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सहकर्मी इमानदार व निर्भीक अधिकारी के रूप में जानते हैं नेहा को
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नशीली दवाओं के अवैध कारोबारियों के लिए मुसीबत थी डॉ. नेहा
नशीली दवाओं की बिक्री पर 117 ड्रग लाइसेंस सस्पेंड किए नेहा ने
मोहाली। डॉ. नेहा शौरी को उनके सहकर्मी ईमानदार, मेहनती व खुशमिजाज अधिकारी के रूप में जानते हैं। जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के तौर पर तैनात होने के बाद से डॉ. नेहा शौरी ने नशीली व प्रतिबंधित दवाओं के कारोबारियों पर शिकंजा कस दिया था। यह उनके कामकाज की शैली और कार्रवाईयों से साफ होता है।
सहकर्मियों के बीच डॉ. नेहा शौरी की पहचान निर्भीक और ईमानदार अधिकारी की थी। यही वजह है कि उनकी हत्या के बाद फूड एंड टेस्टिंग लैब का पूरा स्टाफ सहमा हुआ है। इमारत में अजीब सी खामोशी है। डॉ. नेहा शौरी की वर्क प्रोफाइल खुद उनके कामकाज की सख्ती को बयां करती है। अक्टूबर 2016 में नेहा जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी नियुक्त हुईं। अक्टूबर 2016 से 29 मार्च 2019 तक डॉ. नेहा ने 117 ड्रग लाइसेंस सस्पेंड किए, जबकि 2 ड्रग लाइसेंस कैंसल किए। डॉ. नेहा की इस कार्यशैली से साफ है कि उनकी सख्ती प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार करने वालों के लिए मुसीबत बनी हुई थीं।
नशीली दवाओं की बिक्री पर 117 ड्रग लाइसेंस सस्पेंड किए नेहा ने
मोहाली। डॉ. नेहा शौरी को उनके सहकर्मी ईमानदार, मेहनती व खुशमिजाज अधिकारी के रूप में जानते हैं। जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के तौर पर तैनात होने के बाद से डॉ. नेहा शौरी ने नशीली व प्रतिबंधित दवाओं के कारोबारियों पर शिकंजा कस दिया था। यह उनके कामकाज की शैली और कार्रवाईयों से साफ होता है।
सहकर्मियों के बीच डॉ. नेहा शौरी की पहचान निर्भीक और ईमानदार अधिकारी की थी। यही वजह है कि उनकी हत्या के बाद फूड एंड टेस्टिंग लैब का पूरा स्टाफ सहमा हुआ है। इमारत में अजीब सी खामोशी है। डॉ. नेहा शौरी की वर्क प्रोफाइल खुद उनके कामकाज की सख्ती को बयां करती है। अक्टूबर 2016 में नेहा जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी नियुक्त हुईं। अक्टूबर 2016 से 29 मार्च 2019 तक डॉ. नेहा ने 117 ड्रग लाइसेंस सस्पेंड किए, जबकि 2 ड्रग लाइसेंस कैंसल किए। डॉ. नेहा की इस कार्यशैली से साफ है कि उनकी सख्ती प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार करने वालों के लिए मुसीबत बनी हुई थीं।
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