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एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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जीरकपुर। ढकोली पुलिस थाने के अधीन आते पीरमुच्छल्ला की पॉश सोसाइटी विक्टोरिया सिटी में बीते दिनों कार में सवार होकर आए आरोपी एक परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये की लूट कर फरार हो गए। एक महीने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि उच्चाधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
आरोपियों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
महिला जीनू वर्मा पत्नी राकेश वर्मा निवासी फ्लैट नंबर-103/डी, विक्टोरिया सिटी (पीरमुच्छल्ला) ने पुलिस को बताया था कि दो मई को वह अपने फ्लैट में मौजूद थी और शाम करीब पौने 5 बजे उसके 2 बच्चे और पड़ोसी का एक बच्चा उनके घर आकर खेल रहे थे। इस दौरान कार में सवार 4 युवक सोसाइटी में दाखिल हुए जो फर्स्ट फ्लोर पर स्थित उसके फ्लैट के दरवाजे को बिना नोक किए अंदर दाखिल हो गए। उनमें से 2 के पास पिस्टल और बाकी 2 लोगों के पास चाकू थे, ने बरामदे में खेल रहे बच्चों को बंधक बनाया। ये देख जीनू घबरा गईं। आरोपियों ने उसे घर के अंदर रखा सारा सामान बाहर निकालने का आदेश दिया। आरोपियों के कहे अनुसार, जीनू ने घर में रखी करीब साढ़े 3 लाख की नकदी और आभूषण बाहर रख दिए, जिसे आरोपियों ने बैग में भरा और वहां से निकलने से पहले सभी के हाथ और मुंह को पट्टियों से बांध दिया। आरोपी चुपचाप कार में सवार होकर फरार हो गए। पड़ोसी ने उनके हाथ और मुंह पर बंधी पट्टियों को खोला और जानकारी पुलिस को दी।
एसआईटी का हुआ था गठन
पॉश सोसाइटी के अंदर एक परिवार को आरोपी बंधक बनाकर लूट को अंजाम देकर चले गए, ये बात पुलिस को रास नहीं आ रही। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने एसआईटी का गठन किया, जिसके इंचार्ज एसपी (डिटेक्टिव) वरुण शर्मा को बनाया। वरुण शर्मा के नेतृत्व में डीएसपी तरलोचन सिंह, डीएसपी डेराबस्सी सिमरनजीत सिंह लंग, सीआईए इंचार्ज सतवंत सिंह सिद्धू और पुलिस थाना के एसएचओ दलबीर सिंह को शामिल किया गया, परंतु पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, शुरुआती जांच में पुलिस अधिकारियों को इसके तार पंजाब के जिला फरीदकोट से जुड़ते दिखाई दिए, लेकिन यहां से भी कोई सुराग नहीं मिल पाया।
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कोट्स :::
लोकसभा चुनाव में व्यस्तता के चलते मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ाया जा सका, इसलिए मामला अभी पेंडिंग है। मामले को अब दोबारा से स्टडी किया जा रहा है, जिसके चलते विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।
-दलबीर सिंह, ढकोली पुलिस थाना के एसएचओ-कम-सिटी सदस्य।
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आरोपियों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
महिला जीनू वर्मा पत्नी राकेश वर्मा निवासी फ्लैट नंबर-103/डी, विक्टोरिया सिटी (पीरमुच्छल्ला) ने पुलिस को बताया था कि दो मई को वह अपने फ्लैट में मौजूद थी और शाम करीब पौने 5 बजे उसके 2 बच्चे और पड़ोसी का एक बच्चा उनके घर आकर खेल रहे थे। इस दौरान कार में सवार 4 युवक सोसाइटी में दाखिल हुए जो फर्स्ट फ्लोर पर स्थित उसके फ्लैट के दरवाजे को बिना नोक किए अंदर दाखिल हो गए। उनमें से 2 के पास पिस्टल और बाकी 2 लोगों के पास चाकू थे, ने बरामदे में खेल रहे बच्चों को बंधक बनाया। ये देख जीनू घबरा गईं। आरोपियों ने उसे घर के अंदर रखा सारा सामान बाहर निकालने का आदेश दिया। आरोपियों के कहे अनुसार, जीनू ने घर में रखी करीब साढ़े 3 लाख की नकदी और आभूषण बाहर रख दिए, जिसे आरोपियों ने बैग में भरा और वहां से निकलने से पहले सभी के हाथ और मुंह को पट्टियों से बांध दिया। आरोपी चुपचाप कार में सवार होकर फरार हो गए। पड़ोसी ने उनके हाथ और मुंह पर बंधी पट्टियों को खोला और जानकारी पुलिस को दी।
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एसआईटी का हुआ था गठन
पॉश सोसाइटी के अंदर एक परिवार को आरोपी बंधक बनाकर लूट को अंजाम देकर चले गए, ये बात पुलिस को रास नहीं आ रही। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने एसआईटी का गठन किया, जिसके इंचार्ज एसपी (डिटेक्टिव) वरुण शर्मा को बनाया। वरुण शर्मा के नेतृत्व में डीएसपी तरलोचन सिंह, डीएसपी डेराबस्सी सिमरनजीत सिंह लंग, सीआईए इंचार्ज सतवंत सिंह सिद्धू और पुलिस थाना के एसएचओ दलबीर सिंह को शामिल किया गया, परंतु पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, शुरुआती जांच में पुलिस अधिकारियों को इसके तार पंजाब के जिला फरीदकोट से जुड़ते दिखाई दिए, लेकिन यहां से भी कोई सुराग नहीं मिल पाया।
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लोकसभा चुनाव में व्यस्तता के चलते मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ाया जा सका, इसलिए मामला अभी पेंडिंग है। मामले को अब दोबारा से स्टडी किया जा रहा है, जिसके चलते विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।
-दलबीर सिंह, ढकोली पुलिस थाना के एसएचओ-कम-सिटी सदस्य।