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नहरी पटवारियों की भरती में हुई धोखाधड़ी
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विजिलेंस ने सिंचाई विभाग के सीनियर सहायक पर दर्ज किया केस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सिंचाई विभाग में नहरी पटवारियों की भरती में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में विजिलेंस ने चीफ इंजीनियर कैनाल वाटर रिर्सोसेज विभाग पंजाब की ब्रांच-2 में तैनात सीनियर सहायक पर केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान लखविन्द्र सिंह के रूप मेें हुई है। उस पर आरोप है कि उसने असल तथ्यों को छुपा कर 6 उम्मीदवारों को गलत ढंग से नहरी पटवारी भर्ती करने संबंधी गलत तजवीज पेश की थी। आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम एक्ट की धारा 7 व आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक डायरेेक्टर लैंड रिकार्ड पंजाब जालंधर की ओर से सिंचाई विभाग (जल स्रोत विभाग) में नहरी पटवारियों की नियुक्ति के लिए अनुसूचित जाति के कोटे के खिलाफ रैंक नंबर 237 से 250 के बीच वाले 9 उम्मीदवारों को गलती से सिफारिशी पत्र जारी किए गए थे। यह गलती ध्यान में आने के बाद उक्त आफिस द्वारा उक्त उम्मीदवारों की गई सिफारिशों को रिव्यू किया गया। इसके बाद उनकी जगह पर उच्च मैरिट वाले उम्मीदवारों को सिफारिशी पत्र जारी कर दिए गए थे। इसी कारण रैंक नंबर 237 से 250 के बीच वाले उम्मीदवारों की सिफारिशें व रिकार्ड सिंचाई विभाग को नहीं भेजा गया था। इन 9 उम्मीदवारों के बारे पता चला चुका था कि उन्हें सिफारिशी पत्र गलती से जारी हो गए थे। यही कारण था कि यह 9 उम्मीदवार लगभग दो महीने तक सिंचाई विभाग के आफिस में हाजिर नहीं हुए। उसके बावजूद सीनियर सहायक लखविन्द्र सिंह ने तथ्यों को छुपाते हुए डायरेक्टर लैंड रिकार्ड पंजाब जालंधर से प्राप्त किए रिकार्ड को आधार बना कर उन 6 उम्मीदवारों को एलोकेशन पत्र जारी करने संबंधी तजवीज पेश कर दी। फिर संबंधित सुपरिटेडेंट द्वारा वही तजवीज प्रबंधक अफसर-2 को पेश कर दी गई। प्रबंधक अफसर-2 द्वारा डायरेेक्टर लैंड रिकार्ड पंजाब जालंधर के पत्र में दिए गए तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए यह तजवीज कमेटी के आगे पेश कर दी गई। कमेटी ने इन उम्मीदवारों में से हाजिर हुए 6 उम्मीदवारों के कागजात चेक करने उपरांत एलोकेशन पत्र जारी कर दिए। उस उपरांत इन 6 उम्मीदवारों को पटवारियों की परीक्षा पास करने उपरांत उन्हें रेगुलर पटवारी के तौर पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सिंचाई विभाग में नहरी पटवारियों की भरती में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में विजिलेंस ने चीफ इंजीनियर कैनाल वाटर रिर्सोसेज विभाग पंजाब की ब्रांच-2 में तैनात सीनियर सहायक पर केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान लखविन्द्र सिंह के रूप मेें हुई है। उस पर आरोप है कि उसने असल तथ्यों को छुपा कर 6 उम्मीदवारों को गलत ढंग से नहरी पटवारी भर्ती करने संबंधी गलत तजवीज पेश की थी। आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम एक्ट की धारा 7 व आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक डायरेेक्टर लैंड रिकार्ड पंजाब जालंधर की ओर से सिंचाई विभाग (जल स्रोत विभाग) में नहरी पटवारियों की नियुक्ति के लिए अनुसूचित जाति के कोटे के खिलाफ रैंक नंबर 237 से 250 के बीच वाले 9 उम्मीदवारों को गलती से सिफारिशी पत्र जारी किए गए थे। यह गलती ध्यान में आने के बाद उक्त आफिस द्वारा उक्त उम्मीदवारों की गई सिफारिशों को रिव्यू किया गया। इसके बाद उनकी जगह पर उच्च मैरिट वाले उम्मीदवारों को सिफारिशी पत्र जारी कर दिए गए थे। इसी कारण रैंक नंबर 237 से 250 के बीच वाले उम्मीदवारों की सिफारिशें व रिकार्ड सिंचाई विभाग को नहीं भेजा गया था। इन 9 उम्मीदवारों के बारे पता चला चुका था कि उन्हें सिफारिशी पत्र गलती से जारी हो गए थे। यही कारण था कि यह 9 उम्मीदवार लगभग दो महीने तक सिंचाई विभाग के आफिस में हाजिर नहीं हुए। उसके बावजूद सीनियर सहायक लखविन्द्र सिंह ने तथ्यों को छुपाते हुए डायरेक्टर लैंड रिकार्ड पंजाब जालंधर से प्राप्त किए रिकार्ड को आधार बना कर उन 6 उम्मीदवारों को एलोकेशन पत्र जारी करने संबंधी तजवीज पेश कर दी। फिर संबंधित सुपरिटेडेंट द्वारा वही तजवीज प्रबंधक अफसर-2 को पेश कर दी गई। प्रबंधक अफसर-2 द्वारा डायरेेक्टर लैंड रिकार्ड पंजाब जालंधर के पत्र में दिए गए तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए यह तजवीज कमेटी के आगे पेश कर दी गई। कमेटी ने इन उम्मीदवारों में से हाजिर हुए 6 उम्मीदवारों के कागजात चेक करने उपरांत एलोकेशन पत्र जारी कर दिए। उस उपरांत इन 6 उम्मीदवारों को पटवारियों की परीक्षा पास करने उपरांत उन्हें रेगुलर पटवारी के तौर पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए।
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