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कुवैत में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
Updated Fri, 16 Mar 2018 02:08 AM IST
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कुवैत में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
सैकड़ों लोगों से ठगी कर इमिग्रेशन कंपनी के मुलाजिम फरार
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
वीआईपी रोड स्थित एक इमिग्रेशन कंपनी द्वारा सैकड़ों लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। कंपनी के सभी मुलाजिम फरार हैं। आवेदनकर्ताओं ने कंपनी का ऑफिस बंद देखकर पुलिस को शिकायत दी है।
अर्जुन राय निवासी ईस्ट नेपाल ने बताया कि मोबाइल फोन पर फेसबुक पेज पर एक विज्ञापन दिखा। उसे क्लिक करने पर कंपनी के संबंध में पूरी जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने विदेश जाकर नौकरी करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने कंपनी के नंबरों पर संपर्क कर अप्वाइंटमेंट हासिल की। शिकायत के अनुसार, गत 20 जनवरी को एक कंपनी ने उन्हें ऑफिस में बुलाया। वहां आने पर कंपनी के अधिकारियों ने फार्म भरने के बाद 70 हजार रुपये जमा करवा लिए। अर्जुन ने कहा कि उस समय कुछ अन्य लोगों ने भी विदेश जाने के लिए फार्म भरकर राशि जमा करवाई। करीब दो महीने बाद आवेदनकर्ताओं ने कंपनी से संपर्क किया तो पता चला की आरोपी दफ्तर बंद कर फरार हो गए हैं।
नेपाल को टारगेट रखते हुए बनाई स्कीम
शिकायत के अनुसार, इमिग्रेशन कंपनी के अधिकारियों ने नेपाल के लोगाें को लक्ष्य बनाकर स्कीम तैयार की। इसके तहत 120 सिक्योरिटी गार्ड, 30 सिक्योरिटी लीड, 06 सिक्योरिटी सीनियर को-ऑर्डिनेटर और 10 एडमिनिस्ट्रेटिव इंचार्ज के लिए फार्म भरवाए गए। आरोप है कि कुवैत में इन पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।
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साठ हजार प्रतिमाह वेतन दिलाने का दिया था आश्वासन
फुरकान अहमद, फहीम अहमद, अब्दुल करीब, अतहर, उमेद अहमद, काफिल अहमद समेत अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कंपनी अधिकारियों ने उक्त सारी पोस्टों में सिक्योरिटी गार्ड के लिए 64 हजार (1080 यूएस डॉलर), सिक्योरिटी लीड के लिए 90 हजार (1450 यूएस डॉलर), सिक्योरिटी सीनियर को-ऑर्डिनेटर के लिए 1 लाख (1600 यूएस डॉलर) और ऑफिस एडमिनिस्ट्रेटिव के लिए 75 हजार रुपये (1200 यूएस डॉलर) प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन दिया था। जबकि पैसे जमा करवाने के बाद न तो उन्हें विदेश में नौकरी दिलवाई और न उनके पैसे वापस किए।
कोट्स :::::::
लोगों की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ितों को उनके द्वारा जमा करवाए गए पैसे की डिटेल्स लाने को कहा गया है, उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-पवन शर्मा, एसएचओ, पुलिस थाना जीरकपुर।
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सैकड़ों लोगों से ठगी कर इमिग्रेशन कंपनी के मुलाजिम फरार
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
वीआईपी रोड स्थित एक इमिग्रेशन कंपनी द्वारा सैकड़ों लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। कंपनी के सभी मुलाजिम फरार हैं। आवेदनकर्ताओं ने कंपनी का ऑफिस बंद देखकर पुलिस को शिकायत दी है।
अर्जुन राय निवासी ईस्ट नेपाल ने बताया कि मोबाइल फोन पर फेसबुक पेज पर एक विज्ञापन दिखा। उसे क्लिक करने पर कंपनी के संबंध में पूरी जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने विदेश जाकर नौकरी करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने कंपनी के नंबरों पर संपर्क कर अप्वाइंटमेंट हासिल की। शिकायत के अनुसार, गत 20 जनवरी को एक कंपनी ने उन्हें ऑफिस में बुलाया। वहां आने पर कंपनी के अधिकारियों ने फार्म भरने के बाद 70 हजार रुपये जमा करवा लिए। अर्जुन ने कहा कि उस समय कुछ अन्य लोगों ने भी विदेश जाने के लिए फार्म भरकर राशि जमा करवाई। करीब दो महीने बाद आवेदनकर्ताओं ने कंपनी से संपर्क किया तो पता चला की आरोपी दफ्तर बंद कर फरार हो गए हैं।
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नेपाल को टारगेट रखते हुए बनाई स्कीम
शिकायत के अनुसार, इमिग्रेशन कंपनी के अधिकारियों ने नेपाल के लोगाें को लक्ष्य बनाकर स्कीम तैयार की। इसके तहत 120 सिक्योरिटी गार्ड, 30 सिक्योरिटी लीड, 06 सिक्योरिटी सीनियर को-ऑर्डिनेटर और 10 एडमिनिस्ट्रेटिव इंचार्ज के लिए फार्म भरवाए गए। आरोप है कि कुवैत में इन पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।
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साठ हजार प्रतिमाह वेतन दिलाने का दिया था आश्वासन
फुरकान अहमद, फहीम अहमद, अब्दुल करीब, अतहर, उमेद अहमद, काफिल अहमद समेत अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कंपनी अधिकारियों ने उक्त सारी पोस्टों में सिक्योरिटी गार्ड के लिए 64 हजार (1080 यूएस डॉलर), सिक्योरिटी लीड के लिए 90 हजार (1450 यूएस डॉलर), सिक्योरिटी सीनियर को-ऑर्डिनेटर के लिए 1 लाख (1600 यूएस डॉलर) और ऑफिस एडमिनिस्ट्रेटिव के लिए 75 हजार रुपये (1200 यूएस डॉलर) प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन दिया था। जबकि पैसे जमा करवाने के बाद न तो उन्हें विदेश में नौकरी दिलवाई और न उनके पैसे वापस किए।
कोट्स :::::::
लोगों की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ितों को उनके द्वारा जमा करवाए गए पैसे की डिटेल्स लाने को कहा गया है, उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-पवन शर्मा, एसएचओ, पुलिस थाना जीरकपुर।