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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सीआईबी ने मारा छापा, 12 एजेंटों का किया चालान, चेतावनी देकर छोड़ा

Wed, 27 Nov 2019 11:32 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 27 Nov 2019 11:32 AM IST
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crime intelligence branch raid on chandigarh railway station for tour & travel agents
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेवल एजेंट्स की चांदी है। वे बिना रोक-टोक रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को रोजाना परेशान करते हैं। मंगलवार को क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) नेचंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने करीब 12 ट्रैवल एजेंट्स और प्लेटफार्मों पर घुसने वाले अनिधकृत व्यक्तियों को चेतावनी देकर छोड़ा। टीम के जाते ही वे फिर से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को परेशान करने पहुंच गए।
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बता दें कि जैसे ही दूसरे स्टेशनों से आने वाली ट्रेन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है तो ट्रेवल एजेंट प्लेटफार्म पर आ धमकते हैं और सैलानियों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर देते हैं। इनका जाल इतना लंबा है कि टिकट बुकिंग काउंटर से लेकर ट्रेन के कोच तक सैलानियों से ट्रैवल के नाम पर एजेंट मनमाने तरीके से पैसे वसूल करते हैं। खासकर हिमाचल की वादियों में गर्मी के दिनों में सैर के लिए आने वाले सैलानी इनके झांसे में आसानी से फंस जाते हैं क्योंकि वे इनकी हकीकत नहीं जानते।
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यात्रियों की शिकायत पर अमर उजाला के संवाददाता ने रियलिटी चेक किया तो पाया कि लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जैसे ही रुकी तो ट्रैवल एजेंट ट्रेन के एक छोर से दूसरे छोर तक फैल गए और ट्रेन से उतरने वाले सैलानियों को घेरने और अपनी बातों में फंसाने में जुट गए। एक एजेंट तो रेल यात्रियों को इश्तिहार दिखाने लगा। जैसे ही अमर उजाला के फोटोग्राफर को देखा तो वे वहां से भाग निकले।
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रेलवे स्टेशन से 500 मीटर में है नेटवर्क
ट्रेवल एजेंट्स का नेटवर्क चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर दड़वा से जुड़ा है, जहां ट्रैवल एजेंट्स कंपनियों के करीब 11 कार्यालय हैं, जिनके 30 से 35 गुर्गे रेलवे स्टेशन यात्रियों को अपनी जाल में फंसाने में जुटे रहते हैं। अगर आप चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर कुछ देर इधर-उधर घूमते दिख गए तो जीआरपी से लेकर आरपीएफ तक आपसे सवाल करने लगेंगे। वहीं टीटी भी आपसे प्लेटफार्म टिकट मांगने लगेंगे, लेकिन इन्हें कोई रोकने वाला नहीं है।

विदेशी और महानगरों के सैलानी फंसते हैं इनके जाल में
मुंबई, जयपुर, गुजरात, व विदेश के आने वाले सैलानियों को एजेंट्स आसानी से अपने जाल में फंसा लेते हैं। पहले यात्रियों को अपनी बातों में फंसाकर एजेंट्स अपने ऑफिस तक ले जाते हैं, वहां जाकर रेट तय होता है। इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों को फंसाकर उनसे मनमाने तरीके से टैक्सी के नाम पर किराया वसूल किया जाता है। यहां तक कि होटलों की डीलिंग भी यहीं से हो जाती है, उसका भी अलग से कमीशन वसूल करते हैं।


चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर आने वाले अनिधकृत व्यकितयों को पकड़ा गया था। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। अगर दोबारा वे इस एरिया में आते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- कैलाश चंद्र, इंस्पेक्टर सीआईबी
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