डेराबस्सी में केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 16 कर्मचारी झुलसे, पांच की हालत नाजुक
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गांव सैदपुरा में स्थित केमिकल फैक्ट्री नैक्टर लाईफ साइंस लिमिटेड यूनिट-2 में शनिवार दोपहर को रिएक्टर फटने से जोरदार धमाका हुआ। इससे आग तो नहीं लगी, परंतु बिल्डिंग के मलबे के नीचे दबने के कारण मौजूद 25 वर्करों में से 16 वर्कर घायल हो गए। जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे में फैक्ट्री की मशीनरी, कच्चा व तैयार माल व इमारत को नुकसान पहुंचा है। जानकारी मिलने बाद में एसपी हेडर्क्वाटर गुरसेवक सिंह, एसडीएम डेराबस्सी पूजा सियाल ग्रेवाल व डीएसपी डेराबस्सी मनजीत सिंह औलख ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार इस कंपनी में दवाओं की साल्ट तैयार किए जाते हैं। दोपहर तकरीबन सवा तीन बजे प्रोडक्शन ब्लॉक की पहली मंजिल पर रिएक्टर फटने साथ जोरदार धमाका हुआ। धमाके की वजह से बिल्डिंग की दीवारें टूट गई। प्लांट में लगे तीन छोटे रिएक्टर उड़कर बाहर गिर गए।
इनमें से एक छोटा रिएक्टर बाहर खड़े एक केमिकल से भरे टैंकर के साथ टकराया। जिसके साथ टैंकर लीक होकर केमिकल बाहर गिरने लगा। मौके पर टैंकर को वहां से हटाया गया। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू करते हुए आठ घायल वर्करों को सिविल अस्पताल और आठ को निजी अस्पताल पहुंचाया था।
सिविल अस्पताल से चार घायलों और निजी अस्पताल से एक घायल को चंडीगढ़ सेक्टर 32 अस्पताल में रेफर किया गया। वहीं, 22 वर्षीय के एक वर्कर अनुज को तकरीबन पौने दो घंटे बाद मलबे के नीचे से निकाला जा सका, जिसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है।
एसपी (मुख्यालय) गुरसेवक सिंह ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी है जिसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के पास कुल 16 घायलों की जानकारी पहुंची है। फैक्ट्री के जीएम परमजीत सिंह ने बताया कि इस प्लांट में केमिकल के साथ तैयार किए जाने वाले साल्ट के पाउडर को सुखाया जाता है। इस दौरान अचानक प्लांट में धमाका हो गया। हादसे में कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। , जिसमें तैयार व कच्चा माल, मशीनरी व इमारत शामिल है। जांच के बाद सामने आएगा कि हादसा क्यों हुआ है।
छुट्टी के कारण कम हुए घायल
एकत्रित की जानकारी के अनुसार कंपनी के पूरे यूनिट में तीन शिफ्टों में हजारों वर्कर कार्य करते है। लेकिन यहां पर आज जन्माष्टमी व शनिवार की छुट्टी होने के कारण आम दिनों से कम वर्कर डयूटी पर थे नहीं तो घायलों की संख्या बढ़ सकती थी।