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धुंध में लावारिस पशुओं से बढ़ा हादसों का खतरा
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मोहाली। इन दिनों शहर में घनी धुंध पड़ रही है, जिससे लोगों को वाहनों पर निकलना मुश्किल हो गया है। धुंध में हादसों का खतरा तो बढ़ ही गया है। वहीं सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं के कारण हादसे का खतरा दोगुना हो गया है। कई जगह लावारिस पशुओं से हो रहे हादसों के बाद भी नगर निगम के अधिकारी तथा निगम की कैटल कैचर टीम इस बात से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं। शायद टीम किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रही है।
कड़ाके की ठंड में जीरो विजिबिलिटी के चलते पहले ही वाहन चलाने में परेशानी हो रही हैं। वहीं सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं के कारण भी हादसा होने का खतरा है। इसके बावजूद प्रशासन इन्हें काबू करने में पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी नए सेक्टरों खासकर सेक्टर-76 से 80, फेज-9, 10, 11, गांव कुुंभड़ा व एयरपोर्ट रोड में है।
कहने को तो निगम इन्हें पकड़ने के लिए मुहिम चला रहा है, लेकिन फिर भी लावारिस पशु कम नहीं हो रहे हैं। कारण है, शहर में कोई गोशाला नहीं है। इंडस्ट्रियल एरिया के कैटल पोंड में क्षमता से दोगुने पशु हैं। नए सेक्टरों में रह रहे लोगों का कहना है कि लावारिस पशु सुबह ही उनके इलाके में घूमना शुरू कर देते हैं। कई बार वे घर के बाहर लगे पौधों एवं वाहनों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
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कड़ाके की ठंड में जीरो विजिबिलिटी के चलते पहले ही वाहन चलाने में परेशानी हो रही हैं। वहीं सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं के कारण भी हादसा होने का खतरा है। इसके बावजूद प्रशासन इन्हें काबू करने में पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी नए सेक्टरों खासकर सेक्टर-76 से 80, फेज-9, 10, 11, गांव कुुंभड़ा व एयरपोर्ट रोड में है।
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कहने को तो निगम इन्हें पकड़ने के लिए मुहिम चला रहा है, लेकिन फिर भी लावारिस पशु कम नहीं हो रहे हैं। कारण है, शहर में कोई गोशाला नहीं है। इंडस्ट्रियल एरिया के कैटल पोंड में क्षमता से दोगुने पशु हैं। नए सेक्टरों में रह रहे लोगों का कहना है कि लावारिस पशु सुबह ही उनके इलाके में घूमना शुरू कर देते हैं। कई बार वे घर के बाहर लगे पौधों एवं वाहनों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
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