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नौकरी देने के नाम पर नौजवानों से ठगी और बाद में बंदी बनाने का आरोप

Thu, 29 Mar 2018 01:59 AM IST
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:59 AM IST
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नौकरी देने के नाम पर नौजवानों से ठगी और बाद में बंदी बनाने का आरोप
पंजाब समेत अन्य केंद्र
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फेसबुक पर नौकरी झांसा देकर सात महीने
से बना रखा था बंधक, पुलिस ने छुड़ाया
सबहेड
पड़ोसी की सूचना पर पुलिस ने फ्लैट पर मारा छापा, युवक को अस्पताल में कराया भर्ती

चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित कंपनी के प्रबंधकों के खिलाफ जांच शुरू
पीड़ित युवक बोला- मेरे साथ तीन और युवकों को बना रखा था बंधक, लाखों रुपये ठगे


अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित एक निजी कंपनी द्वारा भोले-भाले नौजवान युवकों को फेसबुक के जरिए नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने और उन्हें बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है। पड़ोसी की सूचना पर बुधवार को पुलिस ने एक फ्लैट पर छापा मारकर बधंक बनाकर रखे गए एक युवक को मुक्त करा लिया जबकि पुलिस के पहुंचने से पहले तीन बंधक युवक कंपनी के गुर्गों के चंगुल से भाग निकलने में कामयाब हो गए। पुलिस अब बंधन मुक्त युवक से पूछताछ के बाद कंपनी प्रबंधकों खिलाफ जांच में जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक फ्लैट से मुक्त कराए गए युवक की पहचान कर्मवीर सिंह निवासी गोल्डन एनक्लेव (मूलरूप निवासी हैदराबाद) के रूप में हुई है। कर्मवीर ने पुलिस को बताया कि चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित एक निजी कंपनी की ओर से उसे फेसबुक पर मैसेज भेजकर रोजगार देने की बात कही गई थी। अच्छे पैकेज के कारण उसने कंपनी प्रबंधकों को काम करने की इच्छा जताई। इसके बाद कंपनी प्रबंधकों ने उसे इंटरव्यू के लिए जीरकपुर बुलाया और यहां इंटरव्यू क्लीयर होने पर उससे ट्रेनिंग सेशन ज्वाइन करने को कहा। युवक के मुताबिक, ट्रेनिंग सेशन के लिए कंपनी ने उससे 50 हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी मनी जमा करवा लिए। इसके कुछ दिनों बाद उसे एक फ्लैट में बंधक बनाकर रख लिया। कर्मवीर का आरोप है कि कंपनी प्रबंधकों ने उसके अलावा तीन और युवकों को फ्लैट में करीब सात माह से बंधक बनाकर रखा था। उसे और बाकी तीन युवकों को सारा-सारा दिन भूखा रखकर घर का काम करवाया जाता था। कर्मवीर के मुताबिक, पुलिस के फ्लैट पर छापा मारने से पहले वह और बाकी तीनों युवक कंपनी के गुर्गों की चंगुल से भागने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान बाकी तीन युवक भाग निकले लेकिन वह बच गया। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर उसे बंधन मुक्त कराया।
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ऐसे हुआ मामले का खुलासा
राहुल जग्गा निवासी जीरकपुर ने बताया कि उनके ऊपर वाले फ्लैट में पिछले 3 से 4 महीनों से किसी के रोने की आवाज आती थी। उन्होंने कई बार ऊपर जाकर मामले का पता लगाने की कोशिश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। बुधवार सुबह उक्त फ्लैट से मारपीट और झगड़े की आवाजें आ रही थीं, जिसके बाद उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो एक युवक फ्लैट के गेट से बाहर भागने की कोशिश कर रहा था जबकि कुछ लोग उसे फ्लैट के अंदर खींच रहे थे। यह देखकर उसने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक युवक को बंधन मुक्त कराया और मेडिकल कराने के लिए उसे डेराबस्सी अस्पताल ले गए।
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कोट्स :::::
मामले की शिकायत मिलने के बाद फ्लैट पर छापा मारकर बंधक युवक को मुक्त कराया गया और उसे डेराबस्सी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। बंधन मुक्त युवक कर्मवीर सिंह के बयान के बाद कंपनी प्रबंधकों खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- पवन शर्मा, एसएचओ, पुलिस थाना जीरकपुर

फोटो नंबर-
405 व 407
चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर डीसीसी द्वारा खोला गया दफ्तर।
406
पुलिस द्वारा फ्लैट से मुक्त कराया गया युवक कर्मवीर सिंह।
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