर्ज किया। इस विरोध का सभी पार्षदों ने समर्थन किया। पार्षद नेहा शर्मा ने अपने वार्ड में हुए करीब ढाई करोड़ के उद्घाटनों का हिसाब मांगा। इसके अलावा उन्होंने खाटू श्याम मंदिर के सामने बने ट्यूबवेल का जो लेंटर जमीन के स्तर से ऊंचा उठाकर बनाया गया है उसे पर एतराज उठाया। इसके अलावा उन्होंने आस्था कॉलोनी में से गुजरते खुले नाले को कवर करने की भी मांग रखी।
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प्रधान उदयवीर ढिल्लों के नेतृत्व में सुबह 10 बजे शुरू हुई इस बैठक में एक-दो को छोड़कर लगभग सभी पार्षद उपस्थित रहे। हाउस में एक के बाद एक कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन पार्षदों ने दफ्तरी कामकाज से जुड़े प्रस्तावों को छोड़कर बाकी सभी प्रस्तावों को पेंडिंग में डाल दिया।
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बैठक के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि बीते चार वर्षों में अधिकारियों की कारगुजारी संदिग्ध रही है, जिसका खामियाजा जीरकपुर शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पार्षदों का कहना था कि शहरवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। वहीं, अधिकारियों पर करीब 800 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर राशि हड़पने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। पार्षदों ने इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट हाउस में पेश करने की मांग की।
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वार्डबंदी का मुद्दा भी गर्माया
बैठक में वार्डबंदी का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। हाउस के सभी सदस्यों ने प्रस्तावित वार्डबंदी पर एतराज जताते हुए बाकायदा टेबल एजेंडा पारित कर पंजाब सरकार को भेजने का फैसला लिया। एसटीपी और पावरग्रिड प्रोजेक्ट से जुड़े प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए बैठक में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर हाउस की दोबारा होने वाली बैठक में पेश करेगी।
पार्षदों ने उठाए गए विभिन्न मुद्दे
इस बैठक में पार्षदों ने कई मुद्दे उठाए। अकाली परशुराम तेजिंदर सिंह तेजी सिद्धू, यादविंदर शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा तथा अन्य ने वार्ड बंदी को लेकर अपना विरोध दर्ज किया। इस विरोध का सभी पार्षदों ने समर्थन किया। पार्षद नेहा शर्मा ने अपने वार्ड में हुए करीब ढाई करोड़ के उद्घाटनों का हिसाब मांगा। इसके अलावा उन्होंने खाटू श्याम मंदिर के सामने बने ट्यूबवेल का जो लेंटर जमीन के स्तर से ऊंचा उठाकर बनाया गया है उसे पर एतराज उठाया। इसके अलावा उन्होंने आस्था कॉलोनी में से गुजरते खुले नाले को कवर करने की भी मांग रखी।