फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   पावरकॉम ने बाकी बची 30 उद्योगों के बिजली क्नेक्शन भी काटे

पावरकॉम ने बाकी बची 30 उद्योगों के बिजली क्नेक्शन भी काटे

Thu, 01 Nov 2018 01:10 AM IST
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:10 AM IST
विज्ञापन
पावरकॉम ने बाकी बची 30 उद्योगों के बिजली क्नेक्शन भी काटे
- गांव इस्सापुर निवासियों ने इलाके में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगपतियों के खिलाफ कानूनी केस दर्ज होने का किया दावा
विज्ञापन

- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के हुक्मों पर 57 उद्योग को किया जा रहा है सील

अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से नियमों की अनदेखी कर प्रदूषण फैलाने के आरोप में इलाके के 57 उद्योगों को बंद करने के हुक्मों पर कार्रवाई की। बुधवार को इस कार्रवाई के दूसरे दिन पावरकॉम की दो अलग-अलग डिवीजनों ने बाकी बचे 30 उद्योगों के बिजली कनेक्शन भी काट दिए। पावरकॉम के अधिकारियों ने कहा कि उक्त उद्योग अब जनरेटर के साथ भी काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अगर किसी उद्योग की ओर से इस कार्रवाई के बावजूद काम चालू किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसके जिम्मेदार उद्योग प्रबंधक खुद होंगे।
उक्त उद्योगों की ओर से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के नियमों की अनदेखी कर वातावरण व पानी को प्रदूषित कर रही थीं। इनके खिलाफ गांव इस्सापुर निवासियों की ओर से आवाज उठाते हुए पहले अपने स्तर पर संघर्ष शुरु किया गया था। गांव वासियों ने इसके खिलाफ रोष प्रदर्शन करने के अलावा सबंधित विभागों को प्रदूषण रोकने व बनती कार्रवाई करवाने के लिए सबूतों के साथ लिखित शिकायतें भी की परंतु स्थानीय प्रशासनिक आधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी दिखावे के लिए पानी व अन्य सैंपल तो भर लेते था परंतु कभी भी उन्होंने इस सबंधी रिपोर्ट प्रसारित नहीं की। स्थानीय गांव निवासियों की ओर से राजनीतिक नेताओं को भी प्रदूषण खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की लेकिन उन्होंने निजी स्वार्थों को देखते कभी भी कार्रवाई नहीं की। मजबूरीवश ग्रामीणों को पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खड़काना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण से जुड़े इस मामले को एनजीटी के हवाले कर दिया। जहां सुनवाई करते उन्होंने 57 उद्योगों केे बंद करने के आदेश दिए है।
विज्ञापन

पटीशनर नंबरदार करनैल सिंह व अन्य निवासी हरदित सिंह काला ने बताया कि बंद होने वाली कंपनियों में कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो पहले ही बंद थी परंतु उनऽों के अंदर ओर कंपनियां चल रही थीं जिसकी कोई मंजूरी नहीं ली गई थी। इसके अलावा चार ऐसी कंपनियों का खुलासा हुआ है जो धरती के पानी को प्रदूषित कर रही थी। गांव वासियों ने रोष प्रकट करते कहा कि यदि वह इस खिलाफ आवाज न उठाते तो यह उद्योग पहले की तरह प्रदूषण फैला कर लोगों की सेहत के साथ ऐसे ही खिलवाड़ करते रहते। उन्होंने कहा कि उक्त प्रबंधकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के भी आदेश दिए गए है जिस बारे में वह अपने वकील के साथ सलाह कर अगली कार्रवाई की मांग करेंगे। ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली अन्य कंपनियों के प्रबंधकों को सबक मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

बात करने पर पावरकॉम के एसडीओ सुरिंदरपाल सिंह ने कहा कि बीते कल मंगलवार 57 में से 27 उद्योगों के क्नेक्शन काटे थे जबकि बाकी बची 30 उद्योग के आज क्नेक्शन काट दिए गए। उनऽों ने कहा कि एनजीटी के अगले हुक्मों तक अब कोई भी उद्योग चल नहीं सकता।
कैपशन-पावरकॉम के कर्मी एनजीटी के हुक्मों पर एक उद्योग का बिजली क्नेक्शन काटते हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed