फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   A case has been registered against the directors of Sushma Belleza Project for fraud of Rs 98 lakh in the name of providing flats in Zirakpur.

Mohali News: जीरकपुर में फ्लैट दिलाने के नाम पर 98 लाख की ठगी, सुषमा बेलेजा प्रोजेक्ट के डायरेक्टरों पर केस दर्ज

Sat, 02 May 2026 02:25 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
A case has been registered against the directors of Sushma Belleza Project for fraud of Rs 98 lakh in the name of providing flats in Zirakpur.
जीरकपुर। पीआर-7 रोड के सुषमा बेलेजा प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में प्रोजेक्ट के डायरेक्टर प्रतीक मित्तल, भरत मित्तल, सेल्स हेड नितिन गोयल सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह एफआईआर रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ. राजन कोचर की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ग्रेटर नोएडा के निवासी हैं। उसने आरोप लगाया कि उनके साथ करीब 98.25 लाख की ठगी की गई है। उन्होंने वर्ष 2022 में एक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के माध्यम से इस प्रोजेक्ट में 3 बीएचके का फ्लैट बुक कराया था।
विज्ञापन

उसकी कुल कीमत लगभग 1.04 करोड़ तय हुई थी। शिकायत के अनुसार कंपनी के अधिकारियों ने अलग-अलग किश्तों के नाम पर भुगतान लिया और बड़ी रकम नकद देने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि शिकायतकर्ता ने करीब 48 लाख नकद और बाकी रकम बैंक ट्रांसफर के जरिए दी। इससे कुल भुगतान 98.25 लाख तक पहुंच गया। मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है कि नकद राशि लेने के बाद कंपनी ने पहले जारी अलॉटमेंट लेटर को बदलकर कम कीमत का नया लेटर जारी कर दिया। इससे पूरे लेन-देन पर संदेह गहरा गया। एग्रीमेंट के मुताबिक फ्लैट का कब्जा 11 अगस्त 2024 तक दिया जाना था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी न कब्जा मिला और न ही कोई डिमांड लेटर जारी किया गया।
विज्ञापन

जब शिकायतकर्ता साइट पर पहुंचे तो निर्माण कार्य भी बंद मिला। शिकायतकर्ता ने 8 दिसंबर 2025 को एसएसपी मोहाली को शिकायत दी थी, जिस पर आरोपियों ने दो माह में मामला सुलझाने का भरोसा दिया था। समय बीतने के बाद भी न तो रकम लौटाई गई और न ही फ्लैट दिया गया। एसएचओ जीरकपुर सतिंद्र सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों और भुगतान के साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया गया। सभी वित्तीय लेन-देन और प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं अन्य खरीदारों के साथ भी इसी तरह की ठगी तो नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed