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कोरोना ने बिगाड़ी कई सरकारी विभागों की आर्थिक स्थिति, सरकारी दफ्तर और गमाडा ने ही नहीं भरा प्रॉपर्टी टैक्स

Fri, 13 Aug 2021 01:59 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 01:59 AM IST
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Corona spoiled the financial condition of many government departments, government offices and GMADA not only paid property tax
मोहाली। कोरोना काल ने आम नागरिकों, बाजारों और औद्योगिक इकाईयों की ही नहीं, सरकारी विभागों की हालत भी बिगाड़ दी है। सरकार से अतिरिक्त आर्थिक सहायता न मिलने और कोरोना काल में टैक्स कलेक्शन में आई कमी के कारण कई विभाग इन दिनों आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। कोरोना काल में कई सरकारी विभागों ने भी राजस्व का भुगतान नहीं किया। जिससे नगर निगम को करीब 4 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स का नुकसान हुआ है। वहीं, मार्केट कमेटी को एक करोड़ 26 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते व्यवसायिक संस्थान बंद रहे। सरकारी अमले का पूरा फोकस कोरोना नियंत्रण और संक्रमितों को संभालने पर रहा। ऐसे में राजस्व भुगतान में भारी कमी आई। जिसका असर अब सरकारी विभागों की आर्थिक स्थिति पर नजर आने लगा है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले विभागों में नगर निगम, मार्केट कमेटी और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड शामिल हैं। नगर निगम को कोरोना के दौरान करीब 4 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स का नुकसान उठाना पड़ा। प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान न करने वालों में जिला प्रशासन के कार्यालय, एनआरआई थाने सहित सभी पुलिस थाने और गमाडा शामिल है। आर्थिक वर्ष 2020-21 के दौरान प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान में कमी आने से निगम को 4 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, निगम की आय के महत्वपूर्ण साधन, यानि विज्ञापन बोर्डों से होने वाली आय में भी गिरावट आई। वीआईपी सिटी में 50 प्रतिशत विज्ञापन बोर्ड संबंधित कंपनियों ने सरेंडर कर दिए। जिससे होने वाली आय न मिल पाने से निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
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इसी तरह कोरोना काल के चलते 18 महीने तक जिले की मंडियां बंद रहीं। जिनका संचालन मार्केट कमेटी द्वारा किया जाता है। जिसमें मोहाली में रोजाना 2 सेक्टरों में और खरड़ में हर सप्ताह 2 मंडियां लगाई जाती हैं। कोरोना काल से पहले जिले की इन मंडियों से मार्केट फीस के तौर पर 7 लाख रुपये प्रति माह की आमदनी होती थी। 18 महीने तक मंडियां न लगने के कारण मार्केट कमेटी को एक करोड़ 26 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि अब दूसरी लहर के बाद मंडियां खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके बाद अगस्त से ये सभी मंडियां फिर से लगी हैं।
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कोरोना काल के चलते पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) को लगातार दूसरे साल भी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। जबकि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पूरी तैयारी कर चुका था। प्रश्नपत्रों और आंसरशीट की छपाई हो चुकी थी, परीक्षा केंद्र भी तय किए जा चुके थे, डेटशीट भी जारी कर दी गई थी। बोर्ड की तैयारियों के बाद सरकार ने परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया। इस सब पर बोर्ड का लाखों रुपया खर्च हुआ। पीएसईबी यूनियन के नेता परमिंदर सिंह खंडूरा कहते हैं कि महामारी के मद्देनजर परीक्षाएं रद्द करने का फैसला भी ठीक था, लेकिन बोर्ड के खर्चों का भुगतान सरकार करे। किताबों की छपाई के 350 करोड़ रुपये सरकार की तरफ बकाया हैं। जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा। कोरोना काल में फीसों का भुगतान भी रुक गया। जिसका असर बोर्ड की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। बोर्ड की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। हालात नहीं सुधरे तो बोर्ड अपने कर्मचारियों को वेतन व पेंशन का भुगतान तक नहीं कर पाएगा।
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कोट्स
टैक्स नहीं आने से हुआ 4 करोड़ का नुकसान
नगर निगम का वार्षिक बजट 150 करोड़ रुपये है। कोरोना काल में प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान में कमी आने से 4 करोड़ का नुकसान हुआ है। विज्ञापन बोर्ड भी 50 प्रतिशत तक सरेंडर कर दिए गए। जिससे राजस्व का नुकसान हुआ है। लोग प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करें, इसके लिए नगर निगम ने 10 प्रतिशत छूट देने की योजना बनाई है। प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान में छूट का लाभ उन्हीं को मिलेगा, जिन्होंने 30 सितंबर तक नियमित रूप से प्रापर्टी टैक्स का भुगतान किया हो। - डॉ. कमल कुमार गर्ग, निगम कमिश्नर मोहाली।

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18 महीने मेें हुआ एक करोड़ 26 लाख का नुकसान
कोरोना काल के दौरान मोहाली और खरड़ की मंडियां बंद रहीं। 18 महीने तक मंडियां बंद रहने से मार्केट कमेटी को एक करोड़ 26 लाख रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि इसकी भरपाई हो पाना तो मुश्किल है, लेकिन अब मंडियां खुल जाने पर फिर से मार्केट फीस आना शुरू हो गई है। मंडियों में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। - हरकेश चंद शर्मा, चेयरमैन मार्केट कमेटी, खरड़।
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