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डीसी दफ्तर के सामने भिड़े अकाली-कांग्रेसी
Mohali
Updated Wed, 26 Jun 2013 05:30 AM IST
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मोहाली। पंचायत चुनाव को लेकर अकाली और कांग्रेसी वर्कर मंगलवार को आमने-सामने आ गए। डीसी दफ्तर के सामने दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस और हाथापाई हुई। महिलाओं को भी धक्के खाने पड़े। इस बीच बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गया, तो एक पक्ष वहां से रवाना हो गया। उधर, सोहाना से सरपंच पद के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार दविंदर कौर का नामांकन आखिर रद कर दिया गया। इसके विरोध में सोहाना से पंच पद के सभी 11 उम्मीदवारों और 11 कवरिंग कैंडिडेट्स ने अपने नामांकन वापस ले लिए।
दविंदर कौर का नामांकन सोमवार को रद करने के बाद कांग्रेसियों ने बलौंगी बैरियर पर जाम लगा दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भरोसा देकर जाम खुलवा दिया था। मंगलवार को विधायक बलबीर सिद्धू की अगुवाई में कांग्रेसी करीब सवा दस बजे डीसी दफ्तर पहुंचे। सिद्धू और चुनिंदा लोग ऊपर चले गए। समर्थक सामने शिव मंदिर के बाहर खड़े हो गए। इस बीच अकाली जिला परिषद मेंबर परविंदर सोहाना अपने समर्थकों के साथ करीब ग्यारह बजे डीसी दफ्तर से बाहर निकले। जैसे ही कांग्रेसी और अकाली आमने-सामने हुए, बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते नौबत हाथापाई पर आ गई। बात और बढ़ सकती थी, परंतु इस बीच पुलिस आ गई और विवाद टल गया। इस बीच कांग्रेसी डीसी दफ्तर के उस मुलाजिम को लेकर गुरुद्वारा फेज एक गए, जिसने कागज जमा किए थे। वहां उसने कसम खाई कि कागज पूरे नहीं थे। डेढ़ बजे सिद्धू ने नीचे आकर समर्थकों को बताया कि दविंदर कौर का नामांकन रद कर दिया गया है, तो मायूसी छा गई। पहले कांग्रेसियों ने बलौंगी बैरियर जाम करने की योजना बनाई, फिर टाल दिया। विरोध स्वरूप पंचों के उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिए। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेसियों का आरोप था कि अकाली उम्मीदवार के हक में उनके नामांकन पत्र से कागज गायब किया गया।
-- बॉक्स
मनजीत कौर बनीं सरपंच
सोहाना से अकाली दल की उम्मीदवार मनजीत कौर निर्विरोध सरपंच बन गई हैं। क्योंकि उनके मुकाबले सिर्फ कांग्रेस की दविंदर कौर ही चुनाव मैदान में थीं। कागज पूरे न होने के कारण दविंदर कौर का नामांकन रद कर दिया गया। जिसके बाद मनजीत कौर निर्विरोध सरपंच बन गईं। अकालियों ने सोमवार रात ही उनके चुने जाने पर लड्डू बांट दिए थे। मंगलवार को प्रशासन ने भी इस पर मोहर लगा दी।
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फिर टकराए पुराने दिग्गज
जिला परिषद चुनाव के बाद पंचायत चुनाव को लेकर भी सोहाना के पुराने दिग्गजों के बीच ही जंग हुई। जिला परिषद चुनाव में अकाली दल के परविंदर सोहाना ने कांग्रेस के बूटा सिंह सोहाना को हराया था। सरपंच पद के चुनाव में एक तरफ परविंदर सोहाना की भाभी मनजीत कौर मैदान में थीं। तो दूसरी तरफ बूटा सिंह की बहू दविंदर कौर कांग्रेस से चुनाव लड़ रही थीं। इस बार भी जीत अकाली दल की ही रही।
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दविंदर कौर का नामांकन सोमवार को रद करने के बाद कांग्रेसियों ने बलौंगी बैरियर पर जाम लगा दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भरोसा देकर जाम खुलवा दिया था। मंगलवार को विधायक बलबीर सिद्धू की अगुवाई में कांग्रेसी करीब सवा दस बजे डीसी दफ्तर पहुंचे। सिद्धू और चुनिंदा लोग ऊपर चले गए। समर्थक सामने शिव मंदिर के बाहर खड़े हो गए। इस बीच अकाली जिला परिषद मेंबर परविंदर सोहाना अपने समर्थकों के साथ करीब ग्यारह बजे डीसी दफ्तर से बाहर निकले। जैसे ही कांग्रेसी और अकाली आमने-सामने हुए, बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते नौबत हाथापाई पर आ गई। बात और बढ़ सकती थी, परंतु इस बीच पुलिस आ गई और विवाद टल गया। इस बीच कांग्रेसी डीसी दफ्तर के उस मुलाजिम को लेकर गुरुद्वारा फेज एक गए, जिसने कागज जमा किए थे। वहां उसने कसम खाई कि कागज पूरे नहीं थे। डेढ़ बजे सिद्धू ने नीचे आकर समर्थकों को बताया कि दविंदर कौर का नामांकन रद कर दिया गया है, तो मायूसी छा गई। पहले कांग्रेसियों ने बलौंगी बैरियर जाम करने की योजना बनाई, फिर टाल दिया। विरोध स्वरूप पंचों के उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिए। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेसियों का आरोप था कि अकाली उम्मीदवार के हक में उनके नामांकन पत्र से कागज गायब किया गया।
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मनजीत कौर बनीं सरपंच
सोहाना से अकाली दल की उम्मीदवार मनजीत कौर निर्विरोध सरपंच बन गई हैं। क्योंकि उनके मुकाबले सिर्फ कांग्रेस की दविंदर कौर ही चुनाव मैदान में थीं। कागज पूरे न होने के कारण दविंदर कौर का नामांकन रद कर दिया गया। जिसके बाद मनजीत कौर निर्विरोध सरपंच बन गईं। अकालियों ने सोमवार रात ही उनके चुने जाने पर लड्डू बांट दिए थे। मंगलवार को प्रशासन ने भी इस पर मोहर लगा दी।
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फिर टकराए पुराने दिग्गज
जिला परिषद चुनाव के बाद पंचायत चुनाव को लेकर भी सोहाना के पुराने दिग्गजों के बीच ही जंग हुई। जिला परिषद चुनाव में अकाली दल के परविंदर सोहाना ने कांग्रेस के बूटा सिंह सोहाना को हराया था। सरपंच पद के चुनाव में एक तरफ परविंदर सोहाना की भाभी मनजीत कौर मैदान में थीं। तो दूसरी तरफ बूटा सिंह की बहू दविंदर कौर कांग्रेस से चुनाव लड़ रही थीं। इस बार भी जीत अकाली दल की ही रही।