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Budget hopeless after corona period.

Tue, 02 Feb 2021 02:17 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 02:17 AM IST
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Budget hopeless after corona period.
मोहाली। कोरोना महामारी का सामना कर रहे लोगों को केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को पेश किए गए बजट से कई उम्मीदें थीं। लेकिन इस बजट से लोगों को ज्यादा कुछ नहीं मिला है। लोग बोले कि उनकी इस बजट से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। उनका मानना है कि जिन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत है, वह मंहगी हो जाएंगी। जबकि सरकार ने कोरोना काल के दौरान हालात के बारे में भी नहीं सोचा। जो चीजेें लोगों के लिए जरूरी हैं सरकार को उन चीजों में राहत देनी चाहिए। इस तरफ ध्यान न देने के कारण मध्यम वर्गीय परिवार पीसते ही नजर आ रहे हैं।
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घोषणाएं सिर्फ कागजों में रह जाती हैं
फेज- 10 निवासी भूपिंदर सिंह ने बताया कि बजट में जो घोषणाएं की हैं। अगर उसका सच में फायदा नजर आए तो बात बने। उन्होंनेे कहा कि बजट में घोषणाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन उसका फायदा नहीं मिलता है।
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बजट से ज्यादा फायदा नहीं हुआ
फेज-10 निवासी प्रीतम सिंह ने कहा कि एक लेखक होने के नाते मैं रोजाना अखबारों पर नजर रखता हूं। सरकार के बजट का फायदा सीनियर सिटीजन को कम ही हुआ है। जिनको फायदा देने की कोशिश की गई है उस उम्र के लोग अधिकतर बीमारियों से ग्रस्त होते हैं। निर्माण क्षेत्र और सर्विस क्षेत्र को मजबूत बनाए बिना देश की तरक्की नहीं होगी। टेक्स बढ़ बढ़ कर पहले ही लोगों की हालात बिगड़ी हुई है और न बिगाड़ें।
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उद्योगपतियों को ही हुआ फायदा
फेज-10 निवासी गुरसथ सिंह ने बताया कि बजट से सिर्फ उद्योगपतियों को फायदा हुआ है। वहीं यह सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात करती है। लेकिन जो लोग इनकम टेक्स की चोरी कर रहे थे, उनकी 6 साल पूरी फाइलें नहीं खुलेगी सिर्फ तीन साल पुराना हिसाब ही प्राइवेट कंपनियां से मांगा जाएगा। यह देश के साथ धोखा केंद्र सरकार की ओर से किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र को फायदा मिलेगा
फेज-10 निवासी प्रोफेसर राम व्यास चतुर्वेदी ने कहा कि घरेलू वस्तुओं पर कुछ छूट होनी चाहिए थी। वहीं अगर सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बजट बढ़ाती है तो उसका फायदा हमारे होनहार छात्रों को होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को लेकर कुछ घोषणा हुई। उम्मीद है कि इससे देश को फायदा मिलेगा।
बजट से आम आदमी से हुआ धोखा
फेज-10 की रहन वाली बेअंत कौर ने कहा कि वह एक प्राइवेट जॉब करती हैं। जॉब से आने के बाद मैंने बजट देखा मुझे बहुत दुख हुआ है कि मध्यम वर्गीय लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ। एक तरह से सरकार ने आम आदमी को लॉली पॉप दिया है। आम आदमी की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया है।

मध्य वर्ग को नहीं दी राहत
फेज-1 निवासी डाक्टर श्रुति बताती हैं कि एक डॉक्टर होने के साथ-साथ मैं अपना घर का बजट भी देखती हूं। लेकिन इस बजट ने कहीं भी कोई बड़ी राहत नहीं दी। कोरोना काल में जो मिडिल क्लास ने अपनी पूरी बचत को खर्च किया था। वहीं आज जब हालात सामान्य होने शुरू ही हुए थे कि सरकार अब फिर से एक भारी बोझ डालने की तैयारी में है। पहले ही खाने की हर चीजे महंगी हैं। इस बजट ने लोअर और मध्य वर्ग को एक कर दिया है। वहीं मैं एक डॉक्टर होने के नाते यह कहना चाहूंगी की सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में अच्छा काम किया है और अच्छा करने की कोशिश की जा रही है जो काबिले तारीफ है।
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