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कृषि विधेयक .. केंद्र के खिलाफ युवा किसानों का हल्लाबोल, चंडीगढ़ में नहीं करने दिया कूच
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किसानों को प्रवेश करने से रोकते पुलिसकर्मी।
- फोटो : CHANDIGARH
मोहाली। केंद्र सरकार के नए कृषि विधेयक के विरोध में रविवार को किसानों के समर्थन में बड़ी संख्या में युवाओं ने रोष मार्च निकाल चंडीगढ़ की तरफ कूच किया। जिसमें पंजाबी गायक और कलाकार भी शामिल थे। राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए इन्हें चंडीगढ़ में प्रवेश नहीं करने दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस के साथ हल्की धक्का-मुक्की के बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
इस पर चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर इनसे ज्ञापन लिया और उसे केंद्र सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया। जिसके बाद धरना खत्म हुआ।
युवा किसान एकता मंच के बुलावे पर किसान और युवा कृषि विधेयक के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए मोहाली के गांव सोहाना में जमा हुए। इसमें गायक सिद्घू मूसेवाला फैन क्लब के सदस्य भी शामिल हुए। पंजाबी गायक ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों को किसानों के पक्ष में उतरने की अपील की थी। गांवों से नौजवान किसान ट्रैक्टर ट्रालियों, कारों, मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सोहाना पहुंचे।
इनमें बहुत से कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स थे। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे सोहाना चौक से यह लोग हाथों में काली झंडियां लेकर रोष मार्च निकाल चंडीगढ़ की तरफ रवाना हुए। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता यह जत्था करीब 4:30 बजे वाईपीएस चौक पर पहुंचा। जहां से आगे मोहाली-चंडीगढ़ बैरियर पर यूटी पुलिस ने बैरिकेट लगा कर जत्थे को चंडीगढ़ में दाखिल होने से रोक दिया गया। बड़ी संख्या में चंडीगढ़ पुलिस मौके पर वाटर कैनन के साथ मौजूद थी। चंडीगढ़ में दाखिल होने के कोशिश में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश नहीं करने दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
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किसान एकता मंच के नेताओं में कृपाल सिंह, सुखवीर सिंह बठलाणा, करमजीत सिंह और मेहर सिंह ने युवाओं से राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि विधेयक को रद्द करवाने की मांग को लेकर रोष मार्च निकालते हुए राज्यपाल को ज्ञापन देना चाहते हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने राजधानी में प्रवेश नहीं करने दिया, इसलिए वहीं विरोध स्वरूप धरने पर बैठ गए।
एक हफ्तें में कृषि विधेयक रद्द नहीं किया तो जाएंगे दिल्ली
इस रोष धरने के कारण काफी देर तक चंडीगढ़ के लिए यातायात बाधित रहा। लंबे जाम की स्थिति से बचने के लिए मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। केंद्र सरकार का विरोध करते हुए किसानों के पक्ष में पंजाबी गायक अफसाना खान और रुपिंदर हांडा के अलावा कलाकार भाना सिद्घू, खुदा बक्श, हरजोत और गुरजैब भी प्रदर्शनकारियों में शामिल हुए। मांग पत्र में कहा गया है कि एक सप्ताह तक कृषि विधेयक को रद्द न किया गया तो दिल्ली पहुंच कर संघर्ष किया जाएगा।
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इस पर चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर इनसे ज्ञापन लिया और उसे केंद्र सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया। जिसके बाद धरना खत्म हुआ।
युवा किसान एकता मंच के बुलावे पर किसान और युवा कृषि विधेयक के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए मोहाली के गांव सोहाना में जमा हुए। इसमें गायक सिद्घू मूसेवाला फैन क्लब के सदस्य भी शामिल हुए। पंजाबी गायक ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों को किसानों के पक्ष में उतरने की अपील की थी। गांवों से नौजवान किसान ट्रैक्टर ट्रालियों, कारों, मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सोहाना पहुंचे।
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इनमें बहुत से कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स थे। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे सोहाना चौक से यह लोग हाथों में काली झंडियां लेकर रोष मार्च निकाल चंडीगढ़ की तरफ रवाना हुए। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता यह जत्था करीब 4:30 बजे वाईपीएस चौक पर पहुंचा। जहां से आगे मोहाली-चंडीगढ़ बैरियर पर यूटी पुलिस ने बैरिकेट लगा कर जत्थे को चंडीगढ़ में दाखिल होने से रोक दिया गया। बड़ी संख्या में चंडीगढ़ पुलिस मौके पर वाटर कैनन के साथ मौजूद थी। चंडीगढ़ में दाखिल होने के कोशिश में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश नहीं करने दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
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किसान एकता मंच के नेताओं में कृपाल सिंह, सुखवीर सिंह बठलाणा, करमजीत सिंह और मेहर सिंह ने युवाओं से राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि विधेयक को रद्द करवाने की मांग को लेकर रोष मार्च निकालते हुए राज्यपाल को ज्ञापन देना चाहते हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने राजधानी में प्रवेश नहीं करने दिया, इसलिए वहीं विरोध स्वरूप धरने पर बैठ गए।
एक हफ्तें में कृषि विधेयक रद्द नहीं किया तो जाएंगे दिल्ली
इस रोष धरने के कारण काफी देर तक चंडीगढ़ के लिए यातायात बाधित रहा। लंबे जाम की स्थिति से बचने के लिए मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। केंद्र सरकार का विरोध करते हुए किसानों के पक्ष में पंजाबी गायक अफसाना खान और रुपिंदर हांडा के अलावा कलाकार भाना सिद्घू, खुदा बक्श, हरजोत और गुरजैब भी प्रदर्शनकारियों में शामिल हुए। मांग पत्र में कहा गया है कि एक सप्ताह तक कृषि विधेयक को रद्द न किया गया तो दिल्ली पहुंच कर संघर्ष किया जाएगा।

धरने दे रहे किसानों को पुलिस ने चंडीगढ़ प्रवेश करने से रोक दिया। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस के साथ हल?- फोटो : CHANDIGARH

धरने दे रहे किसानों को पुलिस ने चंडीगढ़ प्रवेश करने से रोक दिया। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस के साथ हल?- फोटो : CHANDIGARH

प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस ने चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोका। चंडीगढ़ पुलिस के साथ हल्की ध- फोटो : CHANDIGARH