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गर्ग व गुरिंद्र सिंह टिंकू के अरेंस्ट वारंट जारी
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:20 PM IST
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अमित और गुरिंद्र के अरेंस्ट वारंट जारी
-विजिलेंस ने गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर व अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया
-अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
बोगस कंपनियां बनाकर सरकारी खजाने को लूटने के मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों को वीरवार को जिला अदालत में पेश किया गया। आरोपियों में गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर सुरिंदर सिंह पहलवान, गुरमेश व मोहित कुमार शामिल हैं। वहीं, अदालत ने इस मामले के दो अन्य आरोपियों मेसर्स राजिंदर एंड कंपनी प्रालि. के गुरिंद्रर पाल सिंह उर्फ टिंकू व ओएसिस टेक्रोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड अमित गर्ग के अरेस्ट वारंट जारी कर दिए है। अदालत ने पुलिस को तुरंत आरोपियों को पकड़ने के आदेश दिए है।
जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस वीरवार दोपहर आरोपियों को लेकर अदालत पहुंची। इस दौरान विजिलेंस के अधिकारियों ने अदालत में बताया कि गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर एसपी सिंह की कंपनियों के खाते में अब तक 57 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। अब उन्हें यह पता लगाना है कि आरोपी के पास यह पैसे कैसे आए। हालांकि अदालत ने विजिलेंस का कोई तर्क नहीं सुना। साथ ही उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
गनमैन पर टिकी विजिलेंस की नजरें
ओएसिस कंपनी के मालिक अमित गर्ग फिलहाल फरार है। लेकिन विजिलेंस अब उनके गनमैन से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। विजिलेंस का मानना है कि उसके सभी ठिकानों व जानकारों का गनमैन को पता है। वहीं, यह भी पता चला है कि जिस दिन अमित गर्ग खिलाफ केस दर्ज हुआ। तो उसका गनमैन पुलिस लाइन जाने की बजाय सीधा अपने घर चला गया ।
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ई-टेंडरिंग में भी करते थे खेल
अदालत में विजिलेंस के अधिकारियों का तर्क था कि आरोपी पूर्व चीफ इंजीनियर ऑनलाइन टेंडरिंग प्रक्रिया में भी गेम करता था। वह इसमें टेपंरिंग करता था। जिसकी भी विजिलेंस द्वारा पड़ताल की जानी है। जबकि बचाव पक्ष के वकीलों का कहना था कि वह ऐसा कुछ नहीं करते थे। वहीं, विजिलेंस काफी सामान रिकवर कर चुकी है।
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-विजिलेंस ने गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर व अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया
-अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
बोगस कंपनियां बनाकर सरकारी खजाने को लूटने के मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों को वीरवार को जिला अदालत में पेश किया गया। आरोपियों में गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर सुरिंदर सिंह पहलवान, गुरमेश व मोहित कुमार शामिल हैं। वहीं, अदालत ने इस मामले के दो अन्य आरोपियों मेसर्स राजिंदर एंड कंपनी प्रालि. के गुरिंद्रर पाल सिंह उर्फ टिंकू व ओएसिस टेक्रोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड अमित गर्ग के अरेस्ट वारंट जारी कर दिए है। अदालत ने पुलिस को तुरंत आरोपियों को पकड़ने के आदेश दिए है।
जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस वीरवार दोपहर आरोपियों को लेकर अदालत पहुंची। इस दौरान विजिलेंस के अधिकारियों ने अदालत में बताया कि गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर एसपी सिंह की कंपनियों के खाते में अब तक 57 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। अब उन्हें यह पता लगाना है कि आरोपी के पास यह पैसे कैसे आए। हालांकि अदालत ने विजिलेंस का कोई तर्क नहीं सुना। साथ ही उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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गनमैन पर टिकी विजिलेंस की नजरें
ओएसिस कंपनी के मालिक अमित गर्ग फिलहाल फरार है। लेकिन विजिलेंस अब उनके गनमैन से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। विजिलेंस का मानना है कि उसके सभी ठिकानों व जानकारों का गनमैन को पता है। वहीं, यह भी पता चला है कि जिस दिन अमित गर्ग खिलाफ केस दर्ज हुआ। तो उसका गनमैन पुलिस लाइन जाने की बजाय सीधा अपने घर चला गया ।
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ई-टेंडरिंग में भी करते थे खेल
अदालत में विजिलेंस के अधिकारियों का तर्क था कि आरोपी पूर्व चीफ इंजीनियर ऑनलाइन टेंडरिंग प्रक्रिया में भी गेम करता था। वह इसमें टेपंरिंग करता था। जिसकी भी विजिलेंस द्वारा पड़ताल की जानी है। जबकि बचाव पक्ष के वकीलों का कहना था कि वह ऐसा कुछ नहीं करते थे। वहीं, विजिलेंस काफी सामान रिकवर कर चुकी है।