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हाउस में एक्शन मोड में नजर आई कांग्रेस, शिअद पार्षदों को बैठक में दिया चकमा
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जीरकपुर। सोमवार को नगर परिषद के प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में हुई हाउस की बैठक में कांग्रेसी पार्षद पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आए। वह बैठक में आधा घंटा देरी से पहुंचे और 20-25 मिनट में ही 19 एजेंडों मेें से 16 पर अपनी सहमति देकर प्रधान के साथ निकल लिए। जबकि हाउस की पिछली बैठक में शिअद के पार्षदों ने उन्हें बोलने तक का मौका नहीं दिया था।
वहीं दूसरी ओर, इससे पहले कि शिअद के पार्षद कुछ समझ पाते तब तक अधिकारियों सहित प्रधान बैठक से जा चुके थे और शिअद पार्षदों के पास नारेबाजी करने के अलावा कुछ नहीं बचा। इस पर उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर करते हुए जमकर नारेबाजी की। बता दें कि पिछली दो बैठकों के दौरान शिअद पार्षदों ने अपना पुराना अनुभव दिखाते हुए कांग्रेसी पार्षदों को बोलने का मौका तक नहीं दिया। इसको लेकर शिअद विधायक एनके शर्मा ने अपना प्रभाव लोगों तक डालने की कोशिश की थी। लेकिन सोमवार को कांग्रेसी नेताओं की रणनीति का किसी को पता नहीं था, जिन्होंने तीसरी बैठक में शिअद पार्षदों के सवालों पर कुछ न बोलकर उनके मुंह को खुलने से पहले ही बंद कर दिया और वहां से निकल लिए।
पहले ही आधा घंटे देरी से पहुंचे और प्रस्ताव पास करते ही निकलते बने कांग्रेसी
स्थानीय नगर परिषद की मासिक बैठक प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में सोमवार सुबह 11 बजे हुई। इसमें प्रधान सहित कांग्रेसी पार्षदों को छोड़कर शिअद के सभी 8 पार्षद समय से पहले पहुंच गए थे। वहीं, करीब आधा घंटे देरी से प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों सभी कांग्रेसी पार्षदों के साथ बैठक में पहुंचे। उन्होंने हाउस की बैठक के एजेंडे में शामिल 19 प्रस्तावों को पर मात्र 20-25 मिनट तक चर्चा की। इसके बाद एजेंडे में शामिल तीन कामों को छोड़कर बाकी 16 प्रस्तावों को अपनी सहमति देकर प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के साथ बैठक से चलते बने।
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वहीं, दूसरी ओर इस बैठक में एजेंडे में शामिल कार्यों में अपने ऐतराज जताने के लिए बैठे शिअद के सभी पार्षद कांग्रेसी पार्षदों की इस रणनीति से चकमा खाकर देखते ही रह गए। जब तक शिअद नेता और पार्षद कुछ समझ पाते तब तक 2-3 को छोड़कर सभी कांग्रेसी पार्षद बैठक से बाहर चले गए। जिनके साथ शिअद पार्षदों की कुछ देर तक बहसबाजी हुई और फिर कांग्रेसी पार्षद इनको नजरअंदाज करके चलते बने।
नप प्रधान ढिल्लों के खिलाफ शिअद के पार्षदों ने की नारेबाजी
दरअसल सोमवार को हाउस की बैठक में कांग्रेसियों की इस रणनीति को देखकर शिअद के पार्षद आग बबुला हो गए। जिन्होंने मोर्चा खोलते हुए कांग्रेसी पार्षदों को आड़े हाथों लेते हुए निजी हमले करना शुरू कर दिए। दूसरी ओर, शिअद पार्षदों के जुबानी हमलों का एक-एक जवाब प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने पूरे जोश से दिया, जिसको सुनने के बाद और शिअद पार्षदों ने प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के पिता एवं हलका कांग्रेस इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को लेकर गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणियां शुरू कर दीं। जिसका प्रधान ढिल्लों ने कुछ बातों का जवाब दिया और फिर उनकी बातों को नजरअंदाज करने के बाद अपने कार्यालय की ओर चले गए और प्रधान ढिल्लों के जाने के बाद शिअद पार्षदों ने रोष जताते हुए कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रक्रिया फॉलो नहीं की, पर्सनल बेनिफिट ऑफ बैक डोर एंट्री
हाउस की बैठक में नगर परिषद को कानूनी सलाहकार के रूप में एडवोकेट करमजीत सिंह की नियुक्त का प्रस्ताव पेश किया गया। जिसको लेकर वार्ड-20 से पार्षद तेजिंदर सिंह तेजी सिद्धू ने ऐतराज दर्ज करवाया कि कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने वाले वकील को लेकर परिषद अधिकारियों ने प्रक्रिया फॉलो नहीं की। बल्कि प्रधान ढिल्लों चहेतों को ऐसे पदों पर तैनात करवाकर टैक्स के रूप में एकत्रित पैसे का कानूनी रूप से लूटना चाहते हैं। साथ ही एडवोकेट करमजीत सिंह की मदद से शहर में गैरकानूनी गतिविधियां करना चाहते हैं, जो शिअद कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
शिअद पार्षद नगर परिषद में कानूनी सलाहकार के रूप में एडवोकेट करमजीत सिंह पर ऐतराज जता रहे हैं, जो आधारहीन है। दरअसल कांग्रेस द्वारा किए जाने वाले कामों को लेकर शिअद की नुक्ताचीनी करने की आदत सी हो गई है, जिसे शहरवासी जानते हैं। रही बात एडवोकेट करमजीत सिंह की नगर परिषद में कानूनी सलाहकार की नियुक्ति की तो इसमें विभाग ने कानून का पूरा पालन किया है, और उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
- उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, नगर परिषद, जीरकपुर।
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वहीं दूसरी ओर, इससे पहले कि शिअद के पार्षद कुछ समझ पाते तब तक अधिकारियों सहित प्रधान बैठक से जा चुके थे और शिअद पार्षदों के पास नारेबाजी करने के अलावा कुछ नहीं बचा। इस पर उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर करते हुए जमकर नारेबाजी की। बता दें कि पिछली दो बैठकों के दौरान शिअद पार्षदों ने अपना पुराना अनुभव दिखाते हुए कांग्रेसी पार्षदों को बोलने का मौका तक नहीं दिया। इसको लेकर शिअद विधायक एनके शर्मा ने अपना प्रभाव लोगों तक डालने की कोशिश की थी। लेकिन सोमवार को कांग्रेसी नेताओं की रणनीति का किसी को पता नहीं था, जिन्होंने तीसरी बैठक में शिअद पार्षदों के सवालों पर कुछ न बोलकर उनके मुंह को खुलने से पहले ही बंद कर दिया और वहां से निकल लिए।
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पहले ही आधा घंटे देरी से पहुंचे और प्रस्ताव पास करते ही निकलते बने कांग्रेसी
स्थानीय नगर परिषद की मासिक बैठक प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में सोमवार सुबह 11 बजे हुई। इसमें प्रधान सहित कांग्रेसी पार्षदों को छोड़कर शिअद के सभी 8 पार्षद समय से पहले पहुंच गए थे। वहीं, करीब आधा घंटे देरी से प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों सभी कांग्रेसी पार्षदों के साथ बैठक में पहुंचे। उन्होंने हाउस की बैठक के एजेंडे में शामिल 19 प्रस्तावों को पर मात्र 20-25 मिनट तक चर्चा की। इसके बाद एजेंडे में शामिल तीन कामों को छोड़कर बाकी 16 प्रस्तावों को अपनी सहमति देकर प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के साथ बैठक से चलते बने।
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वहीं, दूसरी ओर इस बैठक में एजेंडे में शामिल कार्यों में अपने ऐतराज जताने के लिए बैठे शिअद के सभी पार्षद कांग्रेसी पार्षदों की इस रणनीति से चकमा खाकर देखते ही रह गए। जब तक शिअद नेता और पार्षद कुछ समझ पाते तब तक 2-3 को छोड़कर सभी कांग्रेसी पार्षद बैठक से बाहर चले गए। जिनके साथ शिअद पार्षदों की कुछ देर तक बहसबाजी हुई और फिर कांग्रेसी पार्षद इनको नजरअंदाज करके चलते बने।
नप प्रधान ढिल्लों के खिलाफ शिअद के पार्षदों ने की नारेबाजी
दरअसल सोमवार को हाउस की बैठक में कांग्रेसियों की इस रणनीति को देखकर शिअद के पार्षद आग बबुला हो गए। जिन्होंने मोर्चा खोलते हुए कांग्रेसी पार्षदों को आड़े हाथों लेते हुए निजी हमले करना शुरू कर दिए। दूसरी ओर, शिअद पार्षदों के जुबानी हमलों का एक-एक जवाब प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने पूरे जोश से दिया, जिसको सुनने के बाद और शिअद पार्षदों ने प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों के पिता एवं हलका कांग्रेस इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को लेकर गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणियां शुरू कर दीं। जिसका प्रधान ढिल्लों ने कुछ बातों का जवाब दिया और फिर उनकी बातों को नजरअंदाज करने के बाद अपने कार्यालय की ओर चले गए और प्रधान ढिल्लों के जाने के बाद शिअद पार्षदों ने रोष जताते हुए कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रक्रिया फॉलो नहीं की, पर्सनल बेनिफिट ऑफ बैक डोर एंट्री
हाउस की बैठक में नगर परिषद को कानूनी सलाहकार के रूप में एडवोकेट करमजीत सिंह की नियुक्त का प्रस्ताव पेश किया गया। जिसको लेकर वार्ड-20 से पार्षद तेजिंदर सिंह तेजी सिद्धू ने ऐतराज दर्ज करवाया कि कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने वाले वकील को लेकर परिषद अधिकारियों ने प्रक्रिया फॉलो नहीं की। बल्कि प्रधान ढिल्लों चहेतों को ऐसे पदों पर तैनात करवाकर टैक्स के रूप में एकत्रित पैसे का कानूनी रूप से लूटना चाहते हैं। साथ ही एडवोकेट करमजीत सिंह की मदद से शहर में गैरकानूनी गतिविधियां करना चाहते हैं, जो शिअद कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
शिअद पार्षद नगर परिषद में कानूनी सलाहकार के रूप में एडवोकेट करमजीत सिंह पर ऐतराज जता रहे हैं, जो आधारहीन है। दरअसल कांग्रेस द्वारा किए जाने वाले कामों को लेकर शिअद की नुक्ताचीनी करने की आदत सी हो गई है, जिसे शहरवासी जानते हैं। रही बात एडवोकेट करमजीत सिंह की नगर परिषद में कानूनी सलाहकार की नियुक्ति की तो इसमें विभाग ने कानून का पूरा पालन किया है, और उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
- उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, नगर परिषद, जीरकपुर।