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खबरदार! सीएम सिटी में आने वालों का गंदगी से होता है स्वागत
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खरड़। चंडीगढ़-जालंधर नेशनल हाईवे पर स्थित खरड़ शहर को प्रदेश में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की सिटी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन सीएम सिटी में आने वाले लोगों का स्वागत सबसे पहले गंदगी से होता है। क्योंकि शहर की सड़कों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इनकी वजह से शहरवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि गंदगी से उठने वाली बदबू के चलते आवाजाही के दौरान लोग अपना मुंह ढक कर निकलते हैं। दूसरी ओर, शहरवासियों की ओर से नगर काउंसिल को इस संबंधी शिकायतें भी दी गई, लेकिन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
बता दें कि कई किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के नीचे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने के कारण इनसे उठने वाली बदबू की वजह से लोगों को अपने मुंह ढक कर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दूसरी ओर, शहर से आवाजाही के दौरान लोगों का स्वागत गंदगी से होता है। यही हाल शहर के अंदरूनी इलाकों का भी है। यहां पर सफाई कर्मचारी कई-कई दिन तक झाड़ू लगाने नहीं आते और कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। आलम यह है कि गांव छज्जूमाजरा, सन्नी एनक्लेव, रामबाग, दर्पण सिटी, शिवजोत एनक्लेव आदि क्षेत्रों में फैली गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
कई-कई दिन नहीं लगता झाड़ू
जानकारी के मुताबिक फ्लाईओवर को छोड़कर अगर कॉलोनियों की बात करें तो कर्मचारी कई-कई दिन तक झाड़ू लगाने नहीं आते। जबकि लंबे अंतराल के बाद अगर कर्मचारी आए तो एक जगह कूड़ा एकत्रित करके चले जाते हैं। दूसरी ओर, कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के घरों के बाहर लगे कूड़े के ढेर की वजह से आए दिन पड़ोसियों से झगड़े होते रहते हैं।
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जब से शहर को सीएम सिटी का दर्जा मिला है, तब से यहां गंदगी ही गंदगी बनी हुई है। क्योंकि सफाई कर्मचारियों का ज्यादातर समय वीआईपीज की ड्यूटियों में लगा रहता है। - पृथ्वी राज शुक्ला, स्थानीय निवासी।
अगर सफाई करते हैं तो लगा जाते हैं ढेर
सबसे ज्यादा बुरी हालत शहर में उन कॉलोनियों की है, जहां कई-कई दिन तक कर्मचारी तक झाड़ू लगाने नहीं आते। ओर अगर कभी कभार सफाई करने आ भी जाएं तो एक जगह कूड़ा का ढेर लगाकर चले जाते हैं। - गगन कुमार, स्थानीय निवासी।
प्रशासन जल्द दूर कराए समस्या
प्रशासन को चाहिए कि शहरवासियों की समस्याओं की तरफ ध्यान देकर उन्हें दूर करवाएं। लेकिन प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जाता। आलम यह है कि गंदगी की वजह से लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया हैं, क्योंकि बदबू के कारण मुंह पर रूमाल रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है। - नीतू शर्मा, स्थानीय निवासी।
बाहरी लोगों को होते हैं गंदगी के दर्शन
फ्लाईओवर के नीचे से अलग-अलग राज्यों के लोग आवाजाही करते हैं और सबसे ज्यादा गंदगी फ्लाईओवर के नीचे रहती है। शहर से होकर गुजरने वाले बाहरी लोगों को यहां लगे कूड़े के ढेरों और गंदगी के दर्शन होते हैं, जो सीएम सिटी की गुड गवर्नेंस को दर्शाता है। - दविंदर आहलूवालिया, स्थानीय निवासी।
कर्मचारी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त
वीआईपी ड्यूटी के चलते अधिकतर कर्मचारी व्यस्त रहते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि शहरवासियों को गंदगी में ही छोड़ दिया जाए। जल्द ही अधिकारियों से बैठक करके समस्या का समाधान किया जाएगा, जिससे लोगों को परेशानियां न हों। - राजेश शर्मा, ईओ, नगर काउंसिल खरड़।
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बता दें कि कई किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के नीचे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने के कारण इनसे उठने वाली बदबू की वजह से लोगों को अपने मुंह ढक कर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दूसरी ओर, शहर से आवाजाही के दौरान लोगों का स्वागत गंदगी से होता है। यही हाल शहर के अंदरूनी इलाकों का भी है। यहां पर सफाई कर्मचारी कई-कई दिन तक झाड़ू लगाने नहीं आते और कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। आलम यह है कि गांव छज्जूमाजरा, सन्नी एनक्लेव, रामबाग, दर्पण सिटी, शिवजोत एनक्लेव आदि क्षेत्रों में फैली गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
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कई-कई दिन नहीं लगता झाड़ू
जानकारी के मुताबिक फ्लाईओवर को छोड़कर अगर कॉलोनियों की बात करें तो कर्मचारी कई-कई दिन तक झाड़ू लगाने नहीं आते। जबकि लंबे अंतराल के बाद अगर कर्मचारी आए तो एक जगह कूड़ा एकत्रित करके चले जाते हैं। दूसरी ओर, कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के घरों के बाहर लगे कूड़े के ढेर की वजह से आए दिन पड़ोसियों से झगड़े होते रहते हैं।
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जब से शहर को सीएम सिटी का दर्जा मिला है, तब से यहां गंदगी ही गंदगी बनी हुई है। क्योंकि सफाई कर्मचारियों का ज्यादातर समय वीआईपीज की ड्यूटियों में लगा रहता है। - पृथ्वी राज शुक्ला, स्थानीय निवासी।
अगर सफाई करते हैं तो लगा जाते हैं ढेर
सबसे ज्यादा बुरी हालत शहर में उन कॉलोनियों की है, जहां कई-कई दिन तक कर्मचारी तक झाड़ू लगाने नहीं आते। ओर अगर कभी कभार सफाई करने आ भी जाएं तो एक जगह कूड़ा का ढेर लगाकर चले जाते हैं। - गगन कुमार, स्थानीय निवासी।
प्रशासन जल्द दूर कराए समस्या
प्रशासन को चाहिए कि शहरवासियों की समस्याओं की तरफ ध्यान देकर उन्हें दूर करवाएं। लेकिन प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जाता। आलम यह है कि गंदगी की वजह से लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया हैं, क्योंकि बदबू के कारण मुंह पर रूमाल रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है। - नीतू शर्मा, स्थानीय निवासी।
बाहरी लोगों को होते हैं गंदगी के दर्शन
फ्लाईओवर के नीचे से अलग-अलग राज्यों के लोग आवाजाही करते हैं और सबसे ज्यादा गंदगी फ्लाईओवर के नीचे रहती है। शहर से होकर गुजरने वाले बाहरी लोगों को यहां लगे कूड़े के ढेरों और गंदगी के दर्शन होते हैं, जो सीएम सिटी की गुड गवर्नेंस को दर्शाता है। - दविंदर आहलूवालिया, स्थानीय निवासी।
कर्मचारी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त
वीआईपी ड्यूटी के चलते अधिकतर कर्मचारी व्यस्त रहते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि शहरवासियों को गंदगी में ही छोड़ दिया जाए। जल्द ही अधिकारियों से बैठक करके समस्या का समाधान किया जाएगा, जिससे लोगों को परेशानियां न हों। - राजेश शर्मा, ईओ, नगर काउंसिल खरड़।