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Mohali News: होमी भाभा कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में 24 घंटे आपातकालीन सेवा शुरू
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नयागांव। न्यू चंडीगढ़ के मेडिसिटी में स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में सालभर बाद अब ओपीडी के साथ 24 घंटे आपातकालीन सेवा शुरू हो गई है।
24 अगस्त 2022 को जब पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था तब वहां ओपीडी और डे-केयर (कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी आदि) ही संचालित होती थी। उस समय ऑपरेशन थिएटर और अन्य सुविधाएं नहीं थीं। इससे मरीजों के ऑपरेशन आदि नहीं हो पाते थे। अस्पताल में पहले निर्माण चलते होने के कारण ऑपरेशन थिएटर शुरू नहीं हो पाया था लेकिन अब अस्पताल ने पूर्ण तौर पर सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। अब वहां कैंसर की पहचान होने के बाद मरीजों को ऑपरेशन के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि अब अस्पताल ऑपरेशन थिएटर के साथ ही 24 घंटे की आपातकालीन सेवा भी शुरू हो गई है।
कैंसर अस्पताल में 300 बेड की क्षमता है। इसमें अभी 65 मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के साथ ही डेकेयर (कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी आदि) के 35 बेड रोजाना फुल चल रहे हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों से कैंसर का इलाज किया जा रहा है। संवाद
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नौ से पांच बजे तक चलती है ओपीडी
अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को आकर रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। इसके बाद रिसेप्शन पर पर्ची देनी होगी। वह मरीज से बातचीत करके उनके वर्ग (आयुष्मान कार्ड, सामान्य मरीज, ईसीएचएस, ईएसआई आदि) के अनुसार उन्हें इलाज की सुविधा देंगे। गरीब मरीजों के लिए अस्पताल में एक अलग फंड की व्यवस्था भी है जिसकी जानकारी रिसेप्शन पर ही दी जाती है। रिसेप्शन पर काम निपटने के बाद नौ से पांच के बीच डॉक्टर को दिखाकर दवा ले सकते हैं।
बिना मरीज को लाए रिपोर्ट दिखा सकते हैं परिजन
अस्पताल में इलाज के अलावा कैंसर के मरीजों के परिजन किसी और अस्पताल से चल रहे इलाज की रिपोर्ट को भी यहां दिखा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मरीज को लाने की जरूरत नहीं होगी। वह अपनी बीमारी संबंधी सारे दस्तावेज साथ लाकर अस्पताल में दो हजार रुपये की फीस भरकर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
सीटीयू की 28-बी बस से आ सकते हैं अस्पताल
बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के पास अस्पताल तक पहुंचने के लिए निजी टैक्सी सेवा, ऑटो समेत कई साधन उपलब्ध हैं। वहीं, आईएसबीटी-43 से सीटीयू की लोकल बस नंबर 28बी के जरिए भी सीधा वहां पहुंचा जा सकता है। इलाज कराने के बाद इस बस नंबर के जरिए वापस आया जा सकता है। इसके अलावा चंडीगढ़ से खिजराबाद को जाने वाली बस से भी जा सकते हैं लेकिन उस बस से जाने पर अस्पताल से आधा किलोमीटर पहले उतरना होगा।
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24 अगस्त 2022 को जब पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था तब वहां ओपीडी और डे-केयर (कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी आदि) ही संचालित होती थी। उस समय ऑपरेशन थिएटर और अन्य सुविधाएं नहीं थीं। इससे मरीजों के ऑपरेशन आदि नहीं हो पाते थे। अस्पताल में पहले निर्माण चलते होने के कारण ऑपरेशन थिएटर शुरू नहीं हो पाया था लेकिन अब अस्पताल ने पूर्ण तौर पर सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। अब वहां कैंसर की पहचान होने के बाद मरीजों को ऑपरेशन के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि अब अस्पताल ऑपरेशन थिएटर के साथ ही 24 घंटे की आपातकालीन सेवा भी शुरू हो गई है।
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कैंसर अस्पताल में 300 बेड की क्षमता है। इसमें अभी 65 मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के साथ ही डेकेयर (कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी आदि) के 35 बेड रोजाना फुल चल रहे हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों से कैंसर का इलाज किया जा रहा है। संवाद
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नौ से पांच बजे तक चलती है ओपीडी
अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को आकर रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। इसके बाद रिसेप्शन पर पर्ची देनी होगी। वह मरीज से बातचीत करके उनके वर्ग (आयुष्मान कार्ड, सामान्य मरीज, ईसीएचएस, ईएसआई आदि) के अनुसार उन्हें इलाज की सुविधा देंगे। गरीब मरीजों के लिए अस्पताल में एक अलग फंड की व्यवस्था भी है जिसकी जानकारी रिसेप्शन पर ही दी जाती है। रिसेप्शन पर काम निपटने के बाद नौ से पांच के बीच डॉक्टर को दिखाकर दवा ले सकते हैं।
बिना मरीज को लाए रिपोर्ट दिखा सकते हैं परिजन
अस्पताल में इलाज के अलावा कैंसर के मरीजों के परिजन किसी और अस्पताल से चल रहे इलाज की रिपोर्ट को भी यहां दिखा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मरीज को लाने की जरूरत नहीं होगी। वह अपनी बीमारी संबंधी सारे दस्तावेज साथ लाकर अस्पताल में दो हजार रुपये की फीस भरकर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
सीटीयू की 28-बी बस से आ सकते हैं अस्पताल
बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के पास अस्पताल तक पहुंचने के लिए निजी टैक्सी सेवा, ऑटो समेत कई साधन उपलब्ध हैं। वहीं, आईएसबीटी-43 से सीटीयू की लोकल बस नंबर 28बी के जरिए भी सीधा वहां पहुंचा जा सकता है। इलाज कराने के बाद इस बस नंबर के जरिए वापस आया जा सकता है। इसके अलावा चंडीगढ़ से खिजराबाद को जाने वाली बस से भी जा सकते हैं लेकिन उस बस से जाने पर अस्पताल से आधा किलोमीटर पहले उतरना होगा।