{"_id":"61275031ea89aa211572318c","slug":"60-percent-students-is-came-to-school-opened-after-corona-in-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहाली: कोरोना की दूसरी लहर के बाद का हाल, शहरों से ज्यादा गांवों के बच्चे ज्यादा आ रहे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहाली: कोरोना की दूसरी लहर के बाद का हाल, शहरों से ज्यादा गांवों के बच्चे ज्यादा आ रहे स्कूल
Thu, 26 Aug 2021 01:56 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 26 Aug 2021 01:56 PM IST
सार
मोहाली के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. जरनैल सिंह कालेके बताते हैं कि कोरोना के प्रभाव के कारण लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतने लगे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में अभी विद्यार्थियों की कुल हाजिरी 60 फीसदी है।
विज्ञापन
मोहाली के स्कूल।
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहाली में कोरोना काल की दूसरी लहर के बाद करीब एक महीना पहले स्कूल खोल दिए गए हैं। बच्चे स्कूल जा तो रहे हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में ही हाजिरी 60 फीसदी है। इसमें भी ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी इलाकों की अपेक्षा उपस्थिति ज्यादा है। विभाग का फोकस बोर्ड कक्षाओं के सभी विद्यार्थियों को स्कूल तक लाने पर है। इसके लिए हर स्कूल को अपनी सुविधा के अनुसार शेड्यूल बनाने की छूट दी गई है।
विज्ञापन
सरकार ने दो अगस्त से सभी स्कूल खोलने का आदेश दिया था। हालांकि 10वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए इससे कुछ दिन पहले स्कूल खोल दिए गए थे। सरकार के आदेश के बाद सरकारी स्कूल तो खुले, लेकिन अधिकतर प्राइवेट स्कूल अब भी बंद ही हैं। जिले में सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर 12 तक 56078 विद्यार्थी पढ़ते हैं। करीब इतने ही बच्चे इससे निचली कक्षाओं में पढ़ते हैं।
विज्ञापन
मोहाली के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. जरनैल सिंह कालेके बताते हैं कि कोरोना के प्रभाव के कारण लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतने लगे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में अभी विद्यार्थियों की कुल हाजिरी 60 फीसदी है। कालेके बताते हैं कि कई फैसले स्कूल प्रिंसिपल पर छोड़ दिए गए हैं। बोर्ड कक्षाओं के सभी विद्यार्थियों को स्कूल तक लाने पर जोर दिया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को पारी में बुलाने या फिर एक दिन छोड़कर या फिर अन्य किसी तरीके से भी कोरोना नियमों का पालन करते हुए फैसला लेने की छूट प्रिंसिपल को दी गई है। डॉ. कालेके ने बताया कि रोजाना 400 से 500 बच्चों की कोरोना जांच होती है।
विज्ञापन
तीन विद्यार्थी मिले थे संक्रमित
स्कूल खुलने के कुछ दिन बाद ही बनूड़ के नजदीक धर्मगढ़ गांव के सरकारी हाई स्कूल में एक साथ तीन बच्चों को शुरुआती जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद धर्मगढ़ गांव के स्कूल को बंद कर स्कूल के स्टाफ को एकांतवास की सलाह दी गई थी। अब इलाज के बाद तीनों विद्यार्थी सामान्य हैं, साथ ही पूरा स्टाफ और विद्यार्थी भी स्वस्थ हैं। इसके बाद स्कूल को दोबारा खोल दिया गया है।
हर जिले में 4000 छात्रों की कोरोना जांच का लक्ष्य
सरकार ने हर जिले को रोजाना स्कूलों में 4000 विद्यार्थियों की कोरोना जांच का लक्ष्य दिया है। सरकार के आदेश के बावजूद मोहाली में महज 10 से 12 प्रतिशत बच्चों की कोरोना जांच ही हो पा रही है। इसकी वजह जानने पर दोनों विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देते हैं। डीईओ डॉ. जरनैल सिंह कालेके का कहना है कि सेहत विभाग के पास टीमों की कमी है, जिसकी वजह से कम जांच हो पाती है। दूसरी तरफ, सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर का इस मुद्दे पर कहना है कि जांच के लिए शेड्यूल स्कूल और विभाग भेजता है, जिसके आधार पर मोबाइल टीम जाकर जांच करती है। विभाग की तरफ से आने वाले शेड्यूल के हिसाब से रोजाना 400 से 500 बच्चों की कोरोना जांच की जा रही है।