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डेंगू से जंग के बीच सिविल अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने की हड़ताल
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मोहाली। कोरोना के साथ-साथ डेंगू से जंग के बीच सेहत विभाग के लिए नई चिंता शुरू हो गई है। फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल की सीनियर और जूनियर स्टाफ नर्स अपनी मांगों को लेकर दो दिनों की हड़ताल पर चली गई हैं। वहीं, अस्पताल की कमान अब ट्रेनिंग पर आ रही निजी कॉलेज की नर्सिंग की छात्राओं और मेडिकल कॉलेज की ओर से नई भर्ती की गई नर्स पर है। सिविल अस्पताल के अधिकारियों का कहना है सीनियर स्टाफ नर्स के हड़ताल पर चले जाने से काम पर असर पड़ रहा है। मरीजों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मेडिकल कॉलेज की ओर से भेजे गए नर्सिंग स्टाफ ने मोर्चा संभाल लिया है। डेंगू जैसे हालातों में अभी हालात नियंत्रण में हैं। इस समय अस्पताल में 6 डेंगू के मरीज भर्ती हैं जबकि 60 मरीज डेंगू संदिग्ध हैं।
इस मौके पर सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्स एसोसिएशन की उपाध्यक्ष परमिंदर कौर ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ की लंबे समय से मांगे लटकी हुई हैं। हमारी मांग है कि हमें छठे पे कमीशन घोषित किया जाए। डाइट यूनिफॉर्म, नाइट ड्यूटी अलाउंस, ट्रेवल एलाउंस आदि जैसी सुविधाएं दी जाएं। सितंबर 2020 में जो नर्सिंग स्टाफ केंद्र के पे स्केल पर रखे गए हैं उन्हें पंजाब के अधीन लिया जाए। 2004 के बाद वाले पक्के मुलाजिम और पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए। आउटसोर्सिंग के जरिए रखे गए नर्सिंग स्टाफ को और कोरोना काल में फ्रंट पर रहकर अपनी ड्यूटी निभाने वाले सभी वर्करों को दूसरे राज्यों की तरह नर्सिंग अफसर का दर्जा दिया जाए।
उक्त मांगों को लेकर उनकी ओर से सिविल अस्पताल के एसएमओं डॉक्टर भगत को अपना मांग पत्र सौंपा गया। नर्सिंग स्टाफ ने अपील की है कि वह 8 नवंबर 2021 से 9 नवंबर 2021 के सुबह 8 बजे तक सभी सीनियर से जूनियर नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं-इमरजेंसी सेवाएं ठप करके मेडिकल सिविल सर्जन के दफ्तर के आगे धरना देंगे अगर मांगे नहीं मानी जाती तो वे अपना संघर्ष तेज करेंगे।
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इस मौके पर सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्स एसोसिएशन की उपाध्यक्ष परमिंदर कौर ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ की लंबे समय से मांगे लटकी हुई हैं। हमारी मांग है कि हमें छठे पे कमीशन घोषित किया जाए। डाइट यूनिफॉर्म, नाइट ड्यूटी अलाउंस, ट्रेवल एलाउंस आदि जैसी सुविधाएं दी जाएं। सितंबर 2020 में जो नर्सिंग स्टाफ केंद्र के पे स्केल पर रखे गए हैं उन्हें पंजाब के अधीन लिया जाए। 2004 के बाद वाले पक्के मुलाजिम और पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए। आउटसोर्सिंग के जरिए रखे गए नर्सिंग स्टाफ को और कोरोना काल में फ्रंट पर रहकर अपनी ड्यूटी निभाने वाले सभी वर्करों को दूसरे राज्यों की तरह नर्सिंग अफसर का दर्जा दिया जाए।
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उक्त मांगों को लेकर उनकी ओर से सिविल अस्पताल के एसएमओं डॉक्टर भगत को अपना मांग पत्र सौंपा गया। नर्सिंग स्टाफ ने अपील की है कि वह 8 नवंबर 2021 से 9 नवंबर 2021 के सुबह 8 बजे तक सभी सीनियर से जूनियर नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं-इमरजेंसी सेवाएं ठप करके मेडिकल सिविल सर्जन के दफ्तर के आगे धरना देंगे अगर मांगे नहीं मानी जाती तो वे अपना संघर्ष तेज करेंगे।
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