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Mohali News: कार को कमर्शियल व्हीकल बताकर बीमा क्लेम रोका, उपभोक्ता आयोग ने लगाई फटकार

Thu, 21 May 2026 02:22 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 02:22 AM IST
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Consumer Commission reprimands owner for withholding insurance claim by declaring car as commercial vehicle
मोहाली। मोहाली के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा वाहन बीमा क्लेम खारिज करने को मनमाना और सेवा में कमी करार देते हुए कंपनी को फटकार लगाई है। आयोग ने बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को 2.44 लाख रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने और मानसिक प्रताड़ना व मुकदमेबाजी खर्च के लिए 25 हजार रुपये अतिरिक्त देने के आदेश दिए हैं।
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यह मामला मोहाली के फेज-4 निवासी रितु सैनी द्वारा दायर उपभोक्ता शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उनकी कार का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से प्राइवेट कार पैकेज पॉलिसी के तहत करवाया गया था। पॉलिसी की अवधि 17 अक्तूबर 2021 से 16 अक्तूबर 2022 तक थी और इसके लिए 19,685 रुपये प्रीमियम जमा कराया गया था।
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शिकायत के अनुसार 19 अप्रैल 2022 को उनके पति कार चला रहे थे, तभी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कार को काफी नुकसान पहुंचा। वाहन को सेक्टर-82 स्थित कृष्णा ऑटोमोबाइल्स में मरम्मत के लिए भेजा गया और अगले ही दिन बीमा कंपनी को घटना की सूचना दे दी गई।
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वर्कशॉप ने 24 अप्रैल 2022 को 2.64 लाख रुपये का मरम्मत अनुमान तैयार किया। शिकायतकर्ता ने स्पेयर पार्ट्स, ऑयल, लुब्रिकेंट और अन्य सामग्री पर करीब 1.89 लाख रुपये खर्च किए, जबकि लेबर चार्ज के रूप में 54,278 रुपये अदा किए गए। कुल खर्च 2,44,024 रुपये आया।
हालांकि 22 जून 2022 को बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि वाहन का इस्तेमाल निजी उपयोग के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था, जो पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। कंपनी ने सर्वेयर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि कार का इस्तेमाल विभिन्न स्थानों पर भूजल जांच कार्य के लिए किया जा रहा था, इसलिए इसे कमर्शियल उपयोग माना जाएगा।

बीमा कंपनी ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाई
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी यह साबित करने के लिए कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य पेश नहीं कर सकी कि वाहन किराये, माल ढुलाई या व्यावसायिक परिवहन में इस्तेमाल हो रहा था। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्वयं रोजगार के तहत काम के सिलसिले में वाहन का उपयोग कमर्शियल यूज नहीं माना जा सकता। आयोग के चेयरमैन एसके अग्रवाल, सदस्य परमजीत कौर और लेफ्टिनेंट कर्नल जसबीर सिंह बाठ ने कहा कि वास्तविक क्लेम को केवल सर्वेयर रिपोर्ट के आधार पर खारिज करना अनुचित व्यापारिक व्यवहार और सेवा में कमी को दर्शाता है।
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