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एक ऐसा शहर जहां आज तक नहीं बन पाया कोई पुस्तकालय

Wed, 10 Feb 2021 02:20 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 02:20 AM IST
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A city where no library could be built till today
जीरकपुर। आधुनिक दौर में एक ऐसा शहर भी है जहां आज तक कोई पुस्तकालय ही नहीं बन पाया है। पढ़ने का शौक रखने वालों के लिए जीरकपुर में अभी तक पुस्तकालय का अभाव है। गत निकाय चुनाव में नेताओं ने आधुनिक पुस्तकालय बनवाने का वादा किया था, जो पांच साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। लोग अभी भी पुस्तकालय के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर हैं।
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चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला की सीमाओं से सटे जीरकपुर शहर की आबादी में लगातार वृद्धि हो रही है। जनसंख्या बढ़ने से लोगों की जरूरतें भी बढ़ी हैं। इन्हीं में पुस्तकालय भी एक है। नेताओं ने वादा किया था चुनाव जीतने के बाद शहर में आधुनिक पुस्तकालय बनाया जाएगा, जिसमें हर विषय से संबंधित किताबें और उपन्यास उपलब्ध होंगे।
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क्या कहते हैं लोग
दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा
शहर में सरकारी पुस्तकालय न होने की खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें दूसरे शहरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यदि अपने शहर में ही पुस्तकालय होता तो वह सुविधापूर्वक यहीं इसका लाभ ले सकते थे। -एसआर मित्तल, वरिष्ठ नागरिक, जीरकपुर।
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अच्छी किताबें पढ़ने की जरूरत
आज का युग युवाओं का है, जिनको अपने ज्ञान का स्तर बेहतर करने के लिए अच्छी-अच्छी किताबें पढ़ने की जरूरत पड़ती है। लेकिन अपने शहर में कोई सरकारी पुस्तकालय न होने से युवाओं को चंडीगढ़ व पंचकूला जाना पड़ता है। -राजेश शर्मा, निवासी जीरकपुर।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायक
पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने में काफी सहायक होते हैं। तैयारी करने वाले प्रतियोगिओं को कई किताबों की जरूरत पड़ती है। इसलिए शहर में पुस्तकालय होना जरूरी है। शहर में पुस्तकालय होने से विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकेंगे। - मनिंदर कौर, निवासी जीरकपुर।

किताबें बेहतरीन मित्र होती हैं
किताबें बेहतरीन मित्र होती हैं। लगातार किताबें पढ़ने से जहां बौद्धिक क्षमता का विकास होता है, वहीं कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिलती हैं। इसलिए शहर में एक आधुनिक पुस्तकालय होना बेहद जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को कहीं और न जाना पड़े। -एमएल खुराना, वरिष्ठ नागरिक, जीरकपुर।
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