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सरकारी मिडल स्कूल बसौली में 54 विद्यार्थी ,अध्यापक एक
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:10 AM IST
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मिडिल स्कूल में 54 विद्यार्थी, अध्यापक एक
गांव बसौली के सरकारी मिडिल स्कूल में शिक्षकों के पद कई माह से खाली
अध्यापक न होने से बच्चों की शिक्षा हो रही प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
लालड़ू।
सूबे में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। गांव बसौली स्थित मिडिल स्कूल इसका प्रमुख उदाहरण है। इस स्कूल में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा में 54 विद्यार्थी पढ़ते हैं। लेकिन इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक ही अध्यापक स्कूल में हैं। इससे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। परिजन बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं।
गांव बसौली के सरकारी मिडिल स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरिंद्रपाल वर्मा, मेंबर अनीता देवी, गुरप्रीत कौर, बलविंद्र कौर, सोनिया और सुरेश कौर ने बताया कि उन्होंने शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि बसौली गांव के सरकारी मिडिल स्कूल में तीन कक्षाएं छठी, सातवीं व आठवीं में कुल 54 विद्यार्थी हैं, इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए स्कूल में दो महीने से सिर्फ साइंस विषय की ही अध्यापिका हैं, जबकि हिंदी, गणित, पंजाबी और सामाजिक शिक्षा विषय पढ़ाने वाले अध्यापक के पद खाली पडे़ हैं।
इन खाली पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थी बिना अध्यापकों के ही स्कूल में बैठ कर घर वापस जा रहे हैं। परिजनों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा में सिर्फ तीन महीने बचे हैं। स्कूल में अध्यापकों के पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। मैनेजमेंट कमेटी व परिजनों ने शिक्षा विभाग के सचिव से तुरंत स्कूल में अध्यापक भेजने की मांग की है।
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गांव बसौली के सरकारी मिडिल स्कूल में शिक्षकों के पद कई माह से खाली
अध्यापक न होने से बच्चों की शिक्षा हो रही प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
लालड़ू।
सूबे में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। गांव बसौली स्थित मिडिल स्कूल इसका प्रमुख उदाहरण है। इस स्कूल में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा में 54 विद्यार्थी पढ़ते हैं। लेकिन इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक ही अध्यापक स्कूल में हैं। इससे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। परिजन बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं।
गांव बसौली के सरकारी मिडिल स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरिंद्रपाल वर्मा, मेंबर अनीता देवी, गुरप्रीत कौर, बलविंद्र कौर, सोनिया और सुरेश कौर ने बताया कि उन्होंने शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि बसौली गांव के सरकारी मिडिल स्कूल में तीन कक्षाएं छठी, सातवीं व आठवीं में कुल 54 विद्यार्थी हैं, इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए स्कूल में दो महीने से सिर्फ साइंस विषय की ही अध्यापिका हैं, जबकि हिंदी, गणित, पंजाबी और सामाजिक शिक्षा विषय पढ़ाने वाले अध्यापक के पद खाली पडे़ हैं।
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इन खाली पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थी बिना अध्यापकों के ही स्कूल में बैठ कर घर वापस जा रहे हैं। परिजनों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा में सिर्फ तीन महीने बचे हैं। स्कूल में अध्यापकों के पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। मैनेजमेंट कमेटी व परिजनों ने शिक्षा विभाग के सचिव से तुरंत स्कूल में अध्यापक भेजने की मांग की है।
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