{"_id":"5d66e67b8ebc3e93ab3b631f","slug":"decision-in-court-case-in-mohali-mohali-news-pkl3488929134","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में सेवा कर जीवन सुधारेगा मारपीट व लूट का दोषी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में सेवा कर जीवन सुधारेगा मारपीट व लूट का दोषी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। एक साल पहले व्यक्ति से लूट व मारपीट करने के मामले की सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने एक नाबालिग को दोषी ठहराया है। उसे सुधारने के लिए एक अदालत ने अनूठी सजा सुनाई है। आरोपी को दो महीने के लिए सरकारी अस्पताल में सेवा करने के लिए कहा गया है। वह अस्पताल में साफ-सफाई के साथ ही मरीजों की देखभाल भी करेगा। वह सजा के तहत सेवा करने के लिए रोजाना अस्पताल आता है या नहीं, इस पर भी कोर्ट द्वारा नजर रखी जाएगी। अस्पताल में बकायदा इस संबंधी सारा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। वहीं सजा का समय पूरा होने के बाद उक्त व्यक्ति का रिकॉर्ड अदालत में पेश किया जाएगा।
शिकायतकर्ता मनोज कुमार निवासी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी मोहाली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 1 मई को अपने काम से छुट्टी करके घर की ओर जा रहा था। रास्ते में दो मोटरसाइकिल सवार युवक उसके पास आकर रुके और उसे पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान एक युवक ने उसे बाजुओं से पकड़ लिया और दूसरे ने उसकी जेब से 1770 रुपये व मोबाइल निकाल लिया। इसके बाद वे भाग गए।
शिकायतकर्ता ने मोटरसाइकिल का नंबर नोट करके पुलिस को दे दिया था और बाद में पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया था। पूछताछ में पता चला कि वह नाबालिग है। इस पर अदालत ने यह सजा सुनाई है।
विज्ञापन
पहले भी नाबालिगों को ऐसी सजा दे चुकी है अदालत
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी जिला अदालत इस तरह के आदेश दे चुकी है। इसके तहत एक नाबालिग युवक को खरड़-लांडरां रोड पर ट्रैफिक रेगुलेट करने की जिम्मेदारी थी। वहीं चोरी आदि के एक मामले में गुरुद्वारा साहिब में सेवा के आदेश दिए गए थे।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता मनोज कुमार निवासी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी मोहाली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 1 मई को अपने काम से छुट्टी करके घर की ओर जा रहा था। रास्ते में दो मोटरसाइकिल सवार युवक उसके पास आकर रुके और उसे पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान एक युवक ने उसे बाजुओं से पकड़ लिया और दूसरे ने उसकी जेब से 1770 रुपये व मोबाइल निकाल लिया। इसके बाद वे भाग गए।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने मोटरसाइकिल का नंबर नोट करके पुलिस को दे दिया था और बाद में पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया था। पूछताछ में पता चला कि वह नाबालिग है। इस पर अदालत ने यह सजा सुनाई है।
विज्ञापन
पहले भी नाबालिगों को ऐसी सजा दे चुकी है अदालत
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी जिला अदालत इस तरह के आदेश दे चुकी है। इसके तहत एक नाबालिग युवक को खरड़-लांडरां रोड पर ट्रैफिक रेगुलेट करने की जिम्मेदारी थी। वहीं चोरी आदि के एक मामले में गुरुद्वारा साहिब में सेवा के आदेश दिए गए थे।