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जमीन बेचने के नाम पर एनआरआई से 65 लाख की धोखाधड़ी में एक आरोपी पर केस दर्ज
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मोहाली। एनआरआई थाने की पुलिस ने जमीन खरीदने के नाम पर एनआरआई के साथ 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी पर केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान हरदीप सिंह निवासी गांव वासेपुर के रूप में हुई है। इस मामले में एनआरआई और मूलरूप से सेक्टर-35 निवासी रुपिंदर बाठ की ओर से शिकायत दी गई है। अभी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को दबोच लिया जाएगा और मामले की पड़ताल चल रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि चार कनाल सात मरले जमीन गांव वासेपुर तहसील माजरी का रकबा है। शिकायकर्ता ने जमीन खरीदने के लिए हरदीप सिंह और गुरमेल सिंह से साल 2015 में सौदा किया था। दोनों पक्षों में सौदा हरदीप सिंह के एक रिश्तेदार ने करवाया था। इसमें प्रति एकड़ जमीन का सौदा एक करोड़ 85 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से हुआ था। दोनों पक्षों में रजिस्ट्री करवाने के लिए 30 मई 2016 की तारीख निश्चित की गई थी। 6 अप्रैल 2016 में हरदीप सिंह के भाई गुरमेल सिंह की बीमारी की वजह से मौत हो गई।
इसके बाद हरदीप सिंह ने एक साजिश के तहत माजरी तहसील में नोटरी से हलफिया बयान हासिल करके खुद की हाजिरी लगवाई और रुपिंदर बाठ को गैरहाजिर साबित कर दिया। जबकि रुपिंदर बाठ उस समय भारत में मौजूद ही नहीं था तो रजिस्ट्री करवाने कैसे आता।
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पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि हरदीप सिंह ने धोखाधड़ी करते हुए रुपिंदर बाठ से 65 लाख रुपये हासिल कर लिए थे। इसके बाद पैसे लेकर भी रजिस्ट्री नहीं करवाई। बता दें कि जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर लगातार केस बढ़ रहे हैं।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि चार कनाल सात मरले जमीन गांव वासेपुर तहसील माजरी का रकबा है। शिकायकर्ता ने जमीन खरीदने के लिए हरदीप सिंह और गुरमेल सिंह से साल 2015 में सौदा किया था। दोनों पक्षों में सौदा हरदीप सिंह के एक रिश्तेदार ने करवाया था। इसमें प्रति एकड़ जमीन का सौदा एक करोड़ 85 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से हुआ था। दोनों पक्षों में रजिस्ट्री करवाने के लिए 30 मई 2016 की तारीख निश्चित की गई थी। 6 अप्रैल 2016 में हरदीप सिंह के भाई गुरमेल सिंह की बीमारी की वजह से मौत हो गई।
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इसके बाद हरदीप सिंह ने एक साजिश के तहत माजरी तहसील में नोटरी से हलफिया बयान हासिल करके खुद की हाजिरी लगवाई और रुपिंदर बाठ को गैरहाजिर साबित कर दिया। जबकि रुपिंदर बाठ उस समय भारत में मौजूद ही नहीं था तो रजिस्ट्री करवाने कैसे आता।
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पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि हरदीप सिंह ने धोखाधड़ी करते हुए रुपिंदर बाठ से 65 लाख रुपये हासिल कर लिए थे। इसके बाद पैसे लेकर भी रजिस्ट्री नहीं करवाई। बता दें कि जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर लगातार केस बढ़ रहे हैं।