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पंजाब के अन्य जिलों के बाद वीआईपी जिले में भी गहराया टिड्डी दल का संकट
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मोहाली। वीआईपी जिले में टिड्डी दल का संकट गहरा गया है। जिसके बाद जिले के सहायक कमिश्नर यशपाल शर्मा की अगुवाई में शुक्रवार को अधिकारियों की आपात मीटिंग हुई। इसमें टिड्डी दल से निपटने के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित की गई हैं। टीमों को टिड्डी दल पर पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वह कृषि विशेषज्ञों की सलाह से अपनी फसल पर कीटनाशक दवा का छिड़काव आदि करें, ताकि टिड्डी दल पर हमला किया जा सके। मिली जानकारी के मुुताबिक पंजाब में काफी समय से टिड्डी दल का आतंक गहराया हुआ। वहीं, अब इसका खतरा मोहाली जिले में दिखने लगा है। इसको लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन की तरफ से अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसके साथ ही टिड्डी दल से निपटने की योजना बनी। इस दौरान जिला और ब्लॉक स्तर खरड़, डेराबस्सी और माजरी के लिए टीमों का गठन किया गया। टीमों को हिदायत दी गई है कि वह टिड्डी दल पर पैनी नजर रखें। इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। हमले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को तुरंत सूचित किया जाए।
किसान खेतों में अपनी फसल पर कीटनाशक जैसे कि क्लोरोपरीफास 20 फीसदी ईसी, क्लोरोपायरीफॉस 50 फीसदी, डेल्टा मथरीन 2.8 ईसी, डेल्टा मैबरीन 1.5 यूएलबी, फाईफ्लू बैनजेट 25 फीसदी डब्ल्यूपी, फिपरोलिन 5 फीसदी एसपी, फिपरोलिन 2.92 फीसदी ईसी, लेडमा सीहालेबरीन 10 फीसदी डब्ल्यूपी, मेलैथियोन 50 फीसदी का छिड़काव कर सकते हैं।
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इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वह कृषि विशेषज्ञों की सलाह से अपनी फसल पर कीटनाशक दवा का छिड़काव आदि करें, ताकि टिड्डी दल पर हमला किया जा सके। मिली जानकारी के मुुताबिक पंजाब में काफी समय से टिड्डी दल का आतंक गहराया हुआ। वहीं, अब इसका खतरा मोहाली जिले में दिखने लगा है। इसको लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन की तरफ से अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसके साथ ही टिड्डी दल से निपटने की योजना बनी। इस दौरान जिला और ब्लॉक स्तर खरड़, डेराबस्सी और माजरी के लिए टीमों का गठन किया गया। टीमों को हिदायत दी गई है कि वह टिड्डी दल पर पैनी नजर रखें। इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। हमले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को तुरंत सूचित किया जाए।
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किसान खेतों में अपनी फसल पर कीटनाशक जैसे कि क्लोरोपरीफास 20 फीसदी ईसी, क्लोरोपायरीफॉस 50 फीसदी, डेल्टा मथरीन 2.8 ईसी, डेल्टा मैबरीन 1.5 यूएलबी, फाईफ्लू बैनजेट 25 फीसदी डब्ल्यूपी, फिपरोलिन 5 फीसदी एसपी, फिपरोलिन 2.92 फीसदी ईसी, लेडमा सीहालेबरीन 10 फीसदी डब्ल्यूपी, मेलैथियोन 50 फीसदी का छिड़काव कर सकते हैं।
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