फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   लाटरी का विजेता बना 97 लाख ठगे

लाटरी का विजेता बना 97 लाख ठगे

Wed, 12 Jul 2017 02:19 AM IST
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:19 AM IST
विज्ञापन
लाटरी का विजेता बना 97 लाख ठगे
कैप्टन को ऑनलाइन लाटरी का विजेता बना ठगे 97 लाख
विज्ञापन

सेक्टर-67 निवासी की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस
गत वर्ष चार नंबर को कैप्टन को मिली थी एक ईमेल
फिर कई लोगों ने फोन कर लॉटरी की प्रक्रिया पूरी करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
सेना के एक पूर्व कैप्टन को ऑनलाइन लॉटरी का विजेता बनाकर 97 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ठगी इतनी होशियारी से की, कैप्टन को अंतिम पल तक इसकी भनक नहीं लगी। ठगी के बाद से आरोपियों के फोन बंद आ रहे हैं। पुलिस ने मामले में कैप्टन की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 419, 420, 465, 468, 471 व 120बी के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-67 निवासी कैप्टन कुलबीर सिंह ने बताया कि गत वर्ष चार नवंबर को उन्हें एक ईमेल मिली। उसमें लिखा गया था कि वह पांच सौ हजार यूके पाउंड्स जीत गए हैं। साथ ही इनाम राशि के लिए उन्हें पर्सनल डिटेल देने को कहा गया। इसमें बैंक अकाउंट व अन्य जानकारियां देनी थी। ईमेल आने के दो दिन के बाद उन्हें दिल्ली से एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पीटर ब्राउन बताया। साथ ही कहा कि वह यूके से आए हैं। उन्होंने कैप्टन को लॉटरी के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कैप्टन से कहा कि उन्हें जल्दी ही एक कॉल यूके से आएगी, जिसमें उन्हें अपने दस्तावेजों की वेरिफिकेशन करवानी होगी। इसके एक दिन बाद कैप्टन के फोन पर एक और कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद जॉन एंड्रयू बताया। साथ ही कहा कि वह इंग्लैंड से बात कर रहा है। उसने कहा कि उन्हें पुरस्कार राशि हासिल करने के लिए उसके खाते में 97 लाख रुपये प्रोसेसिंग फी के रूप में जमा करवाने होंगे। इसके बाद पुरस्कार राशि उनके खाते में आ जाएगी।
विज्ञापन


ऐसे लगा यह लाटरी सही है
इसके बाद एक महिला ने कैप्टन के मोबाइल पर फोन किया। उसने खुद को आरबीआई का ट्रांसफर एजेंट बताया। साथ ही पैसे ट्रांसफर करने के संबंध में कुछ हिदायत दी। महिला द्वारा इस संबंध में आरबीआई की वेबसाइट से सारी गाइड लाइन बताई गई। इससे उन्हें लॉटरी पर विश्वास हो गया था। साथ ही उन्होंने मनी ट्रांसफर कर दी थी। इसके बाद धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने इस संबंध में आरबीआई को शिकायत दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोन भी बंद, पेमेंट भी नहीं आई
इसके बाद कैप्टन ने बताई गई प्रक्रिया पूरी कर दी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई ईमेल नहीं आई। इसके अलावा पेमेंट भी नहीं पहुंची। वहीं, आरोपियों में से एक ने उससे सीबीआई आफिसर बनकर बात की। बाद में पता चला कि ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed