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Mohali News: ट्रेडिंग के नाम पर 27.88 लाख ठगे, मामला दर्ज
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मोहाली। साइबर ठगी के एक बड़े मामले में अज्ञात आरोपियों ने एक युवक से ट्रेडिंग के नाम पर 27.88 लाख रुपये ठग लिए। मामले की जांच के बाद साइबर क्राइम थाना मोहाली में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। शिकायतकर्ता विशाल कुमार मेंहदीरता निवासी शिवालिक पाम सिटी सेक्टर-127, खरड़ ने एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि 12 फरवरी 2025 को उन्हें व्हाट्सएप पर एचएसबीसी कैपिटल कस्टमर केयर और ट्रेडिंग नंबर नामक ग्रुप में जोड़ा गया।
ग्रुप में मौजूद लोगों ने उन्हें ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया और एक लिंक भेजकर मोबाइल एप डाउनलोड करवाई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उनसे विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। उन्होंने 12 फरवरी से 20 फरवरी 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 27.88 लाख रुपये आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आईडीबीआई बैंक और बंधन बैंक के खातों में जमा करवाए। शुरुआत में उन्हें 5.50 लाख रुपये वापस भी मिले, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। बाद में जब उन्होंने अपने पूरे पैसे निकालने की बात कही तो आरोपी, जो खुद को प्रिया शर्मा बता रही थी, ने कहा कि पैसे निकालने के लिए उन्हें एक करोड़ रुपये का निवेश पूरा करना होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि उनका पैसा आईपीओ में ब्लॉक हो गया है। उसे निकालने के लिए 30.64 लाख रुपये और जमा कराने होंगे। जांच में सामने आया कि जिस आईपीओ का जिक्र किया गया, उसमें शिकायतकर्ता ने कभी आवेदन ही नहीं किया था। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
जांच में पाया गया कि अज्ञात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से ट्रेडिंग का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। साथ ही लोगों को ऐसे ऑनलाइन निवेश ऑफरों से सावधान रहने की अपील की गई है।
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ग्रुप में मौजूद लोगों ने उन्हें ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया और एक लिंक भेजकर मोबाइल एप डाउनलोड करवाई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उनसे विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। उन्होंने 12 फरवरी से 20 फरवरी 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 27.88 लाख रुपये आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आईडीबीआई बैंक और बंधन बैंक के खातों में जमा करवाए। शुरुआत में उन्हें 5.50 लाख रुपये वापस भी मिले, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। बाद में जब उन्होंने अपने पूरे पैसे निकालने की बात कही तो आरोपी, जो खुद को प्रिया शर्मा बता रही थी, ने कहा कि पैसे निकालने के लिए उन्हें एक करोड़ रुपये का निवेश पूरा करना होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि उनका पैसा आईपीओ में ब्लॉक हो गया है। उसे निकालने के लिए 30.64 लाख रुपये और जमा कराने होंगे। जांच में सामने आया कि जिस आईपीओ का जिक्र किया गया, उसमें शिकायतकर्ता ने कभी आवेदन ही नहीं किया था। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
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जांच में पाया गया कि अज्ञात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से ट्रेडिंग का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। साथ ही लोगों को ऐसे ऑनलाइन निवेश ऑफरों से सावधान रहने की अपील की गई है।
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